मोसाद से कैसे जुड़ रहे हैं पेजर हमलों के तार, हिज़्बुल्लाह को कितना बड़ा झटका

हिज़्बुल्लाह

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इमेज कैप्शन, धमाकों में घायल हुए 2800 लोगों में लेबनान में तैनात ईरान के राजदूत भी शामिल हैं.
    • Author, डेविड ग्रिटन
    • पदनाम, लंदन

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पेजर धमाकों में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है जिसमें एक बच्चा भी शामिल है. हिज़्बुल्लाह के सशस्त्र बल बातचीत के लिए पेजर का इस्तेमाल करते हैं.

यह धमाके बेरूत समेत कई अन्य क्षेत्रों में हुए हैं. धमाकों में घायल हुए 2800 लोगों में लेबनान में तैनात ईरान के राजदूत भी शामिल हैं.

बहुत सारी रिपोर्टों में ये कहा गया है कि इसराइल की ख़ुफ़िया सर्विस मोसाद ने हिज़्बुल्लाह के हज़ारों पेजरों में ये धमाके किए हैं. लेबनान के एक वरिष्ठ सिक्युरिटी अधिकारी ने कहा है कि ये पेजर कई माह पहले देश में लाए गए थे.

इसराइल और अमेरिकी सूत्रों ने कहा है पेजरों में विस्फोटक को समय से पहले ही एक्टिवेट कर दिया क्योंकि इसराइल को शक हो गया था कि हिज़्बुल्लाह को उसकी योजना की भनक लग गई थी.

हिज़्बुल्लाह को ईरान समर्थन देता रहा है. हिज़्बुल्लाह ने कहा है, ‘‘हिज़्बुल्लाह की कई इकाइयों और संस्थानों के कर्मचारियों के पास यह पेजर थे.’’ उसने धमाके में आठ लड़ाकों की मौत की पुष्टि की है.

हिज़बुल्लाह ने इस धमाके का आरोप इसराइल पर लगाया है. समूह ने इसे ‘आपराधिक आक्रमण’ बताया और इसका ‘बदला लेने की’ कसम खाई है. इसराइल की सेना ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

धमाकों से कई घंटों पहले, इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने बताया था कि देश के उत्तरी हिस्से पर हिज़्बुल्लाह के हमलों के कारण विस्थापित हुए लोगों की सुरक्षित वापसी इस युद्ध का आधिकारिक मक़सद था.

7 अक्टूबर 2023 को इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा में युद्ध शुरू हुआ था. इस दिन से लगभग हर दिन इसराइल-लेबनान सीमा पर भी गोलीबारी जारी है.

हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि वह ईरान समर्थित फ़लस्तीनी समूह के सहयोग के लिए काम कर रहा है.

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हिज़्बुल्लाह ने और क्या कहा?

महिलाएं

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इमेज कैप्शन, बेरूत और बाक़ी जगहों पर घायल हुए लोगों के परिजन अस्पतालों में इकट्ठा हो गए थे
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बुधवार को जारी ताज़ा बयान में हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि वो ‘ग़ज़ा के समर्थन में अभियान’ जारी रखेगा.

हिज़्बुल्लाह और हमास को इसराइल, ब्रिटेन समेत अन्य देशों ने आतंकी संगठन के तौर पर ग़ैर-क़ानूनी क़रार दिया हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि लेबनान में हाल ही में जो कुछ भी हुआ, वह ‘‘बेहद चिंताजनक’’ है.

मंगलवार शाम को लेबनान के कई लोगों को सदमा लगा और उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ. उनको समझ नहीं आया कि उनके आसपास किस पैमाने पर और किस तरह की घटना घट रही थी.

हिज़्बुल्लाह ने बताया है कि उसके लड़ाकों के इस्तेमाल किए जा रहे पेजर की कोई निश्चित संख्या नहीं है. यह समूह बातचीत के लिए पेजर पर निर्भर है क्योंकि, मोबाइल को हैक या ट्रैक करने की आशंका बनी रहती है.

यह पेजर धमाके लेबनान की राजधानी बेरूत समेत अन्य इलाकों में स्थानीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे हुए थे.

एक सीसीटीवी वीडियो फ़ुटेज में धमाका होते देखा जा सकता है. यह धमाका सुपरमार्केट के पास एक आदमी के बैग या जेब में हुआ. इसके बाद वह आदमी ज़मीन पर गिरता हुआ दिखा. वह दर्द से चिल्ला रहा था. दूसरे दुकानदार उसे संभालने के लिए भी दौड़े.

कई घंटों बाद, एंबुलेंस अस्पतालों की ओर जा रही थी. अस्पताल घायलों से भर गए थे. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 200 की हालत गंभीर बनी हुई थी. अस्पतालों के बाहर घायलों के परिजन इस उम्मीद में खड़े थे कि उनको अपनों की कोई ख़बर मिल जाए.

ईरान के राजदूत को कितनी चोट आई?

