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नीना सिंह: सीआईएसएफ के 54 साल के इतिहास में पहली महिला महानिदेशक
- Author, मोहर सिंंह मीणा
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
सीने पर लगे मेडल, कंधों पर आईपीएस की प्रतीक अशोक की लाट, आगे बढ़ते हुए सधे हुए कदम और पीछे तलवार साधे चल रहा जवान.
ये आईपीएस नीना सिंह हैं जिन्हें शुक्रवार को दिल्ली के सीआईएसएफ़ मुख्यालय में जवानों ने 'गार्ड ऑफ़ ऑनर' दिया.
नीना सिंह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएएसफ की पहली महिला महानिदेशक हैं. उन्होंने गुरुवार को ही कार्यभार संभाला है.
सीआईएसएफ ने उनकी नियुक्ति को इस केंद्रीय बल के इतिहास में मील का पत्थर बताया है.
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और भारत तिब्बत सीमा पुलिस के नए महानिदेशक नियुक्त किए हैं.
इनमें सर्वाधिक चर्चाओं में हैं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी नीना सिंह. नीना सिंह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की पहली महिला महानिदेशक नियुक्त हुई हैं.
आईपीएस अधिकारी नीना सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में महानिदेशक का पदभार संभाल लिया .
कौन हैं नीना सिंह?
साल 1969 में गठित सीआईएसएफ को 54 साल बाद पहली महिला महानिदेशक मिली हैं.
नीना सिंह 31 जुलाई 2024 को सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हो जाएंगीं.
नीना सिंह ने साल 2021 में सीआईएसएफ में अतिरिक्त महानिदेशक पद पर सेवाएं दी हैं.
महानिदेशक पद पर नियुक्ति के आदेश जारी होने से पहले वे सीआईएसएफ में विशेष महानिदेशक पद पर सेवाएं दे रहीं थी.
11 जुलाई 1964 को जन्मी नीना सिंह 1989 बैच की राजस्थान कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं. वो मूलरूप से बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली हैं.
नीना सिंह ने एमए तक पढ़ाई की है. इसके अलावा राजस्थान में पोस्टिंग के दौरान जुलाई 2004 में वो फॉरेन स्टडी के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के केनेडी स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट गईं.
साल 2013 से 2018 तक वह प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) में संयुक्त निदेशक पद पर सेवाएं दे चुकी हैं.
सीबीआई में पोस्टिंग के दौरान वे शीना बोरा हत्या, जिया ख़ान आत्महत्या जैसे कई चर्चित मामलों की जांच से भी जुड़ी रहीं.
नीना सिंह के पति रोहित सिंह 1989 बैच और राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं.
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले रोहित सिंह साल 2021 से प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में हैं. वर्तमान में वो केंद्र सरकार में सचिव हैं.
राजस्थान की पहली महिला डीजी रहीं
आईपीएस बनने के बाद नीना सिंह ने साल 1992 में राजस्थान पुलिस में जयपुर में बतौर एएसपी महिला थाना ज्वॉइन किया था.
राजस्थान कैडर की आईपीएस अधिकारी नीना सिंह के नाम राजस्थान में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज है.
वो साल 2021 में डीजी पद पर नियुक्त होने वालीं राजस्थान की पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं.
नीना सिंह को उस दौरान डीजी सिविल राइट्स एंड एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पद की जिम्मेदारी मिली थी.
वो प्रेसिडेंट पुलिस मेडल, अति उत्कृष्ट सेवा पदक और पुलिस मेडल से सम्मानित हो चुकी हैं.
सरकारी सेवा के अधिकतर साल उनकी पोस्टिंग जयपुर में ही रही. 2020 साल वे महिला आयोग में सदस्य सचिव रहीं.
इस दौरान उन्होंने महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक पहल की जो खूब चर्चाओं में भी रही. उन्होंने एक आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत की.
जिसमें महिला आयोग के सदस्य अलग-अलग ज़िलों में जा कर महिलाओं से संपर्क कर उनकी शिकायतों का समाधान करते थे.
राजस्थान कैडर के एक आईपीएस अधिकारी नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं, "मैडम हमेशा टू द प्वॉइंट बात करती हैं और काम को लेकर सख्त रहती हैं. वे इनफॉर्मली बेहद अच्छी इंसान हैं."
"मैडम की कार्यशैली से सभी परिचित हैं. उनकी निर्णय लेने का क्षमता अच्छी है. ऑफिसर के फैसला लेने वाला होने से जूनियर भी सीखते हैं."
सीआईएसएफ के काम
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम 1968 के तहत सीआईएसएफ स्थापित किया गया है. यह सशस्त्र अर्धसैन्य बल है, जिसके पास क़रीब पौने दो लाख कर्मचारी हैं.
सीआईएसएफ एयरपोर्ट, दिल्ली मेट्रो, पोर्ट, ऐतिहासिक इमारतों, बिजली, अंतरिक्ष विभाग, परमाणु ऊर्जा विभाग समेत भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों को सुरक्षा मुहैया करवाता है.
देश की राजधानी दिल्ली में महत्वपूर्ण सरकारी भवनों और कुछ प्राइवेट यूनिट्स को भी सीआईएसएफ सुरक्षा प्रदान करती है.
विशिष्ट व्यक्तियों को मिलने वाली जेड प्लस, जेड, एक्स, वाई कैटेगरी की सुरक्षा भी सीआईएसएफ करता है.
जब पहली बार मिली महिलाओं को कमान
सीआईएसएफ को 54 साल के इतिहास में पहली बार नीना सिंह के रूप में महिला महानिदेशक मिली हैं. ठीक इसी तरह कई अन्य क्षेत्रों में भी पहली बार महिलाओं की नियुक्ति हुई है.
जब साल 2019 दिसंबर में बिहार की शिवांगी सिंह के रूप में भारतीय नौ सेना को पहली महिला पायलट मिली.
दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में जनवरी 2023 में कैप्टन शिवा चौहान को तैनात किया गया.
यह पहली बार था जब सेना की एक महिला अधिकारी को विषम परिस्थितियों वाले दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र में तैनात किया गया.
राजस्थान विश्वविद्यालय के 76 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला कुलपति की नियुक्ति भी इसी साल हुई है.
2023 तक राजस्थान विश्वविद्यालय में 43 पुरुष कुलपति रहे. यहां पहली बार अल्पना कटेजा के रूप में महिला कुलपति नियुक्त हुईं.
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