यूएई ने लिया अहम फ़ैसला, वहाँ काम करने वाले भारतीयों को भी होगा फ़ायदा

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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने घोषणा की है कि दो और तीन दिसंबर प्राइवेट सेक्टर के कर्मियों के लिए भी पेड होलीडे होगा.
यानी यूएई के निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों को दो और तीन दिसंबर को छुट्टी मिलेगी और दोनों दिनों की सैलरी भी. यूएई ने यह घोषणा अपने 52वें नेशनल डे के मौक़े पर की है.
दो और तीन दिसंबर को यूएई के राष्ट्रीय अवकाश हैं. इस दिन को 1971 में यूएई के यूनियन बनने के तौर पर याद किया जाता है.
इस साल यूएई बने 52 साल पूरे हो रहे हैं. यूनियन डे पर दुबई में एक ख़ास कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें देश के विकास की कहानी बयां की जाएगी.
यूएई के मानव संसाधन मंत्रालय ने पेड छुट्टियों की घोषणा करते हुए कहा है, ''यूएई के 52वें नेशनल डे के मौक़े पर दो और तीन दिसंबर को निजी क्षेत्र के कर्मियों के लिए पेड होलीडे रहेगा. हम नेशनल डे के मौक़े पर अपने नेतृत्व, नागरिकों और यूएई में रहने वाले लोगों को बधाई देते हैं.''
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात में सरकारी और निजी सेक्टर के कर्मचारियों को 21 अक्टूबर को छुट्टी रहती है. हालांकि यह तारीख़ बदलती रहती है क्योंकि पैग़ंबर मोहम्मद की जयंती इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से बदलती रहती है.

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नए साल पर लंबा वीकेंड
यूएई में स्मृति दिवस को भी सार्वजनिक छुट्टी होती है. हालांकि, अभी तक अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया है कि इस दिन पेड होलीडे होगा या नहीं.
इस साल स्मृति दिवस 30 नवंबर को मनाया जाएगा. यूएई इस दिन मुल्क के लिए जान न्योछावर करने वाले लोगों को याद करता है.
पिछले साल निजी और सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों को 1 दिसंबर को स्मृति दिवस पर अतिरिक्त अवकाश दिया गया था.
नेशनल डे के अवकाशों को मिलाकर पिछले साल लोगों को तीन दिनों का अवकाश मिला था. मगर इस बार, 1 दिसंबर को शुक्रवार है, जिस दिन काम करना होगा.
लेकिन इस बार वहां के बाशिंदों को आने वाले साल की शुरुआत में ही तीन दिन की छुट्टियां मिलेंगी. एक जनवरी को सोमवार है जिस दिन पेड होलीडे होगा. उससे पहले शनिवार और रविवार को मिलाकर तीन दिन की छुट्टियां हो जाएंगी.

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यूएई में भारतीय
यूएई में सबसे ज़्यादा विदेशी नागरिक भारतीय हैं. यूएई में रहने वाली आबादी में 30 फ़ीसदी भारतीय हैं. यूएई में कुल 35 लाख भारतीय रहते हैं.
इनमें से 20 प्रतिशत अबु धाबी में रहते हैं और बाक़ी दुबई समेत यूएई के अन्य छह उत्तरी प्रांतों में. ज़्यादातर वैसे भारतीय हैं जो यहाँ काम करते हैं और महज़ 10 प्रतिशत वैसे भारतीय हैं जो परिवार के सदस्य के रूप में रहते हैं.
सेंटर फोर डिवेलपमेंट स्टडीज के एक अध्ययन के अनुसार भारत से यूएई जाने वाले सबसे ज़्यादा लोग केरल के होते हैं.
2014 में भारत से जितने प्रवासी संयुक्त अरब अमीरात गए उनमें से 38 फ़ीसदी लोग केरल से थे. एक अनुमान के मुताबिक़ केरल की कुल तीन करोड़ की आबादी के दस फ़ीसदी लोग राज्य में नहीं रहते हैं.
केरल के हर तीसरे घर का एक आदमी खाड़ी के देशों में काम करता है. ये देश हैं कुवैत, क़तर, ओमान, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब.
राज्य के बैंकों के आंकड़ों के अनुसार इन देशों में काम करने वाले लोग केरल को हर साल एक अरब रुपए भेजते हैं. खाड़ी के देशों में केरल के 20 फ़ीसदी प्रवासी ही ऐसे हैं जो अपने परिवार के साथ रहते हैं, बाकी अकेले रहते हैं और साल में एक बार आते हैं.
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