|
ग्लोबल ट्रस्ट बैंक का कामकाज रुका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में हज़ारों निवेशकों में उस समय खलबली मच गई जब भारतीय रिज़र्व बैंक ने निजी क्षेत्र के ग्लोबल ट्रस्ट बैंक को अपना कामकाज स्थगित करने का आदेश दिया. ग्लोबल ट्रस्ट बैंक को तीन महीने के लिए लेन-देन बंद करने को कहा गया है. ख़बर मिलते ही निवेशकों में अफ़रातफ़री मच गई और कई लोगों ने कई जगह पर बैंक के एटीएम तोड़ दिए. इस बैंक को पिछले कुछ समय से पैसों की दिक़्क़त का सामना करना पड़ रहा है. ये समस्या उस समय गंभीर हो गई जब बैंक के संस्थापक-चेयरमैन रमेश गिल्ली को अनियमितताओं और ग़बन के आरोप में उनके पद से हटाया गया. ग्लोबल ट्रस्ट बैंक के लगभग आठ लाख निवेशक हैं जिनका इस बैंक में लगभग 50 अरब रुपया जमा है. अब इन तीन महीनों में निवेशकों को दस-दस हज़ार रुपए तक निकलवाने की अनुमति होगी. ये 1991 की बैंकिंग नीति आने के बाद भारत का पहला निजी क्षेत्र का बैंक था. इससे आँध्र प्रदेश में निवेशकों को भारी धक्का लगा है क्योंकि उस राज्य में बहुत सारे सहकारी बैंक पहले ही बंद हो चुके हैं. ग्लोबल ट्रस्ट बैंक का मुख्यालय राज्य की राजधानी हैदराबाद में है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||