हमास को चलाने वाले इन छह बड़े नेताओं के साथ क्या हुआ?

हमास
इमेज कैप्शन, हमास के प्रमुख नेता

7 अक्तूबर 2023, वो तारीख़ जब हमास ने इसराइल में घुसकर हमला किया और हमले में 1200 लोगों की मौत हुई थी.

इस हमले के बाद इसराइल ने जंग का एलान कर दिया और ये जंग अब भी जारी है.

एक साल बाद ग़ज़ा के कई इलाक़े तबाह हो चुके हैं. 40 हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.

इस एक साल के भीतर हमास के भी कुछ प्रमुख नेता मारे गए हैं.

इस लिस्ट में हालिया इसराइली हमले में मारे गए याह्या सिनवार से लेकर इस्माइल हनिया जैसे हमास के शीर्ष नेता शामिल हैं.

लेकिन इससे पहले हमास के प्रमुख नेता कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?

बीबीसी हिंदी का व्हाट्सऐप चैनल
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

याह्या सिनवार

याह्या सिनवार

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, याह्या सिनवार

7 अक्तूबर को जो हमला हुआ था, याह्या सिनवार उस हमले के पीछे प्रमुख चेहरा थे.

इसमें लगभग 1200 लोग मारे गए और 200 से ज़्यादा लोगों बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था. हमले के बाद से ही सिनवार इसराइल के निशाने पर थे.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

सिनवार ग़ज़ा में हमास के नेता थे लेकिन इस साल जुलाई में इस्माइल हनिया की मौत के बाद वो हमास के प्रमुख बन गए थे.

साल 1962 में ग़ज़ा में जन्मे याह्या सिनवार कम उम्र में ही ग़ज़ा की लड़ाई में शामिल हो गए थे.

सिनवार हमास की सिक्योरिटी सर्विस 'मज्द' के संस्थापक थे, जो आंतरिक सुरक्षा मामलों का प्रबंधन देखती है. साथ ही ये सर्विस संदिग्ध इसराइली एजेंटों की जांच करती है और इसराइली ख़ुफ़िया अधिकारियों को भी ट्रैक करती है.

इसराइल ने सिनवार को तीन बार गिरफ्तार किया था. 1988 में उनकी तीसरी गिरफ़्तारी के बाद उन्हें चार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गईं.

हालाँकि, हमास द्वारा पांच साल से अधिक समय तक बंदी बनाए गए एक इसराइली सैनिक के बदले में इसराइल ने 1,027 फ़लस्तीनी और इसराइली अरब कै़दियों को छोड़ा था. इन्हीं में से एक क़ैदी थे याह्या सिनवार.

इसके बाद सिनवार हमास में एक प्रमुख नेता के रूप में अपने पद पर लौट आए और उन्हें 2017 में ग़ज़ा में हमास के राजनीतिक शाखा का प्रमुख नियुक्त किया गया.

साल 2015 में अमेरिका ने सिनवार को "अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों" की लिस्ट में डाल दिया था.

16 अक्तूबर 2024 को रफ़ाह में इसराइली सेना ने याह्या सिनवार को मार दिया.

वीडियो कैप्शन, इसराइल हमले में हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार की मौत हो गई है.

इस्माइल हनिया

इस्माइल हनिया

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, इस्माइल हनिया

31 जुलाई 2024 को ईरान में उनकी मौत की पुष्टि होने तक इस्माइल हनिया हमास के सबसे बड़े नेता थे.

उनका जन्म फलस्तीनी शरणार्थी शिविर में हुआ था.

इसराइल ने उन्हें 1989 में तीन साल के लिए कैद कर लिया था. इसके बाद उन्हें हमास के कई नेताओं के साथ मार्ज-अल-ज़ुहुर निर्वासित कर दिया गया था. यह इसराइल और लेबनान के बीच एक नो-मेंस लैंड हैं. वहां हनिया एक साल तक रहे.

