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रविवार, 17 दिसंबर, 2006 को 14:58 GMT तक के समाचार
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'एसईजेड से 15 लाख लोगों को रोज़गार'

आईटी जानकार
रिपोर्ट में ख़ास तौर पर आईटी एसईजेड पर ज़ोर दिया गया है
वाणिज्य संगठन एसोचैम और प्राइस वाटर हाउस कूपर्स (पीडब्लूसी) का कहना है कि विशेष ज़ोन के बनने से अगले चार वर्षों में 15 लाख लोगों को रोज़गार मिल सकता है.

दोनों संगठनों की साझा अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक एसईजेड में वर्ष 2007-08 तक रोज़गार के पाँच लाख नए अवसर निकलेंगे और यह संख्या वर्ष 2010 तक 15 लाख हो जाएगी.

रिपोर्ट इस बात से भी इनकार करती है कि एसईजेड से राज्यों और केंद्र सरकारों को राजस्व घाटा होगा. एसोचैम के मुताबिक एसईजेड की संख्या बढ़ने से आर्थिक गतिविधि तेज़ होगी जिसका फ़ायदा देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा.

 चीन में एसईजेड की विकास दर राष्ट्रीय विकास दर की दोगुनी है और भारत को भी वहाँ का मॉडल अपनाना चाहिए
अनिल कुमार अग्रवाल

रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी 30 से ज़्यादा एसईजेड पर काम चल रहा है कि जिसमें 2500 करोड़ रूपए का निवेश हुआ है और लगभग डेढ लाख लोगों को रोज़गार मिल चुका है.

अध्ययन रिपोर्ट के बारे में एसोचैम के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल का कहना है, "चीन में एसईजेड का क्षेत्रफल देश के कुल भू-भाग का एक फ़ीसदी से भी कम है लेकिन जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी सात फ़ीसदी से भी अधिक है."

वो कहते हैं, "चीन में एसईजेड की विकास दर राष्ट्रीय विकास दर की दोगुनी है और भारत को भी वहाँ का मॉडल अपनाना चाहिए."

बुनियादी ढाँचा

एसोचैम की दलील है कि एसईजेड से बुनियादी संरचना के विकास में निजी पूँजी की आवक बढ़ेगी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई में भी इजाफ़ा होगा.

रिपोर्ट में ख़ास तौर पर सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े एसईजेड की उपयोगिता का ज़िक्र किया गया है.

इसमें कहा गया है, "आईटी एसईजेड अधिसूचना जारी होने के छह महीने के भीतर शुरू हो सकते हैं. इसलिए मंजूरी मिल चुके 130 आईटी एसईजेड स्थापित होते ही नौ से 12 अरब डॉलर का निवेश होगा और युवाओं को रोज़गार के भारी अवसर मिलेंगे."

एसोचैम के आकलन के मुताबिक आईटी और बीपीओ का विश्व बाज़ार लगभग 300 अरब डॉलर का है जिसमें भारत की भागीदारी अकेले 22 अरब डॉलर है, इस स्थिति में अग़र आईटी आधारित एसईजेड को बढ़ावा मिले तो भारत विश्व बाज़ार के आधे से ज़्यादा हिस्से पर काबिज हो सकता है.

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