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फ़ोक्सवॉगन घपले की सीबीआई जाँच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से फ़ोक्सवॉगन रिश्वत मामले की सीबीआई से जाँच कराने का अनुरोध किया है. ऐसे आरोप हैं कि कार निर्माता कंपनी फ़ोक्सवॉगन के भारत स्थित प्रतिनिधि ने आँध्र प्रदेश में कार संयंत्र स्थापित करने के लिए रिश्वत मांगी थी. इन विवादों के बाद आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने गुरुवार को सीबीआई से जाँच का अनुरोध किया है. यह मामला पिछले महीने तब चर्चा में आया जब फ़ोक्सवॉगन के प्रतिनिधि हेल्मुट शूस्टर ने संभावित आपूर्तिकर्ताओं से रिश्वत लेने के आरोपों के बाद इस्तीफ़ा दे दिया. आँध्र प्रदेश सरकार फ़ोक्सवॉगन का संयंत्र राज्य में लगवाने का प्रयास कर रही थी. घपला ऐसी ख़बरें आईं थीं कि आंध्र प्रदेश सरकार ने 'वशिष्टवाहन' नामक दिल्ली स्थित एक बेनामी कंपनी के खाते में 20 लाख डॉलर की रकम जमा करा दी थी. इस कंपनी का नाम फ़ोक्सवॉगन से मिलता जुलता है और माना जा रहा है कि यह जानबूझकर रखा गया था. लेकिन कुछ दिनों बाद कंपनी ने हेल्मुट शूस्टर को कथित धोखाधड़ी के आरोपों के बाद निकाल दिया. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने सीबीआई की जाँच के आदेश तब दिए जब उन्हें पता चला कि हेल्मुट शूस्टर ने यह धनराशि निकाल ली. इस बीच मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने उद्योग मंत्री बी सत्यनारायण का विभाग बदल दिया है. सत्यनारायण फ़ोक्सवॉगन से बातचीत में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे. |
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