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हैलीबर्टन के ख़िलाफ़ आपराधिक जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन इस तरह के दावों की आपराधिक जाँच कर रहा है कि अमरीकी तेल कंपनी ने हैलीबर्टन ने इराक़ में अमरीकी सेना को दिए गए तेल की ज़्यादा क़ीमत वसूली है. पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि यह जाँच हैलीबर्टन की सहयोगी कैलोग, ब्राउ एंड रूट (केबीआर) नाम की कंपनी के ख़िलाफ़ होगी. इराक़ में मौजूद अमरीकी सेना के लिए विभिन्न साज़ सामान की आपूर्ति के लिए हैलीबर्टन के पास ही सबसे ज़्यादा ठेके हैं. पहले हैलीबर्टन कंपनी के अध्यक्ष अमरीका के मौजूदा उपराष्ट्रपति डिक चैनी थे और सन 2000 तक इसके प्रभारी थे. पेंटागन प्रवक्ता लैफ्टिनेंट कर्नल रोज़ एन लिंच ने बताया कि ज़रूरत से ज़्यादा क़ीमत वसूलने का यह मामला तब सामने आया जब केबीआर कंपनी के बिलों का जाँच की गई जो उसने भुगतान के लिए सरकार को सौंपे थे. निशाने पर हैलीबर्टन कंपनी ने यह मामला सामने आने के बाद कुछ क़दम उठाए हैं. उसने केबीआर के इराक़ में दो कर्मचारियों को एक कुवैती कंपनी से साठ लाख डॉलर की घूस लेने के आरोप में पिछले महीने निलंबित किया था.
इस महीने के आरंभ में हैलीबर्टन पेंटागन को क़रीब दो करोड़ सत्तर लाख डॉलर देने के लिए राज़ी हुई थी लेकिन उसने यह भी कहा था कि यह रक़म देने का यह मतलब नहीं है कि कंपनी ने कोई ग़लत काम किया है. अमरीका के कुछ रक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह रक़म संभवतः इराक़ में अमरीकी और कुवैती सैनिकों को भोजन की आपूर्ति के एक ठेके में ज़रूरत से ज़्यादा क़ीमत लगाने के मामले में पेंटागन को वापस की गई है. हैलीबर्टन ने फिलहाल तब तक अमरीकी सैना के भोजन की क़ीमत की वसूली तब तक रोक दी है जब तक कि कोई सर्वसम्मत रास्ता नहीं निकाल लिया जाता. |
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