जवान

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इमेज कैप्शन, लेबनानी सेना के जवानों ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर में दाख़िल होने पर रोक लगा दी थी

बेरूत के अशरफ़िह ज़िले में एलएयू मेडिकल सेंटर का मुख्य दरवाज़ा बंद कर दिया था और तय संख्या में लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा था. अस्पताल के एक कर्मी ने बीबीसी से कहा, ‘‘यह बहुत ही संवेदनशील है और कुछ दृश्य डरावने हैं.’’

उसने बताया कि ज़्यादातर घायलों को कमर, चेहरे, आंख और हाथ में चोट आई है. उसने कहा, ‘‘ज़्यादा घायल अपनी उंगलियां खो चुके हैं. कुछ लोग तो सारी उंगलियां खो चुके हैं.’’

ईरानी राजदूत मोजत्बा अमानी की पत्नी ने बताया, वह (ईरानी राजदूत) एक धमाके से मामूली रूप से घायल हुए हैं और वह अस्पताल में ठीक हैं.

हिज़्बुल्लाह के मीडिया कार्यालय ने आठ लड़ाकों की मौत की पुष्टि की है. इसमें जगह और हालात को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है. सिर्फ़ इतना कहा गया है कि यह लोग ‘यरूशलम की राह पर शहीद’ हो गए.

समूह से जुड़े एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि बेका घाटी में हिज़्बुल्लाह के सांसद अली अमार का बेटा और दस वर्षीय बेटी भी मारे गए लोगों में शामिल हैं. इसके बाद, एक सूत्र ने बताया कि एक और सांसद हसन फ़दलल्लाह का बेटा भी घायल हुआ है. इससे पहले उनके मारे जाने की ख़बर आई थी.

ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्युमन राइट्स ने बताया है कि पड़ोसी देश सीरिया में भी पेजर धमाकों में 14 लोग घायल हुए हैं. हिज़बुल्लाह सीरिया के गृह युद्ध में सरकार के साथ मिलकर लड़ रहा है.

हिज़्बुल्लाह के अलावा लेबनान का भी इसराइल पर आरोप

हिज़्बुल्लाह

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इमेज कैप्शन, हिज़्बुल्लाह इसके लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहरा रहा है

मंगलवार शाम को हिज़्बुल्लाह ने अपने बयान में कहा, ‘‘हम इस आपराधिक आक्रमण के लिए पूरी तरह से इसराइली दुश्मनों को ज़िम्मेदार मानते हैं.’’

लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने भी इन धमाकों के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा, ‘‘इसराइल ने सभी मापदंडों में लेबनान की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन किया है.’’

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराग़ची ने कहा है कि उन्होंने लेबनान के अपने समकक्ष से कहा है कि वो ‘इसराइली आतंकवाद की कड़ी निंदा करें.’

इसराइल के क़रीबी मित्र अमेरिका ने इस मामले में किसी भी तरह से शामिल होने की बात से इनकार किया है और ईरान से तनाव न बढ़ाने की अपील भी की है.

मोसाद की ओर उठती उंगलियां

हर्ज़ी हालेवी

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इमेज कैप्शन, इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सज़ के प्रमुख हर्ज़ी हालेवी ने पेजर धमाकों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की है.

लेबनान के एक वरिष्ठ सिक्युरिटी सूत्र ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि इसराइल की स्पाई एजेंसी मोसाद ने ताइवान में बने 5000 पेजरों में एक छोटा सा विस्फोटक प्लांट किया था. ये सारे पेजर ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिज़्बुल्लाह ने ऑर्डर किए थे.

इसके अलावा इसराइल और अमेरिका के सूत्रों ने एग्ज़ियोम और अल-मॉनिटोर को बताया है कि ये सारे धमाके

वक्त से पहले कर दिए गए क्योंकि इसराइल को ये अंदेशा हो गया था कि हिज़्बुल्लाह को उनकी योजना की भनक लग गई है.

ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो ने कहा है कि ये पेजर उन्होंने नहीं बनाए हैं. इन पेजरों पर इसी कंपनी का लोगो है लेकिन फ़र्म के संस्थापक ने इस सारे घटनाक्रम में कंपनी की किसी भूमिका से इनकार किया है.

हिज़्बुल्लाह और लेबनान के प्रधानमंत्री ने हमले के लिए सीधे हिज़्बुल्लाह को ज़िम्मेदार ठहराया है.

लेकिन इसराइल मिलिट्री ने इस बारे में कोई बयान देने से इनकार कर दिया है.

पेजर में किस तरह हुए धमाके?

पेजर धमाके

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इमेज कैप्शन, पेजर धमाके सीसीटीवी वीडियो में भी क़ैद हुए

हिज़्बुल्लाह ने ये नहीं बताया है कि पेजर में धमाका होने के क्या कारण थे.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि जिन डिवाइसों में धमाका हुआ है, वो हिज़्बुल्लाह को नई ख़ेप के ज़रिए हाल ही में मिली थीं. हिज़्बुल्लाह के एक अधिकारी ने भी समाचार पत्र को बताया कि कुछ लोगों ने महसूस किया कि पेजर धमाके से पहले गर्म हो गए थे.

