महुआ मोइत्रा ने माना हीरानंदानी को दिया था लॉग-इन पासवर्ड, लेकिन कैश नहीं लिया- प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, ANI
पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक अंग्रेज़ी अख़बार से कहा है कि उन्होंने अपने मित्र और बिज़नेसमैन दर्शन हीरानंदानी को संसद का अपना लॉग-इन और पासवर्ड दिया था.
हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने इसके लिए उनसे कैश या महंगे तोहफे लिए थे.
अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने कहा कि "कोई भी सांसद अपना सवाल खुद टाइप नहीं करता. मैंने उन्हें (दर्शन) को पासवर्ड और लॉग-इन दिया था ताकि उनके दफ्तर में कोई कर्मचारी सवाल टाइप कर के अपलोड कर दे."
उन्होंने कहा, "सवाल अपलोड करते वक्त फ़ोन पर एक ओटीपी आता है. इसके लिए मेरा फ़ोन नंबर दिया गया है... ऐसे में ये सवाल नहीं उठता कि दर्शन या फिर कोई और मेरी जानकारी के बिना सवाल अपलोड कर सकते थे."
सीबीआई को दी अपनी शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्रइ ने महुआ मोइत्रा पर संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप लगाया था.
देहाद्रइ की शिकायत के आधार पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया कि हीरानंदानी समूह के सीईओ दर्शन हीरानंदानी से 'कैश और महंगे तोहफ़ों को लेकर' संसद में सवाल पूछती हैं.
उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से महुआ मोइत्रा को निलंबित करने की मांग की. इस मामले को लेकर संसद की एथिक्स कमिटी जांच कर रही है.
महुआ मोइत्रा ने और क्या कहा
शुक्रवार को महुआ मोइत्रा ने एथिक्स कमिटी को एक पत्र लिखकर कहा कि वो अक्तूबर 31 को कमिटी के सामने पेश नहीं हो पाएंगी बल्कि 5 नवंबर को आ सकेंगी.
अदानी समूह को लेकर उन्होंने माना कि संसद में पूछे गए उनके नौ सवाल अदानी समूह से जुड़े थे. उन्होंने अख़बार से कहा, "वो सवाल एकदम वाजिब थे और राष्ट्रीय हित में थे."
अदानी के ख़िलाफ़ सवाल पूछने के लिए हीरानंदानी से पैसे लेने के आरोप के बारे में उन्होंने कहा, "आप बताएं पैसे कहां हैं? मुख्य बात साबित करनी होगी कि इसमें आपसी मिलीभगत थी. दर्शन ने अपने हलफ़नामे में लिखा कि वो नरेंद्र मोदी के बड़े फैन हैं, तो फिर उन्होंने अदानी पर हमला क्यों किया? मेरे सवालों को लेकर देहाद्रइ ने जो विश्लेषण दिया है वो मज़ाक है."
उन्होंने देहाद्रइ की शिकायत को पूरी तरह से फर्ज़ी बताया और कहा, "आपने निजी रिश्ते में नाकाम रहे एक व्यक्ति का इस्तेमाल एक फर्ज़ी शिकायत दर्ज कराने में किया और मेरे एक दोस्त (दर्शन) के सिर पर बंदूक तान कर उनसे ये करवाया. लेकिन चीज़ें मेल तो खानी चाहिए.... ये काम बुरा पड़ गया है."
उन्होंने कहा, "हमारे पास हीरानंदानी का एक हलफनामा है लेकिन उसमें कैश का कहीं कोई ज़िक्र नहीं है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
हीरानंदानी से मिले महंगे तोहफों के बारे में उन्होंने कहा, "जहां तक मुझे याद है दर्शन हीरानंदानी ने मेरे जन्मदिन पर मुझे एक हर्मेस स्कार्फ़ दिया था... मैंने उनसे बॉबी बराउन मेकअप सेट मांगा था लेकिन उन्होंने मुझे एक मैक आईशैडो और लिपस्टिक दिया."
उन्होंने अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि जब भी वो मुंबई या दुबई में होती थीं दर्शन हीरानंदानी की कार उन्हें एयरपोर्ट से पिक और ड्रॉप करती थी.
उन्होंने कहा, "मैं ये स्वीकार करती हूं कि निजी रिश्ते चुनने के मामले में मैंने ग़लती की है, लोगों को चुनने के मामले में मेरा टेस्ट ख़राब है, मैं मानती हूं मैं इसकी दोषी हूं और मुझे इससे जल्द बाहर निकलना है."
तृणमूल कांग्रेस पार्टी से समर्थन न मिलने को लेकर उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं पार्टी की वफादार सेवक हूं और मरते दम तक रहूंगी. जन्म देने वाली मां तो नहीं, लेकिन ममता बनर्जी मेरी मां की तरह है. इससे जुड़े सवाल निराधार हैं."

