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'मैक्जॉब्स' पर आया मैक्डॉनल्ड्स को मैक्गुस्सा
दुनिया की सबसे बड़ी फ़ास्ट फ़ूड कंपनी 'मैक्डॉनल्ड्स' की लड़ाई इस बार अपनी तरह की किसी दूसरी कंपनी से नहीं बल्कि मरीयम-वेबस्टर कॉलेजियट शब्दकोष से है. दरअसल इस शब्दकोष में एक शब्द है 'मैक्जॉब्स' जिसके अर्थ पर मैक्डॉनल्ड्स ने गहरी आपत्ति जताई है. आमतौर पर बाज़ार में मैक्डॉनल्ड्स में उपलब्ध तरह-तरह की नौकरियों को 'मैक्जॉब्स' कहा जाता है - ठीक वैसे ही जैसे वहाँ बिकने वाले बर्गर को मैक्बर्गर. लेकिन इस शब्द का जो अर्थ शब्दकोष में है उससे मैक्डॉनल्ड्स की छवि को झटका लग सकता है.
मरीयम-वेबस्टर के अनुसार 'मैक्जॉब्स' का मतलब है 'कम पैसों में बहुत ज़्यादा खटाने वाली नौकरी'. ज़ाहिर है मैक्डॉनल्ड्स को यह बहुत पसंद नहीं आया. मैक्डॉनल्ड्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुस्से में कहा, "किसी भी रेस्तराँ की नौकरी के वर्णन के लिए ये उपयुक्त शब्द नहीं है." समाचार एजेंसी एपी के अनुसार कैंटालुपो ने इसे "मैक्डॉनल्ड्स में दुनिया भर में काम करने वाले सवा करोड़ लोगों के गाल पर तमाचा" बताया है. उन्होंने मरियम-वेबस्टर शब्दकोष को एक खुला पत्र लिखा है जो कई मीडिया संगठनों को भी भेजा गया है. उस पत्र में लिखा है, "आज मैक्डॉनल्ड्स के विभिन्न रेस्तराँ पर मालिकाना हक़ रखने वाले एक हज़ार से अधिक लोगों ने अपनी नौकरी की शुरूआत काउंटर पर अपने ग्राहकों की सेवा कर के की थी." उल्लेखनीय है कि दुनिया की सबसे बड़ी फ़ास्ट फ़ूड कंपनी मैक्डॉनल्ड्स के दुनिया भर में तीस हज़ार से भी अधिक रेस्तराँ हैं जिनमें क़रीब पाँच लाख लोग काम करते हैं. इस विवाद में उछले शब्द 'मैक्जॉब्स' का इस्तेमाल सबसे पहले 1991 में अमरीकी उपन्यासकार डॉनल्ड कोपलैंड ने अपने उपन्यास 'जेनरेशन एक्स' में किया था. उन्होंने सेवा क्षेत्र की ऐसी नौकरियों के लिए इस शब्द का प्रयोग किया था जिनमें बहुत कम प्रतिष्ठा, स्वाभिमान और पैसों के साथ कोई निश्चित भविष्य न हो. |
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