निर्वासन पूरा होने के बाद वो ग़ज़ा लौट आए. उन्हें 1997 में हमास आंदोलन के आध्यात्मिक नेता शेख अहमद यासीन के कार्यालय का प्रमुख नियुक्त किया गया. इससे उनकी हैसियत बढ़ गई.

हमास ने 16 फरवरी 2006 को उन्हें फ़लस्तीनी प्राधिकरण का प्रधानमंत्री नामित किया था. उन्हें उसी साल 20 फरवरी को नियुक्त भी कर दिया गया था. लेकिन एक साल बाद ही फ़लस्तीनी नेशनल अथॉरिटी के प्रमुख महमूद अब्बास ने उन्हें उनके पद से बर्खास्त कर दिया.

हनिया ने अपनी बर्खास्तगी को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था. उनका कहना था कि उनकी सरकार अपने कर्तव्यों को जारी रखेगी और फ़लस्तीनी लोगों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को नहीं छोड़ेगी.

उन्हें साल 2017 में हमास के राजनीतिक शाखा का प्रमुख चुना गया था. 2018 में अमेरिकी विदेश विभाग ने हनिया को आतंकवादी घोषित किया था. पिछले कई सालों से इस्माइल हनिया क़तर में रह रहे थे.

मोहम्मद दिएफ़

मोहम्मद दिएफ़

इमेज स्रोत, MEDIA SOURCES

इमेज कैप्शन, मोहम्मद दिएफ़

मोहम्मद दिएफ़ हमास के सैन्य संगठन इज़े-अल-दीन अल-क़ासिम ब्रिगेड के प्रमुख थे. उनका जन्म 1965 में ग़ज़ा में हुआ था.

फ़लस्तीनी उन्हें मास्टरमाइंड के रूप में जानते हैं. वहीं इसराइली उन्हें 'द मैन ऑफ डेथ' या 'द फाइटर विद नाइन लाइव्स' के नाम से पुकारते हैं.

मोहम्मद दिएफ़ ने उन सुरंगों को बनाने की योजना बनाई जिससे हमास के लड़ाके ग़ज़ा से इसराइल में दाख़िल हुए. उनका असली नाम मोहम्मद दीब अल-मसरी है, लेकिन उन्हें अबू खालिद और अल दीएफ़ नामों से भी पुकारा जाता था.

मोहम्मद दिएफ़ ने इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ ग़ज़ा से जीव विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली है. यूनिवर्सिटी में वे अभिनय और थियेटर के प्रति अपने प्रेम के लिए जाने जाते थे. उन्होंने कलाकारों का एक ग्रुप बनाया था.

जब हमास की स्थापना की घोषणा हुई तो वो बिना किसी हिचकिचाहट के इसमें शामिल हो गए. इसराइली अधिकारियों ने उन्हें 1989 में गिरफ्तार कर लिया और उन्होंने 16 महीने हिरासत में बिताए.

जेल में रहने के दौरान दिएफ़ ने इसराइली सैनिकों को पकड़ने के उद्देश्य से हमास से अलग एक आंदोलन स्थापित करने के लिए ज़कारिया अल-शोरबागी और सलाह शेहादेह के साथ सहमति जताई. यही बाद में अल-क़ासिम ब्रिगेड बन गया.

जेल से रिहा होने के बाद दिएफ़ इज़े-अल-दीन अल-क़ासम ब्रिगेड के प्रमुख नेता के रूप में उभरे. वो इसके संस्थापकों में से एक थे.

दिएफ़ उन सुरंगों के निर्माण के इंजीनियर थे, जिनसे होकर हमास के लड़ाके ग़ज़ा से इसराइल में दाखिल हुए थे. इसके साथ ही वो उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने बहुत अधिक संख्या में रॉकेट छोड़ने की रणनीति को बढ़ावा दिया.