इमेज स्रोत, REUTERS/Aly Song/File Photo
भारत में ऐपल आईफ़ोन बनाएगी टाटा
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार टाटा इलेक्ट्रोनिक्स भारत में ऐपल आईफ़ोन बनानी वाली पहली कंपनी बनने जा रही है.
केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि आने वाले दो-ढाई सालों में टाटा कंपनी न सिर्फ देश के लिए बल्कि निर्यात के लिए भी आईफ़ोन बनाना शुरू कर देगी.
शुक्रवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस में घोषणा की गई कि ताइवान में मौजूद विस्ट्रन कंपनी के बोर्ड ने फ़ैसला किया कि वो विस्ट्रन इंफ़ोकॉम मैनुफेक्चरिंग (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के 100 फ़ीसदी इनडायरेक्ट शेयर 125 मिलियन डॉलर में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को बेच देगी.
कंपनी ने अपने बयान में कहा, "दोनों पक्षों की तरफ से मंज़ूरी मिलने और ज़रूरी दस्तावेज़ों में हस्ताक्षर होने के बाद सौदे को आगे नियामकों के पास मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा."
राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "आपके योगदान के लिए शुक्रिया विस्ट्रन. ऐपल के लिए अच्छी बात है अब वो भारत से ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने में हिस्सेदारी करेगा जिसके केंद्र में भारतीय कंपनियां होंगी."
इस कंपनी की फैक्ट्री बैंगलुरु में कोलार के पास है जहां ऐपल अपने आईफ़ोन बनाता है. ताइवान की कंपनियां पेगाट्रन कॉर्पोरेशन और फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप आईफ़ोन की असेंबली का काम करते हैं. इनके अलावा विस्ट्रन भारत में इनकी मैनुफेक्चरिंग करता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
बंगाल के मंत्री को ईडी ने किया गिरफ़्तार
अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार मनी लॉन्ड्रिग मामले में ममता बनर्जी सरकार में मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया है.
जांच अधिकारियों के हवाले से अख़बार लिखता है कि उनसे 17-18 घंटों तक पूछताछ के बाद उन्हें शुक्रवार सवेरे तड़के पीएमएनए क़ानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है.
कथित राशन घोटाले में गिरफ्तार मलिक को शुक्रवार को ही कोर्ट ने 10 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है.
वन मंत्री बनने से पहले ज्योतिप्रिय मलिक पहले प्रदेश में खाद्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे.
अख़बार लिखता है कि ईडी ने इस सिलसिले में मलिक और उनके सहयोगियों सहित कुल आठ जगहों पर छापेमारी की है.
ईडी चावल मिल मालिक बकीबुर रहमान के साथ मलिक के संबंधों की भी जांच कर रही है. इससे पहले ईडी ने इस कथित घोटाले में बकीबुर रहमान को गिरफ्तार किया था.
कुछ देर पहले जनसत्ता ऑनलाइन पर छपी एक ख़बर के अनुसार कोर्ट में सुनवाई के दौरान मलिक बेहोश हो गए जिसके बाद उन्हें शुक्रवार को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

इमेज स्रोत, ANDRZEJ WOJCICKI/GETTY IMAGES
मिज़ोरम सबसे अधिक कैंसर दर वाला राज्य
द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार आबादी के मामले में देश का पूर्वोत्तर राज्य मिज़ोरम में दूसरा सबसे कम आबादी वाला प्रदेश है, लेकिन कैंसर के मामले में दूसरों से आगे है.
18 साल तक हुई एक ट्रेंड स्टडी में ये बात सामने आई है कि राज्य में कैंसर की घटनाएं और इस कारण मृत्यु दर लगातार बढ़ रही है. पुरुषों में कैंसर से होने वाली मौतों के अधिकांश मामले पेट के कैंसर से जुड़े हैं जबकि महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों के अधिकांश मामले फेफड़ों का कैंसर है.
प्रदेश में युवाओं में भी कैंसर की घटनाओं और इस कारण मौतों में इज़ाफ़ा देखा जा रहा है.
अख़बार लिखता है कि स्टडी के अनुसार इसका कारण वहां के आदिवासी एंडोगैमस समुदायों (अंतरविवाह यानी समुदाय में ही विवाद करने वाले) के लोगों की स्थिर जीवनशैली और खाने का पैटर्न हो सकता है, जिस कारण आनुवंशिक गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है.
ये स्टडी हाल ही में द लैंसेट रीजनल हेल्थ - दक्षिण पूर्व एशिया में प्रकाशित हुई है.
स्टडी के अनुसार अधिक मौतों का एक कारण वहां इलाज की सुविधाओं और कुशल जानकारों की कमी हो सकती है. साथ ही जीनोमिक शोध के आधार पर किए गए इलाज और इलाक़े में परिवहन की मुश्किलें भी इसका कारण हो सकती हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















