अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके की पहली जनसभा, पेरियार और द्रविड़ राष्ट्रवाद पर क्या बोले?

विजय ने टीवीके की पहली जनसभा में कहा कि कुछ पार्टियां लोगों को बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं, ऐसी पार्टियां वैचारिक स्तर पर हमारी दुश्मन हैं.

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दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है. उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (टीवीके) की पहली रैली तमिलनाडु के विल्लुपुरम ज़िले के विक्रवंडी में रविवार को हुई.

बताया जा रहा कि पार्टी की पहली ही रैली में लाखों लोगों की भीड़ जुटी थी. पार्टी की पहली जनसभा में बड़ी संख्या में एक्टर विजय के समर्थक उन्हें सुनने के लिए पहुंचे थे.

टीवीके की पहली जनसभा में विजय ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ पार्टियां लोगों को बांटने वाली राजनीति कर रही हैं, ऐसी पार्टियां वैचारिक स्तर पर हमारी दुश्मन हैं.

इसके साथ ही विजय ने द्रविड़ मॉडल के नाम पर धोखाधड़ी करने की निंदा की और “एक परिवार पर राज्य को लूटने” का आरोप लगाया.

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विजय ने इसी साल फरवरी महीने में तमिलनाडु और पुडुचेरी में काम करने के लिए एक अलग राजनीतिक दल की स्थापना की थी. इसी साल अगस्त महीने में उन्होंने पार्टी का झंडा और चिन्ह भी लॉन्च किया था.

टीवीके को चुनाव आयोग ने सितंबर महीने में आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी है. इसके साथ ही पार्टी को चुनाव लड़ने की अनुमति भी मिल गई है.

पार्टी को मान्यता मिलने के बाद विजय ने कहा था कि वो जल्द ही पार्टी की पहली जनसभा करेंगे.

पार्टी की विचारधारा पर क्या कहा?

रविवार का जनसभा में टीवीके की विचारधारा के बारे में बताते हुए एक्टर से राजनेता बने विजय ने कहा, "हम द्रविड़ राष्ट्रवाद और तमिल राष्ट्रवाद को अलग नहीं करेंगे."

उन्होंने कहा, "ये दोनों इस मिट्टी की दो आंखें हैं. हमें खुद को किसी खास पहचान तक सीमित नहीं रखना चाहिए."

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय की विचारधारा पर टिकी है. और टीवीके इसी आधार पर काम करेगी.

विजय ने कहा कि उनकी पार्टी पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलेगी, जिसमें महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को लेकर विचार शामिल हैं. हालांकि उन्होंने पेरियार के नास्तिकता से जुड़े सिद्धांत को मानने से इनकार किया.

इसके साथ ही विजय ने यह भी साफ किया कि टीवीके राज्य में दो भाषाओं को अपनाने की नीति पर काम करेगी. उन्होंने सरकारी काम काज के लिए तमिल और अंग्रेजी भाषा की पैरवी की.

विजय ने कहा कि उनकी पार्टी जातिगत जनगणना का समर्थन करती है.

2026 के चुनावी रण में उतरेगी पार्टी

टीवीके की पहली जनसभा

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विजय ने बताया कि टीवीके 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके लिए उनकी पार्टी गठबंधन के लिए भी तैयार है.

हालांकि विजय पहले ही ये एलान कर चुके थे कि उनकी पार्टी 2026 में तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरेगी.

विजय के इस एलान के बाद माना जा रहा है कि तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव दिलचस्प होगा. तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) का वर्चस्व रहा है.

हालांकि अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी के. अन्नामलाई के नेतृत्व में राज्य में पांव जमाने की कोशिश की है. हालांकि इस साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी तमिलनाडु में एक भी सीट नहीं जीत सकी.

एक दिन पहले से ही जुटने लगे थे समर्थक

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टीवीके की पहली जनसभा में शामिल होने के लिए विजय के समर्थक एक दिन पहले यानी शनिवार शाम से ही कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे थे, जिसकी वजह से आसपास की सड़कों में यातायात व्यवस्था बिगड़ने लगी थी.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, कार्यक्रम स्थल की ओर आने वाले वाहनों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने उलुंदुरपेट, विक्रवंडी और ओंगुर टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स की वसूली बंद कर दी, जिससे कि ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके.

वहीं विजय ने अपने समर्थकों और वॉलेंटियर्स से अपील की वो गर्मी से सावधान रहें और बचने के लिए उचित एहतियात बरतें.

इसके बावजूद जनसभा में गर्मी के कारण कई लोगों के बेहोश होने की ख़बर है. सोशल मीडिया में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक वॉलेंटियर बेहोश होकर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है और आसपास के लोग उसे संभाल रहे हैं.

कुछ लोग तेज़ गर्मी से बचने के लिए अपने सिर पर कुर्सी रखे हुए भी दिखे.

