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शेयर बाज़ार में निराशा, सेंसेक्स नीचे गिरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूपीए सरकार के पहले बजट पर शेयर बाज़ार में उथल-पुथल रही. मुंबई शेयर बाज़ार का 30 शेयरों का सूचकांक पहले तो ऊपर गया मगर जैसे-जैसे वित्तमंत्री का भाषण आगे बढ़ा सूचकांक गिरना शुरू हुआ. आख़िरकार सूचकांक 112 अंक नीचे गिरकर बंद हुआ. इस्पात पर उत्पाद कर आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के वित्तमंत्री के प्रस्ताव का बाज़ार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और इस्पात के शेयरों के भाव नीचे गिरे. बजट के दिन कारोबार बुधवार के 4972 अंक के स्तर से शुरू हुआ था और वित्तमंत्री के बजट भाषण के शुरूआती अंश में एक समय 5000 अंक से ऊपर चला गया. लेकिन इसके बाद वित्तमंत्री ने जैसे ही करों के बारे में एलान करना शुरू किया और इस्पात पर उत्पाद कर बढ़ाने की बात की, शेयरों के भाव गिरने शुरू हुए. आख़िरकार शेयर बाज़ार न्यूनतम 4808.63 अंक तक जाकर 4843.84 अंक पर बंद हुआ. भाषण के बाद इस्पात क्षेत्र के शेयरों को बेचने की होड़ लग गई. मगर ट्रैक्टर, उर्वरक और दूरसंचार क्षेत्रों के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा. ट्रैक्टरों पर सीमा शुल्क पूरी तरह हटा ली गई है और खेती क्षेत्र में भी उत्पाद शुल्क में कई तरह की छूट का प्रस्ताव किया गया है. इसी तरह दूरसंचार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है. |
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