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सबसे ज़्यादा वेतन भारतीयों के बढ़े
एशिया के जिस देश में लोगों की तनख़्वाह में सबसे ज़्यादा वृद्धि देखने में आई है वह है भारत. इसका मुख्य कारण कॉल सेंटर और सूचना तकनालाजी क्षेत्रों में विस्तार को बताया जा रहा है. हेविट ऐसोसियेट्स के ग्लोबल ह्यूमैन रिसोर्सेस विभाग के सर्वेक्षण में कहा गया है कि वर्ष 2003 में भारतीय कर्मचारियों के वेतन में 14 प्रतिशत तक की बढ़ौत्तरी देखी गई. इसके बाद नंबर है फ़िलीपींस का जहाँ पर वृद्धि इससे आधी यानी लगभग सात प्रतिशत थी. धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोलने वाले, कॉल सेंटर में काम करने वाले युवकों और युवतियों को इंगलैंड की कंपनियों के ज़रिए भारत में ही रोज़गार मिल जाता है. भारी बचत यह कंपनियाँ जब अपना काम दिल्ली और बंगलौर जैसे शहरों से कराती हैं तो उनके ख़र्चों में 40 प्रतिशत तक की कटौती हो जाती है.
जिन प्रमुख ब्रितानी कंपनियों ने भारत में अपने कॉल सेंटर स्थापित किए हैं वे हैं लॉयड टीएसबी बैंक, दूरसंचार कंपनी बीटी, विमानसेवा ब्रिटिश एयरवेज़ और इंश्योरेंस कंपनियाँ अवीवा और प्रूडेंशियल. बंगलौर स्थित मा फ़ोई कंसल्टेंट्स के एक प्रवक्ता का कहना है, इस समय जिन दो क्षेत्रों की भारी मांग है वे हैं सूचना तकनालाजी और बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग. और इसी क्षेत्र में कॉल सेंटर भी आते हैं जो भारत में फैलते ही जा रहे हैं. फिर भी हाल की इस वृद्धि के बावजूद भारत में वेतन इंगलैंड के मुक़ाबले बहुत कम हैं. और वेतन में बढ़ौत्तरी के बावजूद भारत एशिया के उन देशों में है जहाँ तनख्वाह अपेक्षाकृत कम है और बहुत से लोग ग़रीबी की रेखा के नीचे जीवन गुज़ार रहे हैं. |
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