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'व्यापार पर मतभेद मिटाए जा सकते हैं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा है कि दोहा दौर की व्यापार वार्ता को लेकर अमरीका और भारत के बीच मतभेदों को मिटाया जा सकता है. ये बात कमलनाथ ने अमरीका-भारत बिज़नेस कांउसिल की 32वीं सालगिरह पर वाशिंगटन में कही. कुछ दिन पहले ही जर्मनी में भारत,ब्राज़ील, यूरोपीय संघ और अमरीका के बीच विश्व व्यापार को लेकर हुई वार्ता विफल रही थी. यूरोपीय संघ और अमरीका का कहना था कि भारत और ब्राज़ील पश्चिमी देशों के उत्पादों के लिए अपना बाज़ार नहीं खोल रहे. जबकि भारतीय वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा था कि अमरीका और यूरोपीय संघ के रवैये में बदलाव की ज़रूरत है. अब अमरीका की राजधानी वाशिंगटन आए भारतीय वाणिज्य मंत्री ने कहा है कि प्रयास यही है कि जो भी समझौता हो वो केवल मुक्त व्यापार को लेकर न हो बल्कि ऐसे व्यापार को लेकर हो जिसमें न्याय हो. बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि बात कृषि क्षेत्र पर अटकी हुई है. वाणिज्य मंत्री का कहना था, "कृषि क्षेत्र बहुत नाज़ुक है भारत के लिए. भारत के किसान को विश्व बाज़ार में प्रवेश करने का मौका मिले ये बहुत ज़रूरी है. साथ ही बड़े-बड़े विकसित देशों की अनुदान प्राप्त कृषि उपज भारत में आए ये हम स्वीकार नहीं कर सकते." 'हितों का ध्यान रखना ज़रूरी' कमलनाथ ने कहा है कि कोशिश की जा रही है कि जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है उन पर पुनर्विचार हो. अमरीका-भारत बिज़नेस कांउसिल के समारोह में अमरीकी प्रतिनिधि सुज़न शवाब ने भी हिस्सा लिया. जर्मनी में व्यापार वार्ता विफल होने के बाद दोनों की ये पहली मुलाकात थी. सुज़न शवाब ने कमलनाथ से अलग से मुलाकात की. उन्होंने कहा, "किसी भी तरह के विश्व व्यापार समझौते में अमरीका और अन्य विकसित देशों का दायित्व है कि वो अपने बाज़ार खोलें लेकिन भारत, ब्राज़ील और चीन जैसे देशों को भी थोड़ा भार तो लेना पड़ेगा." लेकिन कमलनाथ का तर्क था कि भारत को अन्य विकाशील देशों के हितों का भी ध्यान रखना होगा क्योंकि खराब समझौते से उनके हितों पर असर पड़ सकता है. वाणिज्य मंत्री ने बताया कि बातचीत को आगे बढ़ाने को लेकर सुज़न शवाब से उनकी बातचीत 'अच्छी' रही. उन्होंने कहा कि अन्य विकासशील देशों के मुकाबले भारत से मतभेद मिटाना अमरीका के लिए आसान होगा. अमरीका-भारत बिज़नेस कांउसिल की 32वीं सालगिरह पर वाशिंगटन में भारीतय उद्योगपति मुकेश अंबानी को ग्लोबल विज़न अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुकेश अंबानी को ग्लोबल विज़न अवॉर्ड25 जून, 2007 | कारोबार 'विश्व व्यापार के मुद्दे पर समझौता संभव'22 जून, 2007 | कारोबार 'व्यापार वार्ता शुरू होनी चाहिए' 27 जनवरी, 2007 | कारोबार अब डब्लूटीओ में शामिल हो पाएगा रूस19 नवंबर, 2006 | कारोबार डब्ल्यूटीओ वार्ता शुरु करने पर सहमति11 सितंबर, 2006 | कारोबार ग़रीबी उन्मूलन पर ध्यान देने की सलाह01 सितंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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