रेड क्रॉस ने कहा, हमास ने ग़ज़ा में 24 बंधकों को छोड़ा

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राहत कार्य में लगी संस्था रेड क्रॉस ने हमास के कब्ज़ेे से 24 बंधकों के छोड़े जाने की पुष्टि की है.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में रेड क्रॉस ने कहा, "हम ये पुष्टि करते हुए राहत महसूस कर रहे हैं कि 24 बंधकों को सुरक्षित छोड़ा गया है."
एक अन्य पोस्ट में संस्था ने कहा "दोनों पक्षों के बीच अपनी निष्पक्ष भूमिका निभाते हुए हम इन बंधकों को ग़ज़ा से निकालकर मिस्र से सटी रफ़ाह सीमा तक लेकर आए."
इससे पहले इसराइली मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार हमास ने 13 इसराइली बंधकों को राहत कार्य में लगी संस्था रेड क्रॉस के हवाले कर दिया है. इससे पहले हमास ने थाईलैंड के कुछ बंधकों को छोड़ा था.
टीवी चैनल 12 के अनुसार सभी बंधकों को रफ़ाह क्रॉसिंग के ज़रिए मिस्र ले जाया गया है. अब तक ये स्पष्ट नहीं है कि हमास ने कहां पर बंधकों को रेड क्रॉस को सौंपा.
मिस्र ने जानकारी दी है कि इसराइली बंधक अब मिस्र पहुंच गए हैं.
अब तक ये ख़बर मिली थी कि हमास ने 13 इसराइली बंधकों रिहा किया है. वहीं थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने 12 थाई नागरिकों के छोड़े जाने की ख़बर दी थी.
अब हमास और इसराइस के बीच मध्यस्थ रहे क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जिन बंंधकों को छोड़ा गया है उनमें 13 इसराइली नागरिक, 10 थाईलैंड के और फ़िलिपीन्स के एक नागरिक शामिल हैं.

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यरूशलम में मौजूद बीबीसी संवाददाता ओर्ला गुएरिन का कहना है कि इसराइली रक्षा सूत्र ने उन्हें बताया है कि मिस्र पहुंचने के बाद हमास के छोड़े गए सभी लोग अब इसराइली सिक्योरिटी सर्विस के पास हैं.
इससे पहले इसराइली रक्षा सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एफ़फी ने बताया कि हमास ने 13 इसराइली बंधकों को इसराइल के हवाले कर दिया गया है.
इन लोगों को आरिश हवाई अड्डे ले जाया जाएगा, जहां से इन लोगों को सैन्य हेलिकॉप्टर के ज़रिए इसराइल ले जाया जाएगा.
इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योआ गैलांट सेना के कमांड सेन्टर में इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ये दोनों नेता इसराइल की राजधानी तेल अवीव में सेना के मुख्यालय में बने कमांड सेंटर में मौजूद होंगे.
बयान के अनुसार, ''प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हमाास की क़ेद से रिहा हुए इसराइली लोगों को देश में वापस इसराइल लाने के ऑपरेशन के प्रबंधन पर बारीकी से नज़र रखेंगे.''

वेस्ट बैंक में तनाव की ख़बर
युद्धविराम के तहत, पहले दिन इसराइल को 39 फ़लस्तीनी क़ैदियों को छोड़ना है. इसराइली जेल में बंद इन लोगों को वेस्ट बैंक में छोड़ा जाना है.
वेस्ट बैंक में मौजूद बीबीसी संवाददाता लूसी विलियमसन ने जानकारी दी है कि इन 39 फ़लस्तीनियों को रामल्लाह में बेलुनिया चेकनाके पर रिहा किया जाना था लेकिन वहां झड़पें होने की ख़बर है.
यहां इसराइली सैनिकों के सामने फ़लस्तीनी युवा और पुरुष बड़ी संख्या में एकत्र हो गए जिन्हें पीछे धकेलने के लिए सेना ने रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.
कुछ फ़लस्तीनियों ने भी इसराइली सैनिकों की तरफ पत्थर और आंसू गैस के कनस्तर फेंके.
इसके बाद अब यहां एक अजीब-सी तनाव पसर गया है. यहां बड़ी संख्या में फ़लस्तीनी परिवार जमा हो रहे हैं और एक बार फिर चेकनाके की तरफ बढ़ रहे हैं.


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12 थाई नागरिकों को भी छोड़ा
इससे पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमास ने थाईलैंड के 12 नागरिकों को छोड़ दिया है. इन्हें भी ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखा गया था.
इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम होने के बाद शुक्रवार को हमास ने 12 बंधकों को छोड़ दिया है. लेकिन ये 12 लोग इसराइल-हमास युद्धविराम की शर्तों का हिस्सा नहीं है.
थाईलैंड दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि वो "बंधकों को लाने जा रहे हैं." हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया है कि बंधकों को कहां रखा गया है.
थाईलैंड की मीडिया में आ रही रिपोर्टों के अनुसार इन्हें तेल अवीव ले शामिर मेडिकल सेन्टर ले जाया गया है जहां इसकी जांच होगी. इन्हें 48 घंटों तक मेडिकल सेन्टर में रखा जाएगा.
इससे पहले मिस्र की सरकारी इंन्फॉर्मेशन सर्विस ने कहा था कि "मिस्र की लगातार कोशिशों से थाईलैंड के 12 बंधकों को छुड़ाना" संभव हो सका है.
इसराइल और हमास में युद्ध शुरू होने के सात सप्ताह बाद पहली बार दोनों के बीच चार दिनों का युद्धविराम हुआ है. ये विराम शुक्रवार सुबह 7 बजे (स्थानीय समयानुसार) से लागू हो गया है.