दिएफ़ इसराइल के मोस्ट वॉन्टेड लोगों में से एक थे जिन पर बस बम ब्लास्ट की योजना बनाने और उसकी निगरानी का आरोप था. साल 1996 में हुए इस धमाके में कई इसराइली मारे गए थे. 1990 के दशक में उन पर तीन इसराइली सैनिकों को पकड़ने और उनकी हत्या में शामिल होने का आरोप लगा था.

इसराइल ने 2000 में उन्हें कै़द कर लिया लेकिन दूसरे फ़लस्तीनी विद्रोह या इंतेफ़ादा की शुरुआत में वो भाग निकले.

2002 में हत्या के एक प्रयास में दिएफ़ बच गए लेकिन उन्होंने अपनी एक आँख खो दी. तब इसराइल ने कहा कि उन्होंने एक पैर और एक हाथ भी खो दिया है और उन्हें बोलने में भी कठिनाई हो रही है.

ग़ज़ा में साल 2014 के एक हमले के दौरान इसराइली सुरक्षा बल एक बार फिर दिएफ़ की हत्या करने में सफल नहीं हुए लेकिन उन्होंने उनकी पत्नी और दो बच्चों को मार डाला.

इसराइल का दावा है कि उन्होंने इस साल के जुलाई महीने में ख़ान यूनिस में किए हवाई हमले में दिएफ़ को मार दिया है.

मारवान इस्सा

मारवान इस्सा

इमेज स्रोत, Media sources

इमेज कैप्शन, मारवान इस्सा

मारवान इस्सा अल-क़ासम ब्रिगेड के डिप्टी कमांडर थे और माना जाता है कि 7 अक्तूबर के हमले के पीछे प्रमुख चेहरों में से एक थे.

वो कई सालों से इसराइल की मोस्ट-वॉन्टेड लिस्ट में थे और साल 2006 में हत्या के प्रयास में घायल हो गए थे.

हमास के साथ अपनी गतिविधियों के चलते इसराइली सुरक्षा बलों ने उन्हें पहले इंतेफ़ादा के दौरान पांच साल तक हिरासत में रखा था.

फ़लस्तीनी प्रशासन ने उन्हें साल 1997 में उन्हें गिरफ़्तार किया था लेकिन साल 2000 में दूसरे इंतेफ़ादा की शुरुआत में उन्हें छोड़ दिया गया था.

2014 और 2021 में ग़ज़ा पर हमले के दौरान इसराइली हवाई हमलों में दो बार इस्सा का घर तबाह हो गया, जिससे उनके भाई की मौत हो गई.

साल 2011 तक उनका चेहरा किसी ने नहीं देखा था. दरअसल उस साल एक ग्रुप फोटो आई थी. यह फोटो इसराइली सैनिक ग्लेड शालित की रिहाई के बदले रिहा किए गए फ़लस्तीनी कैदियों के स्वागत समारोह की थी.

इसराइल का कहना है कि उसने मार्च 2024 में ग़ज़ा में एक शरणार्थी शिविर के नीचे एक सुरंग पर हवाई हमले में इस्सा को मार डाला.

वीडियो कैप्शन, लंबे समय बाद तेहरान में जुमे की नमाज़ के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई ने दिया संबोधन

ख़ालिद मशाल

ख़ालिद मशाल

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ख़ालिद मशाल

साल 1965 में वेस्ट बैंक में जन्मे ख़ालिद मशाल को हमास के संस्थापकों में से एक माना जाता है.

1997 में इसराइली प्रधानमंत्री के निर्देश पर इसराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने मशाल का हत्या का प्रयास किया था जब वह जॉर्डन में रह रहे थे.

मोसाद एजेंट जाली कनाडाई पासपोर्ट के साथ जॉर्डन में दाखिल हुए और सड़क पर चलते समय मशाल को जहरीले पदार्थ का इंजेक्शन लगाया गया.

जॉर्डन के अधिकारियों ने हत्या के प्रयास का पता लगाया और मोसाद के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.

