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सबसे ज़्यादा 'वर्क परमिट' भारतीयों को
पिछले साल भारतीयों ने ब्रिटेन में सबसे अधिक वर्क परमिट यानी काम करने की अनुमति हासिल की है और अमरीकी लोगों को पीछे छोड़ दिया है. ब्रितानी सरकार ने गुरुवार को इस संबंध में आँकड़े जारी किए हैं जिनमें ये तथ्य उभरकर सामने आया है. वर्ष 2001 में सबसे अधिक वर्क परमिट अमरीकी नागरिकों ने हासिल किए थे. लेकिन 2002 में 4500 भारतीयों को तो कंप्यूटर के क्षेत्र में ही वर्क परमिट मिले. ब्रिटेन के सरकारी आँकड़ों के अनुसार 2002 में नौकरी के लिए एक लाख 29 हज़ार लोगों को नौकरी करने की अनुमति मिली जिसमें से 21 प्रतिशत भारतीय थे. दिलचस्प बात है कि 1995 से 2001 तक अमरीकी लोगों को सबसे अधिक वर्क परमिट मिला करते थे. लेकिन अब भारत ने अमरीका को पीछे छोड़ दिया है. कुल वर्क परमिटों में से केवल 11 प्रतिशत अमरीकी ब्रिटेन के नौकरी के बाज़ार में जगह पा सके हैं. इसके बाद दक्षिण अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया के लोगों का नंबर रहा. ये पाया गया कि कुछ नौकरियों में कुछ देशों की बढ़त भी देखी गई. जैसे नर्स, रेडियोग्राफर, फिज़ियोथेरेपिस्ट के कामों में फिलीपींस, नाइजीरिया और ज़िम्बाब्वे का दबदबा रहा. दूसरी ओर सूचना तकनीक की नौकरियों में भारत का प्रभुत्व रहा. जबकि प्रशासनिक पदों पर अमरीका और जापान के लोग छाए रहे. |
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