ज़्यादा गर्म हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों में आग लग सकती है. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि पेजर को हैक करने और उन्हें गर्म करने पर आमतौर पर इस तरह के धमाके नहीं होंगे.

ब्रिटिश आर्मी में हथियार सामग्री के एक भूतपूर्व विशेषज्ञ नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी को बताया है कि ऐसा आशंका है कि पेजर्स में नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाकर उनमें 10 ग्राम से 20 ग्राम सैन्य स्तर का उच्च विस्फोटक छिपाया गया होगा.

विशेषज्ञ कहते हैं कि जब इस डिवाइस पर सिग्नल आया होगा, जिसे अल्फ़ान्यूमैरिक टैक्स्ट मैसेज कहा जाता है, तो उस डिवाइस का इस्तेमाल करने पर डिवाइस में धमाका हुआ होगा.

ब्रिटेन स्थित चैटम हाउस थिंक टैंक में मिडिल ईस्ट की विशेषज्ञ लीना ख़ातिब ने बीबीसी से कहा, ‘‘इसराइल कई महीनों से हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ साइबर ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन ये बड़े पैमाने पर सुरक्षा में सेंध है.”

अमेरिकी थिंक टैंक द एटलांटिक काउंसिल में बेरूत के सीनियर फैलो निकोलस ब्लेनफोर्ड ने कहा, ‘‘इसराइल ने इस लड़ाई में एक झटके में हिज़्बुल्लाह के हज़ारों नहीं तो सैकड़ों लड़ाकों को तो बेअसर कर दिया है, और कुछ को तो हमेशा के लिए कर दिया है.’’

हिज़्बुल्लाह पर बढ़ेगा दबाव?

इस घटना के लिए लेबनान की सरकार ने भी इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है

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इमेज कैप्शन, इस घटना के लिए लेबनान की सरकार ने भी इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है

निकोलस ने यह चेतावनी भी दी है कि हिज़्बुल्लाह के नेताओं पर इसका जवाब देने के लिए अब समर्थकों की ओर से बहुत ज़्यादा दबाव होगा. उन्होंने इस पल को हिज़बुल्लाह और इसराइल विवाद के बीच अक्टूबर के बाद से अब तक का सबसे भयानक पल बताया.

मंगलवार शाम इसराइली सेना का एक बयान सामने आया. इसमें पेजर धमाके को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन बताया गया कि चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ लेफ्टिनेंट जनरल हेर्ज़ी हेल्वी ने स्थिति का जायज़ा लेने के लिए कमांडर्स के साथ बैठक की है. यह बैठक जंग के सभी मोर्चों पर सभी परिस्थितियों में तैयार रहने के मामले पर केंद्रित थी.

यह भी कहा गया कि इसराइली जनता के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है. मगर, सभी से सतर्क और सावधान रहने के लिए कहा गया है.

इससे एक दिन पहले इसराइली सेना ने बताया था कि इसराइल की सीमा के नज़दीक लेबनान में एक एयर स्ट्राइक में ‘हिज़्बुल्लाह के तीन आतंकवादियों को मार’ दिया था.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि इसराइली स्ट्राइक में तीन लोगों की मौत हुई है. वहीं, हिज़्बुल्लाह के मीडिया कार्यालय ने बताया था कि इसराइल के सैनिकों और सैन्य स्थलों पर निशाना साधते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए थे.

इसराइल की शिन बेत आंतरिक सुरक्षा सेवा ने बताया था कि उसने हिज़्बुल्लाह के बम हमले को नाकाम किया है. यह हमला इसराइल के भूतपूर्व सुरक्षा अधिकारी पर निशाना साधने के मक़सद से किया गया था. हिज़बुल्लाह ने इस आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं की.

यह उस समय सामने आया है, जब इसराइल की सरकार ने हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ सेना उतारने की धमकी दी है.

मंगलवार की सुबह, इसराइल सुरक्षा कैबिनेट ने 60 हज़ार विस्थापितों की सुरक्षित वापसी करवाई, जो हिज़्बुल्लाह के हमले के कारण उत्तर में विस्थापित हो गए थे.

रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने अमेरिकी राजदूत एमोस होचस्टाइन से सोमवार को मुलाक़ात के दौरान कहा था कि उत्तर में रह रहे लोगों को केवल सैन्य एक्शन के द्वारा ही वापस लाया जा सकता था.

उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘समझौते की संभावनाएं दूर होती जा रही हैं, क्योंकि हिज़्बुल्लाह ने खुद को हमास से जोड़ रखा है और विवाद को ख़त्म करने से इनकार कर दिया है.’’

जब से अक्टूबर में युद्ध शुरू हुआ है, लगभग 589 लोग लेबनान में मारे जा चुके हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इनमें ज़्यादा संख्या हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों की है.

इसराइल सरकार ने बताया कि इसराइल की तरफ से 25 नागरिक और 21 सुरक्षा बलों के सदस्य मारे गए हैं.

अतिरिक्त रिपोर्टिंग फ्रांसेस माओ के द्वारा की गई.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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