चंद्रशेखर आज़ाद पर हमला: उनके ड्राइवर और गाड़ी में बैठे कार्यकर्ता ने क्या बताया

शहबाज़ अनवर

बीबीसी हिंदी के लिए, पश्चिम उत्तर प्रदेश से

चंद्रशेखर आज़ाद

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उत्तर प्रदेश में सहारनपुर ज़िले के देवबंद में आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद पर हुए हमले में पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर ली है.

पुलिस ने इस मामले में चंद्रशेखर के साथ गाड़ी में मौजूद ड्राइवर मनीष कुमार की तहरीर पर ये रिपोर्ट दर्ज की है.

चंद्रशेखर के वकील राजेश कुमार गौतम ने बीबीसी से इस बारे में पुष्टि करते हुए कहा, "ड्राइवर मनीष कुमार की तहरीर के आधार पर भाई चंद्रशेखर पर हुए हमले में हत्या के प्रयास, आपराधिक साज़िश और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है."

"इस एफ़आईआर की कॉपी हमको मिल गई है. हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही हमलावरों को भी पुलिस पकड़कर उचित कार्रवाई करेगी."

शिकायत में चंद्रशेखर के साथ मौजूद एक अन्य कार्यकर्ता डॉक्टर विजयपाल सिंह के भी घायल होने की बात कही गई है.

साथ ही ये भी कहा गया है कि चंद्रशेखर आज़ाद के लिए पुलिस से बार-बार सुरक्षा की मांग की जाती रही है, लेकिन उन्हें आज तक कोई सुरक्षा प्रदान नहीं की गई.

इस बीच अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले पर चंद्रशेखर ने यूपी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से इस्तीफ़ा मांगा है.

चंद्रशेखर आज़ाद की कार

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चंद्रशेखर आज़ाद पर बुधवार शाम क़रीब पांच बजे हमला हुआ. उन पर गोली चलाने वालों के स्विफ्ट कार से आने की बातें सामने आ रही हैं.

हालांकि, पुलिस अभी जांच में जुटी है, लेकिन बीबीसी ने चंद्रशेखर के साथ गाड़ी में सवार उनके ड्राइवर मनीष और पार्टी के एक अन्य कार्यकर्ता सुखविंदर सिंह से बात की.

ड्राइवर मनीष कुमार ने कहा, "मैं गाडी चला रहा था. हम देवबंद में ही गांधी कॉलोनी के निकट पार्टी कार्यकर्ता की माता जी की मौत के बाद हुए शोक कार्यक्रम से लौट रहे थे. शाम के लगभग चार बजकर पचास मिनट हो रहे थे. गांधी कॉलोनी में कचहरी के निकट लगभग चार सौ मीटर ही पहुंचे तो सामने स्पीड ब्रेकर होने के चलते हमें अपनी गाड़ी हल्की करनी पड़ी. तभी हमारे बाई ओर एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार आकर रुकी. इसके बाद टायर फटने जैसी आवाज हुई, लेकिन चंद्रशेखर भैया एकदम चीखे, हम पर फायर हुआ है."

उन्होंने बताया, "हमारी फार्च्यूनर गाड़ी में मेरी बग़ल में चंद्रशेखर भैया बैठे थे जबकि पिछली सीट पर पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमिटी सदस्य डॉ ब्रजपाल सिंह, पार्टी कार्यकता काशी मौर्य और सुखविंदर सिंह बैठे थे. कुल मिलाकर हम पांच लोग थे."

उन्होंने कहा, "देखिए हमारे बग़ल में जब ये सफेद कार आकर रुकी तो पिछली सीट पर दो लड़के बैठे दिखाई दिए, लेकिन गाड़ी ड्राइवर हमें दिखाई नहीं दिया."

चंद्रशेखर आज़ाद

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"बदमाशों के इरादे नेक नहीं थे"

मनीष कुमार ने बताया कि बदमाशों के इरादे नेक नहीं थे.

मनीष बोले, "जैसे ही भैया ने फायर होने की बात कही और हमारी गाड़ी की विंडो के दरवाज़े चटके मैंने गाड़ी दौड़ानी शुरू की. मैंने देखा कि किस तरह स्विफ्ट कार सवार हमारी गाड़ी के सामने आकर गोली चलाने की तैयारी में थे, लेकिन संयोग से जिस जगह हम थे, वहां यू-टर्न आ गया और मैंने गाड़ी तुरंत ही दूसरी तरफ मोड़ दी."

वो कहते हैं, "इसके बाद हमने पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को कॉल करनी शुरू की. फिर वहां पुलिस अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ. काफ़ी समय तक चंद्रशेखर भैया बेहोशी की स्थिति में भी रहे. हम काफ़ी घबरा गए थे."