जॉर्डन के दिवंगत राजा हुसैन ने इसराइल के पीएम से मशाल को दिए गए पदार्थ के लिए एंटीडोट मांगा था.

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दबाव का सामना करते हुए नेतन्याहू ने शुरू में अनुरोध को अस्वीकार करने के बाद एंटीडोट दे दिया था.

क़तर में रहने वाले मशाल ने 2012 में पहली बार ग़ज़ा का दौरा किया. इस दौरा फ़लस्तीनी अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और फ़लस्तीनियों की भीड़ उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ी.

हमास ने 2017 में अपने राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख के रूप में मशाल की जगह लेने के लिए इस्माइल हनिया को चुना और मशाल विदेश में समूह के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख बन गए.

महमूद ज़हार

महमूद ज़हार

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, महमूद ज़हार

हमास आंदोलन की स्थापना के छह महीने बाद ही महमूद ज़हार को इसराइल ने हिरासत में ले लिया था.

ज़हार का जन्म 1945 में ग़ज़ा में हुआ था. उनके पिता फ़लस्तीनी और मां मिस्र की रहने वाली थीं. उनका बचपन मिस्र के इस्माइलिया शहर में बीता. उनकी प्राथमिक, मिडिल और माध्यमिक शिक्षा ग़ज़ा में हुई.

उन्होंने काहिरा के ऐन शम्स विश्वविद्यालय से 1971 में जनरल मेडिसिन में स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद 1976 में उन्होंने जनरल सर्जरी में पीजी किया.

उन्होंने ग़ज़ा और खान के एक अस्पताल में डॉक्टर के रूप में काम किया. उन्होंने वहां तब तक काम किया जब तक कि इसराइल ने उन्हें उनकी राजनीतिक गतिविधियों की वजह से बर्खास्त नहीं कर दिया.

ज़हार को हमास के प्रमुख नेताओं में से एक गिना जाता है. उन्हें हमास आंदोलन के राजनीतिक नेतृत्व का सदस्य माना जाता है. हमास की स्थापना के छह महीने बाद ही 1988 में महमूद ज़हार को इसराइली जेल में छह महीने तक रखा गया था. इसराइल ने उन्हें 1992 में अन्य नेताओं के साथ मार्ज-अल-ज़ुहुर निर्वासित कर दिया गया था. वहां एक साल तक रहे.

साल 2005 में कराए गए चुनाव में हमास को बहुमत मिला था. ज़हार ने प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया की सरकार में विदेश मंत्री के रूप में काम किया. इसके बाद राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने सरकार को बर्खास्त कर दिया था. इससे फ़लस्तीनियों में विभाजन हुआ था.

इसराइल ने 2003 में ज़हार की हत्या का प्रयास किया. एक एफ-16 विमान ने ग़ज़ा शहर के पास रिमल में ज़हार के घर पर बम गिरा दिया था. कहा जाता है कि यह बम पांच क्विंटल का था. इस हमले में उन्हें मामूली चोटें आई थीं. लेकिन उनके बड़े बेटे ख़ालिद की मौत हो गई थी.

उनके दूसरे बेटे होसाम की ग़ज़ा के पूर्वी इलाक़े में 15 जनवरी 2008 को इसराइली सेना की कार्रवाई में मौत हो गई थी. इस हमले में होसाम समेत 18 लोगों की मौत हुई थी. होसाम भी क़ासिम ब्रिगेड के सदस्य थे.

ज़हार ने बौद्धिक, राजनीतिक और साहित्यिक रचनाएं की हैं. इनमें 'द प्रॉब्लम ऑफ़ अवर कंटेम्परेरी सोसाइटी... ए कुरानिक स्टडी', 'नो प्लेस अंडर द सन' शामिल है. यह बिन्यामिन नेतन्याहू की एक किताब की प्रतिक्रिया में लिखी गई किताबें हैं. इसके अलावा उन्होंने 'ऑन द पेवमेंट' के नाम से एक उपन्यास भी लिखा है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)