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रोल्स रॉयस की सौवीं सालगिरह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोल्स रॉयस के दो आपस में जुड़े हुए आर एस और बोनेट पर बाँहें खोली हुई लड़की को दिखाता स्पिरिट ऑफ़ एक्सटेसी मेस्कट आज प्रतीक है पैसे, खूबसूरती और आन-बान-शान का. रोल्स रॉयस का यह सफ़र शुरू हुआ था इंग्लैंड के मैनचेस्टर शहर में चार मई 1904 को चार्ल्स स्टीवर्ट रोल्स और फ़्रेडरिक हेनरी रोएस के बीच एक मुलाक़ात से. एक कार आयात करने का काम करते थे और दूसरे का शौक कारें बनाना था. उन दोनों के लिए कार एक जूनून था. और उसी दिन उन्होंने योजना बनाई और जल्द ही न सिर्फ़ मोटर बल्कि हवाई उड़ान के लिए भी उन्होंने एक नए युग की शुरूआत कर दी थी. बेहतरीन गाड़ी 1907 तक रोल्स रॉयस ने सिल्वर गोस्ट नाम की कार बना ली थी जिसे जल्दी ही दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गाड़ी माना जाने लगा. और अगले सौ सालों के लिए रोल्स रॉयस का मतलब था शानदार गाड़ियां, बेहतरीन, नर्म चमड़ी की सीटों से सुसज्जित और किसी जादुई कालीन जैसी उनकी चाल और इंजिन की ख़ास गड़गड़ाहट. 10 साल बाद जब विश्व युद्ध शुरू हुआ मंहगी कारों का बाज़ार ठंड़ा पड़ गया लेकिन रोल्स रॉयस कंपनी में काम जारी था. हवाई जहाज़ों के इंजन बन रहे थे और सेना के लिए बख़्तरबंद कारें. रोल्स रॉयस के बनाए ईगन इंजिन को पहले विश्व युद्ध के कई विमानों में उपयोग किया गया. फिर दूसरे विश्व युद्ध से पहले रोल्स रॉयस ने बेंटली कंपनी भी ख़रीदी और 1971 में उनके हवाई जहाज़ और मोटरिंग हिस्सों का बंटवारा हुआ. 1998 से दुनिया की सबसे मंहगी, ऐशो आराम और रईसी का प्रतीक माने जानी वाली इन कारों की मालिक बन गई जर्मन कंपनी बीएमडब्लू के. सालगिरह की तैयारी
और अपनी सौंवी वर्षगांठ मनाने के लिए रोल्स रॉयस एक नई नवेली शानदार कार बना रहा है जिसका नाम है सेंटेनरी फ़ैंटम और इस मॉडल की केवल 35 गाड़ियां ही बनाई जाएंगी. सर हेनरी रोएस फ़ाउंडेशन के फ़िलीप हॉल रोल्स रॉयस के बारे में कहते हैं कि रोल्स रॉयस कार कला का एक बेहतरीन नमूना है. वे कहते हैं,"ख़ूबसूरत इंजीनियरिंग का कमाल है ये..मेरे लिए वही उसका आकर्षण है, और मेरे ख्याल से बहुत से अन्य लोगों के लिए भी." आज मैनचेस्टर के मिडलैंड्स हॉल में उस ऐतिहासिक मुलाक़ात को याद करते हुए शुरू हुआ उत्सव जुलाई तक चलेगा और ब्रिटेन के अलावा जर्मनी, स्कैंडिनेविया, उत्तरी अमरीका और सुदूर पूर्व तक मनाया जाएगा. |
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