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युद्धविराम के पहले दिन क्या क्या हुआ?
- हमास ने पहले थाईलैंड के 12 नागरिकों को छोड़ा. इसके बाद 13 इसराइली बंधकों को रेड क्रॉस के हवाले किया.
- योजना के तहत इन्हें मिस्र से होते हुए इसराइल के दक्षिण में हात्ज़ेरिम सैन्य ठिकाने पर ले जाया जाएगा.
- यहां सबसे पहले इनकी स्वास्थ्य जांच (फ़िज़िकल और मानसिक स्वास्थ्य) की जाएगी जिसके बाद इन्हें अस्पताल भेजा जाएगा. यहीं पर वो अपने परिजनों से मिल सकेंगे.
- शर्तों के अनुसार इसराइल वेस्ट बैंक की सीमा के पास 39 फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें 18 साल की कम उम्र की 24 लड़कियां और 15 लड़के हैं.
- इससे पहले वेस्ट मैंक में फ़लस्तीनियों और इसराइली सैनिकों के बीच झड़प हुई.

युद्धविराम से पहले इसराइल की चेतावनी?
अस्थायी युद्ध विराम की आधिकारिक शुरुआत से कुछ समय पहले इसराइल की मिलिट्री ने सोशल मीडिया पर ग़ज़ा के लोगों के लिए एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि "युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है."
इसराइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने वीडियो में कहा, "ये मानवीय विराम अस्थायी है. ग़ज़ा पट्टी का उत्तरी इलाका एक ख़तरनाक युद्ध क्षेत्र है. लोगों को उत्तरी इलाके की तरफ़ जाने के लिए मना किया जाता है. अपनी सुरक्षा के लिए आपको दक्षिण के सुरक्षित क्षेत्र में ही रहना चाहिए."
इससे पहले इसराइली सरकार के प्रवक्ता आयलॉन लेवाई ने भी इस बात पर ज़ोर दिया था कि ये किसी भी तरह से युद्धविराम नहीं है.
उन्होंने कहा था, "ये युद्ध हमास के ख़ात्मे के साथ ही ख़त्म होगा. इसका मतलब ये है कि हम ग़ज़ा पट्टी पर हमास के आतंकवादी संगठन और ग़ज़ा में प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह ख़त्म करेंगे. हम हमास के सभी रॉकेट लॉन्चर्स, उसके सभी सुरंग और उसके हर एक आतंकवादी को ख़त्म करेंगे."
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युद्धविराम की शर्तों में क्या-क्या?
- इसराइल और हमास के बीच बंधकों और कैदियों को लेकर हुई डील के तहत तय हुआ कि चार दिनों में हमास ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखे गए 50 इसराइलियों (बच्चों और महिलाओं) को छोड़ेगा, वहीं इसराइल के जेलों में बंद क़रीब 300 फलस्तीनियों में से 150 को रिहा किया जाएगा.
- इसके बाद हर दस इसराइली बंधकों को छोड़ने पर इसराइल युद्धविराम को एक दिन के लिए बढ़ाएगा.
- बुधवार, 22 नवंबर को मिस्र और अमेरिका की मदद से और क़तर की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच यु्द्धविराम पर सहमति बनी थी.
- युद्धविराम शुक्रवार, 24 नवंबर को स्थानीय समयानुसार सवेरे 7.00 बजे (5.00 जीएमटी) लागू हुआ.
- युद्धविराम उत्तरी और दक्षिणी ग़ज़ा दोनों ही हिस्सों में लागू हुआा.
- क़तर ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 4.00 बजे हमास 13 इसराइली बंधकों को छोड़ेगा.
- सिर्फ महिलाओं और बच्चों को छोड़ा जाएगा और उन्हें रेड क्रॉस के हवाले किया जाएगा.
- इसके साथ सहायता सामग्री से लदे 200 ट्रक और ईंधन से लदे 4 ट्रकों को ग़ज़ा में घुसने की इजाज़त दी गई है.
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इसराइली सेना के प्रवक्ता ने नागरिकों से कहा है कि वो धैर्य और संवेदनशीलता दिखाएं और वापिस ने वालों और उनके परिवारों की गोपनीयता का सम्मान करें.

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कैसे शुरू हुआ युद्ध?
सात अक्टूबर को हमास ने ज़मीन और हवाई रास्ते से इसराइल की सीमा में घुसकर उस पर हमला किया था. हमसे में क़रीब 1,200 लोगों की जान गई.
इस दौरान उसके लड़ाकों ने क़रीब 240 इसराइलियों को बंधक बना लिया, जिन्हें वो अपने साथ ले गए.
इसके बाद इसराइल के हमास के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई करते हुए ग़ज़ा पर भीषण हमला बोला.
ग़ज़ा में हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इसराइल की कार्रवाई में अब तक 14,000 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.
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