टीवीके वॉलेंटियर्स का कहना है कि लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है.

एक कार्यकर्ता ने एएनआई से कहा, “आज तमिलनाडु के लोगों के लिए जश्न का दिन है. हमारे पार्टी नेता विजय ने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव लाने के लिए पार्टी की शुरुआत की थी. आज वह हमें संबोधित कर रहे हैं, हम उन्हें सुनने के लिए उत्साहित हैं. हमें यकीन है कि 2026 में वो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनेंगे.”

टीवीके की पहली जनसभा में विजय को सुनने लाखों लोग आए

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राजनीति और पिता से विवाद

जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि राजनीति में आने के लिए उन्होंने अपना एक्टिंग करियर और अपनी कमाई पीछे छोड़ दी है.

उन्होंने कहा, "मैं यहां पर आपका विजय बनकर आया हूं और आप पर भरोसा करता हूं."

हालांकि विजय ये पहले ही एलान कर चुके थे कि राजनीति में आने के बाद वो एक्टिंग छोड़ देंगे और पूरी तरह से समाजसेवा करेंगे.

इसी साल सितंबर महीने में प्रोडक्शन हाउस केवीएन ने एक वीडियो जारी कर एलान किया था कि 30 अप्रैल 2025 को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म ‘थलपति 69’ उनकी आख़िरी फ़िल्म होगी.

एक्टर विजय से पहले उनके पिता भी एक राजनीतिक पार्टी बना चुके हैं. उनके पिता एस ए चंद्रशेखर की पार्टी का नाम ‘ऑल इंडिया थलपति विजय मक्कल इयक्कम’ है.

पार्टी के नाम को लेकर विजय और उनके पिता के बीच विवाद भी हुआ था. इस मामले को लेकर विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया था.

इस मामले में विजय ने यह मांग की थी कि उनके नाम का इस्तेमाल चुनाव संबंधी गतिविधियों में न किया जाए और उनके नाम पर भीड़ न जुटाई जाए.

इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़ चंद्रशेखर ने इससे पहले भी विजय के फैन क्लब को ऑल इंडिया थलपति विजय मक्कल इयक्कम के तहत एक राजनीतिक पार्टी के रूप में रजिस्टर करने की कोशिश की थी.

इस विवाद के बाद विजय ने एक बयान में कहा था, “मैं अपने प्रशंसकों और जनता को बताना चाहता हूं कि मेरे पिता की राजनीतिक पार्टी और मेरे बीच प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भी संबंध नहीं है.”

साउथ के वो एक्टर्स जिन्होंने राजनीति को चुना

एक्टर विजय से पहले पवन कल्याण, चिरंजीवी, एमजी रामचंद्रन, जयललिता, विजयकांत, एनटी रामा राव और कमल हासन जैसे साउथ के सुपरस्टार भी राजनीति में आ चुके हैं. कई एक्टर्स ने अपनी पार्टी भी बनाई है.

पवन कल्याण मशहूर एक्टर चिरंजीवी के छोटे भाई हैं. उन्होंने साल 2014 में ‘जन सेना’ पार्टी बनाई थी.

इस साल आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 21 सीटें जीती थीं, जबकि लोकसभा चुनाव में 2 सीटों पर जीत मिली थी.

जन सेना ने यह चुनाव बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ा था. विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने.

एक्टर चिरंजीवी ने साल 2008 में अपनी पार्टी ‘प्रजा राज्यम पार्टी’ की शुरुआत की थी, लेकिन 2011 में उनकी पार्टी का विलय कांग्रेस में हो गया.

चिरंजीवी अपने राजनीति सफर के दौरान राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे हैं.

तमिलनाडु की राजनीति में जाना-माना नाम एमजी रामचंद्रन, राजनीति में आने से पहले एक्टर थे. उन्होंने साल 1972 में एआईएडीएमके की स्थापना की थी. 1977 से 1987 के बीच रामचंद्रन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे.

इसी बीच 1982 में जानी मानी एक्ट्रेस और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता भी एआईएडीएमके में शामिल हो गईं. साल 1991 में वो पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं.

एक्टर विजयकांत ने साल 2005 में ‘देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम’ (डीएमडीके) की स्थापना की थी. साल 2011 से 2016 के बीच वो तमिलनाडु के विपक्ष के नेता भी रहे.

एक्टर कमल हासन भी अपनी पार्टी बना चुके हैं. उन्होंने साल 2018 में मक्कल नीधि मय्यम (एमएनएम) पार्टी की स्थापना की थी.

एनटीआर के नाम से मशहूर एक्टर एनटी रामाराव ने साल 1982 में आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना की थी.

एनटीआर क़रीब सात साल तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे. बाद में उनके दामाद चंद्रबाबू नायडू टीडीपी की कमान संभाली और वो भी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने.

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