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इराक़ को एक अरब डॉलर देने का फ़ैसला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय दानकर्ता देशों ने इराक़ को पुनर्निर्माण के लिए एक अरब डॉलर देने का फ़ैसला किया है. ये फ़ैसला अबूधाबी में 40 देशों की एक बैठक में हुआ. बैठक ये विचार करने के लिए आयोजित की गई थी कि इराक़ को पिछले साल जिस 33 अरब डॉलर की मदद का वायदा किया गया था उसकी व्यवस्था कैसे हो और उसे ख़र्च कैसे किया जाए. इन देशों ने इराक़ को अभी एक अरब डॉलर देने का फ़ैसला तो किया है मगर इसके बावजूद इराक़ की माँग की तुलना में ये राशि काफ़ी कम है. माँग इराक़ की अंतरिम सरकार ने देश की ज़रूरत को देखते हुए तत्काल चार अरब डॉलर देने की माँग की थी.
इराक़ के योजना मंत्री मेहदी अल हाफ़ेद ने शनिवार को 700 ज़रूरी परियोजनाओं की सूची जारी की थी और कहा था कि इन पर चार अरब 20 करोड़ डॉलर का खर्च बैठेगा. इन परियोजनाओं में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरूस्त करना और बिजली तथा पानी की व्यवस्था शामिल है. लेकिन अबूधाबी में केवल एक अरब डॉलर दिए जाने पर सहमति के बावजूद इराक़ी मंत्री ने कहा है ये 'एक अच्छी शुरूआत' है. वायदा अबूधाबी में हुई बैठक में इराक़ की सहायता करनेवाले 40 देशों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि भी शामिल थे. अभी जो एक अरब डॉलर देने का वायदा किया गया है वो रकम संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक की ओर से चलाए जानेवाले दो राहत कोषों में दिया जाएगा. जापान को ये दायित्व सौंपा गया है कि वह ये सुनिश्चित करे कि ये सहायता राशि ठीक तरीक़े से ख़र्च हो रही है. उधर अमरीका ने कहा है कि वह इराक़ को सीधे तो राहत राशि देगा ही इराक़ की सहायता के लिए गठित राहत कोषों में भी योगदान करेगा. अबूधाबी की बैठक के दौरान इराक़ी मंत्री ने अपने देश के ऊपर 120 अरब के विदेशी ख़र्च का मुद्दा भी रखा और ये कहा कि इस कर्ज़ की माफ़ी के बारे में कोई निश्चित सहमति अभी नहीं हुई है. अमरीका ने विभिन्न देशों से कहा है कि वे इराक़ के कर्ज़ माफ़ कर दें और ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी तथा जापान ने वायदा किया है कि वे इस संबंध में इराक़ को रियायत देंगे. |
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