चंद्रशेखर आजाद के साथ गाड़ी में मौजूद एक अन्य पार्टी कार्यकर्ता सुखविंदर सिंह बोले, "देखिए ये हमला अचानक हुआ. मैं चंद्रशेखर भैया के पीछे वाली सीट पर बैठा हुआ था. मनीष ने यू टर्न पर गाड़ी तुरंत ही घुमा दी जिससे हम बच पाए. चंद्रशेखर भैया को पहले हम देवबंद के ही एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले गए, लेकिन उसके बाद उन्हें वहां से सहारनपुर के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया है. यहां हमारे साथ पुलिस फोर्स और पार्टी कार्यकर्ता हैं."

विपिन ताड़ा

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सवा पांच बजे मिली फायरिंग की सूचना- एसएसपी

चंद्रशेखर आज़ाद पर हुए हमले के मामले में पुलिस जांच कर रही है.

एसएसपी सहारनपुर डॉ विपिन ताड़ा ने कहा, "सहारनपुर पुलिस को बुधवार शाम तकरीबन 5:15 बजे फायरिंग की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारी तत्काल मौक़े पर पहुंचे. गोली चंद्रशेखर के पेट से छूती हुई निकली है, एक तरफ से. उनके बताए गए घटनाक्रम की जांच पुलिस कर रही है. वैसे उनकी स्थिति सामान्य है, ख़तरे से बाहर हैं. उनके बताए गए घटनाक्रम की जांच करने के बाद जो भी उचित कार्रवाई होगी, की जाएगी."

हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य अवेज़ ताज़ीम अंसारी ने बीबीसी से कहा, "अभी मालूम नहीं है कि ये हमला किसने किया, पुलिस जांच जारी है.जो भी कसूरवार होगा उसके ख़िलाफ सख़्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी."

वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने कहा, "यह बहुजनों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है.आज इस सरकार से पूरा देश त्रस्त है."

चंद्रशेखर आज़ाद

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चंद्रशेखर आज़ाद ने योगी सरकार पर साधा निशाना

चंद्रशेखर आज़ाद ने बीते बुधवार अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद एक लंबा ट्वीट कर राज्य सरकार को निशाना बनाया है.

आज़ाद ने लिखा है, “कल घात लगाकर मेरे ऊपर किए गए जानलेवा हमले की निंदा करने और मेरे प्रति संवेदना प्रकट करने वाले मित्रों, नेताओं व शुभचिंतकों का दिल से आभार प्रकट करता हूं. कल की तरह की घटना आज भले ही मेरे साथ घटी है लेकिन आगे किसी भी समय ऐसी घटनाएं किसी भी दूसरी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों और उनके समर्थकों के साथ घट सकती है.”

आज़ाद ने इन हालातों के लिए राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने लिखा, “इसकी दो वजहें हैं. पहला ये कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है और दूसरा ये कि सरकार अपराधियों को जाति और धर्म के आधार पर प्रश्रय देकर उसे संरक्षण प्रदान कर रही है जिससे सरकार समर्थित अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उनको आज न तो कानून का भय है और न ही पुलिस का.”

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर उन पर हमला हो सकता है तो दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों पर होने वाले अत्याचारों की कल्पना भी नहीं की जा सकती.

उन्होंने लिखा, “आज भारत के लोकतांत्रिक मूल्य और बाबा साहेब का संविधान दोनों ही खतरे में हैं. जब सरकार समर्थित बेखौफ घूमते अपराधी मेरे जैसे राजनेताओं की आवाजों को खामोश करने के लिए हमले कर सकते हैं, खुलेआम कई राउंड गोलियां चला सकते हैं तो इस प्रदेश की बहू- बेटियां, दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के ऊपर कितना जुल्म और अत्याचार किया जा रहा है इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते."

"सत्ता के नशे में लोग इतने पागल हो गए हैं कि ये अपने विरुद्ध उठने वाली आवाजों को मिटा देने पर तुले हैं. पहले ये लोग इसके लिए ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स अधिकारियों का दुरुपयोग किया करते थे, फिर फेक पुलिस एनकाउंटर करवाने लगे और अब तो विपक्षी नेताओं को खत्म करने के लिए सरकार समर्थित अपराधी सीधे बंदूक-गोलियों से हमले करने लगे हैं."

"वो भूल रहे हैं कि भारतवर्ष का इतिहास हमारे पूर्वजों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है. वो भूल रहे हैं कि आज भी हमारा बहुजन समाज बिना डरे सीमाओं पर अपनी जान देकर इस देश की रक्षा में जुटा है. मैं भी उसी समाज का एक हिस्सा हूं. इसलिए आप चंद्रशेखर को गोली और बंदूकों से न तो झुका सकते हैं न डरा सकते हैं और न ही डिगा सकते हैं. मेरा 56 इंच का सीना असली है नकली नहीं."

"मेरे ऊपर हुआ जानलेवा हमला सरकार की विफलता है क्योंकि प्रदेश की जनता की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है और मैं भी प्रदेश का एक जिम्मेदार नागरिक हूं. बीजेपी राज्य में बेखौफ अपराधियों को संरक्षण देने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री जी को तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे देना चाहिए.”

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