You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
एक शख्स जिसे व्हेल ने निगला और फिर उगल दिया, जानिए मौत के मुंह से बाहर निकलने वाले आद्रियान की आपबीती
- Author, आंद्रिया डियाज़, आएलिन ओलिवा
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ मुंडो
23 साल के आद्रियान सिमान्का दक्षिण चिली में कयाकिंग कर रहे थे, जिस वक्त उन्हें एक व्हेल ने निगल लिया. कुछ सेकंड बाद व्हेल ने उन्हें फिर उगल दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
मूल रूप से वेनेज़ुएला के रहने वाले कयाकर आद्रियान सिमान्का को उस वक्त अपनी ज़िंदगी का अनोखा अनुभव मिला जब समंदर में कयाकिंग करते वक्त उन्हें एक व्हेल ने निगल लिया और फिर कुछ पलों बार जीवित उगल दिया.
23 साल के आद्रियान कहते हैं कि जिस वक्त ये घटना हुई वो अपने पिता डाल सिमान्का के साथ दक्षिण चिली के मैगलान की खाड़ी में कयाकिंग कर रहे थे.
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने उस घटना को याद करते हुए कहा, "मुझे लगा जैसे किसी ने मुझे पीछे से टक्कर मारी, वो मेरे पीछे था और मुझे डुबो रहा था. मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं, जब आंखें खोली तो मैं व्हेल के मुंह के भीतर था."
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
आद्रियान और उनके पिता, दोनों दो अलग-अलग कयाक पर थे. उठती-गिरती लहरों का वीडियो बनाने के लिए डाल ने अपनी कयाक के पीछे एक कैमरा लगा रखा था.
डाल कहते हैं उन्हें अचानक अपने पीछे तेज़ी से कुछ गिरने जैसी आवाज़ सुनाई दी. वो कहते हैं कि उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो उनका बेटा आद्रियान ग़ायब था.
उन्होंने बताया, "मैंने मुड़कर पीछे देखा तो मुझे आद्रियान नहीं दिखा. मुझे एक सेकंड के लिए चिंता हुई, लेकिन फिर वो मुझे पानी से बाहर आता दिखाई दिया."
"फिर मैंने कुछ और देखा. मैंने वहां एक विशाल जीव देखा. उसका आकार देखकर मुझे अचानक अंदाज़ा हो गया कि वो एक व्हेल थी."
'लगा कि किसी के मुंह के अंदर हूं'
आद्रियान कहते हैं कि उन्हें लगता है कि वो लगभग तीन सेकंड तक व्हेल के मुंह के भीतर थे.
अपने अनुभव के बारे में वो बताते हैं, "मैं किसी तरह से गाढ़े नीले और सफेद रंग का कुछ देख पाया. जब मैंने अपने चेहरे को छुआ तो मुझे कुछ लार जैसी चीज़ महसूस हुई. उस वक्त मुझे लगा मेरे साथ कुछ होने वाला है और मैंने अपनी आंखें बंद कर ली."
"लेकिन मुझे इससे ज़्यादा महसूस हुआ, जैसे कि मैं पलट गया हूँ, मारा नहीं गया हूँ. मैं वहीं पड़ा रहा. मुझे एक सेकंड लगा कि मैं किसी चीज़ के मुंह के अंदर था, जैसे शायद उसने मुझे खा लिया हो. मुझे लगा कि यह कोई ओर्का या समुद्री राक्षस (मॉनेस्टर) हो सकता है."
आद्रियान आगे बताते हैं, "लेकिन फिर मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं सतह की ओर बढ़ रहा हूँ, उसने मुझे बाहर थूक दिया था. मैं दो सेकंड के लिए ऊपर गया, और आख़िरकार सतह पर पहुँच गया. फिर मुझे एहसास हुआ कि उसने मुझे खाया नहीं है, वह कोई शिकारी नहीं था."
बेहतर जीवन की तलाश में सात साल पहले वेनेजुएला से चिली आए इस पिता-पुत्र ने कभी नहीं सोचा था कि चिली के पैटागोनिया के सुदूर हिस्से में पानी में उन्हें प्रकृति के साथ इतना क़रीबी अनुभव होगा.
