|
वॉलमार्ट पर लिंगभेद का बड़ा मामला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट को लिंगभेद के लिए अपनी 15 लाख महिला कर्मचारियों को अरबों डॉलर के मुआवज़े का भुगतान करना पड़ सकता है. वॉलमार्ट में काम करने वाली सात महिलाओं ने आरोप लगाया था कि वेतन देने से लेकर पदोन्नति तक सभी मामले में उनके साथ महिला होने के कारण भेदभाव किया जाता है. अमरीका की एक केंद्रीय अदालत ने इस पर फ़ैसला देते हुए इस मामलो को कंपनी में काम करने वाली सभी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के रुप में देखते हुए मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है. यह अमरीकी इतिहास में लिंगभेद का अब तक का सबसे बड़ा मामला है. और यह मामला झेल रही है अमरीका की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी, जो देश में सबसे ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी है. कंपनी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसकी नीतियाँ भेदभाव करने वाली नहीं हैं. वॉलमार्ट का कहना है कि वह इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करेगा. मामला लिंगभेद की शिकायत की थी वॉलमार्ट की सात महिलाओं ने. उनका आरोप था कि वेतन से लेकर पदोन्नति तक सभी मामले में उनके साथ इसलिए भेदभाव किया गया क्योंकि वे महिला थीं.
शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि वॉलमार्ट महिला कर्मचारियों को पुरुष कर्मचारियों की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत कम वेतन देता है. उन्होंने कहा था कि पदोन्नति में भी इसी तरह का भेदभाव किया जाता है. उल्लेखनीय है कि वॉलमार्ट में दो तिहाई कर्मचारी महिलाएँ हैं. सैनफ़्रांसिस्को की एक अदालत ने इस मामले पर फ़ैसला दिया था कि इसे एक ‘सामूहिक मामले’ की तरह देखा जा सकता है और कंपनी की सभी वर्तमान और पूर्व महिलाओं के साथ भेदभाव करने के लिए मुक़दमा चलाया जा सकता है. इसके बाद कंपनी की 15 लाख वर्तमान और पू्र्व महिला कर्मचारियों के लिए यह रास्ता खुल गया था कि यदि वे चाहें तो इस मुक़दमे में शामिल हो सकती हैं. न्यायाधीश मार्टिन जेनकिंस ने कहा है कि इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि 1998 के पहले की जो नीतियाँ थीं उसके तहत महिला कर्मचारियों के साथ भेदभाव होता था. हालांकि इस फ़ैसले से न्यायाधीश एंड्र्यू क्लेनफ़ील्ड सहमत नहीं थे और उन्होंने कहा था कि भेदभाव सिर्फ़ पदोन्नति में दिखता है क्योंकि मैनेजरों में सिर्फ़ 15 प्रतिशत महिलाएँ हैं. यदि वॉलमार्ट यह मुक़दमा हार जाए तो उसे वर्तमान और पूर्व महिला कर्मचारियों को अरबों डॉलर का मुआवज़ा देना पड़ सकता है. वॉलमार्ट की अपील इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ वॉलमार्ट ने अपील की थी. लेकिन केंद्रीय अदालत ने निचली अदालत के 2004 के फ़ैसले को बरकरार रखते हुए इसे सामूहिक मामला ही मानकर मुक़दमा चलाने को कहा है.
वॉलमार्ट का कहना है कि अमरीका में उसके 3,400 स्टोर्स हैं और यह किसी के लिए संभव नहीं होगा कि सभी स्टोर्स में जाकर महिलाओं के साथ भेदभाव की जाँच कर सके. कंपनी का कहना था कि इस सामूहिक मामला नहीं मानना चाहिए और जिस स्टोर में भी महिलाओं को शिकायत हो उन्हें अलग-अलग मुक़दमा दायर करना चाहिए. महिलाओं का मुक़दमा लड़ रहे वकील ब्रैड सेलिगमैन ने कहा है कि उनके आरोपों की दो अदालतों ने पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा, “वॉलमार्ट अपील करता रहे, हमें पूरा भरोसा है कि हम जीतेंगे. आख़िर दो अदालतों ने हमारे सबूतों को माना है.” हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब वॉलमार्ट को अदालत में मुआवज़े के लिए लड़ना पड़ रहा है. इससे पहले पिछले साल ही कंपनी को उन कर्मचारियों को 7 करोड़ 80 लाख डॉलर का मुआवज़ा देने के निर्देश दिए थे, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान बिना ‘ब्रेक’ लिए काम किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें रिलायंस को विदेशी कंपनियों से डर नहीं29 जनवरी, 2007 | कारोबार कार कंपनी फ़ोर्ड को रिकॉर्ड नुक़सान25 जनवरी, 2007 | कारोबार भारती ग्रुप का वालमार्ट के साथ समझौता27 नवंबर, 2006 | कारोबार देश का चेहरा बदलने को तैयार हैं मित्तल27 नवंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||