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..देख तमाशा दरियादिल सौदागर का | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लालू यादव रेल बजट पेश करने के दौरान विपक्ष के हंगामे के बावजूद अच्छे मूड में थे और उन्होंने अपने चुटीले अंदाज़ में कई शेर पढ़ साथी सांसदों की खूब तालियाँ बटोरीं. लालू ने रेलवे को 20 हज़ार करोड़ रुपए का लाभ होने की घोषणा करते हुए इसका श्रेय रेलवे कर्मचारियों की मेहनत को दिया और कुछ इस अंदाज़ में उनकी तारीफ़ की, नवाज़िश है सबकी, करम है सभी का, बड़े फ़ख्र से हम बुलंदी पर आए. तरक्क़ी के सारे मयारों से आगे, नए ढंग लाए, नई सोच लाए. लालू ने रेलवे को सामाजिक दायित्व को इस तरह बयाँ किया, माना कि बड़ी-बड़ी बातें करना हमें नहीं आया, मगर दिल पर बड़ी कारीगरी से नाम लिखते हैं. उन्होंने कहा कि रेलवे के 150 साल के इतिहास में शायद ये पहला वर्ष है, जब रेलवे के खाते में 16 हज़ार करोड़ रुपए हो गए हैं. उन्होंने कहा, जितना अब तक देख चुके हो, ये तो बस शुरुआत है. साधारण श्रेणी के यात्रियों के लिए गद्देदार सीटों की व्यवस्था की घोषणा उन्होंने यूँ की, बात मैं क़ायदे की करता हूँ, देश के फायदे की करता हूँ. विपक्ष की नारेबाज़ी के बीच ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजनाओं के खुलासे से पहले लालू ने कहा, हो इज़ाजत तो करूँ बयां दिल अपना, रेल मंत्री ने माना कि कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के चलते ही रेलवे का कायाकल्प हुआ है. उनके लिए कल्याण कार्यक्रमों की घोषणा पर उन्होंने कहा, जिसने पहुँचाया बुलंदी पर उसे सम्मान दें, लालू ने द्वितीय श्रेणी के किराए में एक रूपए प्रति यात्री की कमी की घोषणा कुछ यूँ की, दौरे मँहगाई में रेल सस्ती रखी, रेल मंत्री ने अपना भाषण भी शेर पढ़कर समाप्त किया. उन्होंने कहा, हर साल नया साल तरक्क़ी का, प्रगति का. | इससे जुड़ी ख़बरें रेल बजट का स्वागत भी, विरोध भी26 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस रेल बजट: किरायों में कटौती की घोषणा26 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस रेल बजट: एक नज़र में 26 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस हंगामे के बीच लालू का रेल बजट पेश 25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'बुनियादी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की ज़रूरत'07 अगस्त, 2006 | कारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था: एक नज़र24 फ़रवरी, 2007 | कारोबार महँगाई के चलते घट सकता है सीमा शुल्क 24 फ़रवरी, 2007 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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