आद्रियान कहते हैं, "धरती पर सबसे सुदूर जगहों में से एक में ये मेरी समुद्री जीवों के साथ मुठभेड़ थी. मैंने व्हेल के अंदर जीवित रहने की संभावना के बारे में सोचा. मैंने सोचा कि अगर उसने मुझे निगल लिया होता तो मैं क्या कर सकता था."
'दूसरा जीवन'
आद्रियान कहते हैं, "मुझे थोड़ा डर था कि क्या मैं अपनी सांस रोक पाऊँगा, क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मैं कितनी गहराई में हूँ. मुझे लगा कि मुझे सतह तक आने में बहुत समय लगेगा."
बाद में, जब आद्रियान ने अपने पिता के कैमरे में ली गई फुटेज देखी, तो वह यह जानकर हैरान हो गए कि व्हेल कितनी बड़ी थी.
वो कहते हैं, "मैंने वह पल नहीं देखा था जब उसकी पीठ और उसके पंख दिख रहे थे. मैंने उसे नहीं देखा, मैंने उसकी आवाज़ सुनी और मैं घबरा गया."
उन्होंने बताया, "लेकिन बाद में मैंने वीडियो में उसे देखा तो मुझे एहसास हुआ कि यह वास्तव में मेरे पास ही इतने बड़े आकार में दिख रही थी कि अगर मैंने उसे देखा होता तो मुझे और भी ज़्यादा डर लगता."
आद्रियान इसे "दूसरा जीवन" मिलने के मौक़े के तौर पर देखते हैं. वो कहते हैं कि यह केवल जीवन के संघर्ष के बारे में नहीं था, बल्कि यह ज़िंदगी की एक तस्वीर दिखाने वाला था.
वो बताते हैं, "इस घटना से मैंने यह सोचना शुरू किया कि मैं उस समय क्या बेहतर कर सकता था, और मैंने उन तरीकों के बारे में भी सोचा कि मैं इस अनुभव का क्या लाभ उठा सकता हूं और इसकी सराहना भी कर सकता हूं."
"न केवल यह देखने के लिए कि किसी नकारात्मक चीज़ को सकारात्मक कैसे बनाया जाए, बल्कि उसे संपूर्ण रूप से देखने के लिए कि यह क्या है, ये एक अनूठा अनुभव है- दुनिया के अंतिम छोर पर एक क्षेत्र में जीवों के साथ मुठभेड़."
यह एक 'दुर्घटना' थी
ब्राज़ील के वन्यजीव संरक्षण और अनुसंधान की वकालत करने वाले गैर-लाभकारी संस्थान इंस्टिट्यूट विडा लिवरे के अध्यक्ष रोच्ड जैकबसन सेबा ने आद्रियान और व्हेल की मुठभेड़ को "दुर्घटना" बताया है.
उन्होंने बताया, "संभवतः व्हेल मछलियों के झुंड को खा रही थी, जब उसने अनजाने में अपने भोजन के साथ कयाक को भी उठा लिया."
"जब व्हेल भोजन करते समय बहुत तेज़ी से सतह पर आती हैं, तो वो ग़लती से अपने रास्ते में आने वाली वस्तुओं से टकरा सकती हैं या उन्हें निगल सकती हैं."
सेबा ने बताया, "हंपबैक व्हेल का गला संकीर्ण होता है. उनके गले घरेलू पाइप के आकार के होते हैं, जो छोटी मछलियों और झींगा को निगलने के बने होते हैं. वे शारीरिक रूप से कयाक, टायर या यहाँ तक कि टूना जैसी बड़ी मछली या बड़ी चीज़ों को निगल नहीं सकतीं."
उन्होंने कहा, "आख़िरकार, व्हेल ने कयाक को थूक दिया क्योंकि इसे निगलना उसके लिए शारीरिक रूप से असंभव था."
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह की अप्रत्याशित मुठभेड़ "एक अहम सबक" हो सकती है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "लोगों को स्टैंड-अप पैडल बोर्ड, सर्फ़बोर्ड या शांत जहाजों पर व्हेल वाले क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए. व्हेल देखने और शोध के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों को हमेशा अपने इंजन चालू रखने चाहिए. "
"क्योंकि उनके शोर से व्हेल को उनकी उपस्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है. उनके प्राकृतिक आवास का सम्मान करना और उन्हें मानवीय हस्तक्षेप के बिना रहने देना ज़रूरी है."
(लुई बारुचो की अतिरिक्त रिपोर्टिंग के साथ)
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित