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ग्लोबल ट्रस्ट बैंक का ओबीसी में विलय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ओरिएंयटल बैंक के अध्यक्ष बी डी नारंग ने कहा है कि ग्लोबल ट्रस्ट बैंक के साथ उनके बैंक के विलय से उन्हें फ़ायदा होगा और एक वर्ष के भीतर बैंक को उबार लिया जाएगा. उन्होंने कहा,"ग्लोबल ट्रस्ट बैंक की कमज़ोरी उनकी ख़राब संपत्ति थी और हमारे बैंक की ख़ूबी ख़राब संपत्ति को दुरूस्त करना है". भारतीय रिज़र्व बैंक ने सोमवार को संकटग्रस्त ग्लोबल ट्रस्ट बैंक के ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स में विलय की घोषणा की है. रिज़र्व बैंक की कार्यकारी निदेशक उषा थोरट ने बताया है कि दोनों बैंकों के विलय की योजना वेबसाइट पर रखी जाएगी जिसपर सात अगस्त तक विचार लिए जाएँगे. अधिकारी ने बताया कि रिज़र्व बैंक और बाज़ार पर नियंत्रण रखने वाली संस्था सेबी इस विलय की प्रक्रिया को जल्दी आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि विलय की योजना को सरकारी मंज़ूरी के बाद विलय प्रभावी हो जाएगा. भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 जुलाई को निजी क्षेत्र के ग्लोबल ट्रस्ट बैंक को अपना कारोबार तीन महीने के लिए स्थगित करने का आदेश दिया था. इसके बाद भारत में हज़ारों निवेशकों में खलबली मच गई और कई लोगों ने कई जगह पर बैंक के एटीएम तोड़ दिए. संकट आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद शहर में मुख्यालय वाले ग्लोबल ट्रस्ट बैंक को पिछले कुछ समय से धन की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था. ये समस्या उस समय गंभीर हो गई जब बैंक के संस्थापक-चेयरमैन रमेश गिल्ली को अनियमितताओं और गबन के आरोप में कुछ दिन पहले हटा दिया गया था. ग्लोबल ट्रस्ट बैंक के लगभग आठ लाख निवेशक हैं जिनका इस बैंक में लगभग 50 अरब रुपया जमा है. अब इन तीन महीनों में निवेशकों को दस-दस हज़ार रुपए तक निकालने की अनुमति होगी. ग्लोबल ट्रस्ट बैंक 1991 में भारत की नई बैंकिंग नीति आने के बाद देश का पहला निजी क्षेत्र का बैंक था. इससे आँध्र प्रदेश में निवेशकों को भारी धक्का लगा है क्योंकि उस राज्य में बहुत सारे सहकारी बैंक पहले ही बंद हो चुके हैं. |
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