अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर आ रहा एक और विमान, पंजाब में उतारने पर क्यों हो रहा विवाद

इमेज स्रोत, Getty Images
भारतीय प्रवासियों के अमेरिका से एक और निर्वासन की ख़बरों के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के मुताबिक़ 15 फ़रवरी को अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे 119 भारतीयों को लेकर एक विमान अमेरिका से पंजाब पहुंच सकता है.
शुक्रवार को भगवंत मान के प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने दूसरी फ्लाइट में वापस भेजे जा रहे भारतीयों के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि 67 पंजाबियों सहित 119 अवैध प्रवासियों को लेकर एक और अमेरिकी विमान शनिवार को भारत पहुंचेगा. बीबीसी पंजाबी को मिली जानकारी के अनुसार इस विमान के देर रात अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचने की संभावना है.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

सीएम भगवंत मान ने क्या कहा?
शुक्रवार शाम पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा उन्होंने भारतीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से विमान का रूट बदलकर उसे पंजाब की बजाय कहीं और उतारने का अनुरोध किया है.
मुख्यमंत्री ने कहा, "अब कह रहे हैं कि 119 लोगों में से 67 पंजाब के हैं, तो इसलिए विमान को अमृतसर उतारेंगे. तो फिर पहली बार अहमदाबाद में क्यों नहीं उतरा, क्योंकि पहली खेप में तो 33 लोग गुजरात के थे. पंजाब के 30 लोग थे."
उन्होंने कहा, "तीन हरियाणा के थे, तो फिर अंबाला में क्यों नहीं उतरा. जब फ्रांस से रफ़ाल आता है तो उसको अंबाला में उतारते हो. हमें बच्चा समझते हो क्या?"

इमेज स्रोत, Getty Images
भगवंत मान ने कहा, "पहला विमान उन्होंने अमृतसर में उतारा, पता नहीं क्या क्राइटेरिया था."
उन्होंने सवाल किया, "दूसरा विमान अमृतसर क्यों उतरेगा, ये फ़ैसला लेने का आधार क्या है? विदेश मंत्रालय ये बताए. ये पंजाब को बदनाम करने की बीजेपी की साजिश है और हमेशा रहती है. केंद्र सरकार पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करना चाहती है."
हालांकि उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी विमान भारतीयों को लेकर आएगा तो वे अमृतसर हवाई अड्डे पर मौजूद रहेंगे.
उन्होंने कहा, "अमेरिका ने अपने क़ानून के तहत डिपोर्ट किया है लेकिन अपने नागरिकों को मान-सम्मान देना हमारा कर्तव्य है."
इससे पहले पांच फ़रवरी को अमेरिकी सेना का एक विमान अमेरिका में बिना वैध दस्तावेज़ों के रह रहे 104 भारतीयों को लेकर पांच फ़रवरी को अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था.
कांग्रेस और अकाली दल क्या बोले?

इमेज स्रोत, @USBPChief
इस मामले में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी सवाल किया है कि विमान को दिल्ली या कहीं और भी लैंड कराया जा सकता था, हर बार अमृतसर में ही क्यों?
मनीष तिवारी ने कहा, "ये विमान पंजाब में क्यों उतारे जा रहे हैं? आप किस तरह का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं? क्या आप यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिका में आने वाला हर अवैध प्रवासी पंजाब से है? इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री का कहना बिल्कुल सही है."
उन्होंने कहा, "पहले विमान में गुजरात और हरियाणा से भी कुछ लोग थे. इस विमान को दिल्ली या कहीं और भी लैंड कराया जा सकता था. हर बार अमृतसर में ही क्यों?"
साथ ही उन्होंने कहा कि, "जिन लोगों को भेजा जा रहा है वो लोग इंसान है, अपराधी नहीं हैं. वो आर्थिक विकल्प की तलाश में वहां गए थे. उनका अवैध तरीके से अमेरिका जाने का मुद्दा अलग है. पहला सवाल तो ये कि क्या उन्हें वापिस भेजने की सही प्रक्रिया अपनाई गई. दूसरा, क्या पीएम मोदी जब अमेरिका गए थे उन्होंने इस पर बात की. और तीसरा, इन लोगों के साथ जो बर्ताव हुआ उस पर क्या भारत सरकार को कुछ कहना है."
वहीं पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणी अकाली दल के नेता गुलज़ार सिंह राणिके ने भी भगवंत मान के बयान का समर्थन किया है.
उन्होंने कहा, "यह पंजाब का दुर्भाग्य है कि केंद्र सरकारों ने हमेशा पंजाब को बदनाम करने की कोशिश की है. पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, ख़ासकर अमृतसर जिला जो सीमा के पास है, यहां विमान उतारना पंजाब को बदनाम करने और यह दिखाने की साजिश है कि केवल पंजाबी ही अवैध प्रवासी हैं. विमान कहीं और भी उतारा जा सकता है."
गुलज़ार सिंह ने कहा, "हम मांग कर रहे हैं कि अमृतसर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जाएं, लेकिन केंद्र इसकी अनुमति नहीं देता. लेकिन अब हमें बदनाम करने के लिए विदेशी विमान अमृतसर में उतारे जा रहे हैं. गुजरात, हरियाणा या किसी भी दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान उतर सकते हैं. पंजाब ही नहीं, सभी राज्यों से लोग गए हैं."
बीजेपी ने दिया जवाब

इमेज स्रोत, Getty Images
पंजाब बीजेपी का कहना है कि जो लोग अमेरिका से डिपोर्ट होकर आ रहे हैं उनमें ज़्यादातर पंजाब के हैं.
पंजाब बीजेपी के महासचिव अनिल सरीन ने कहा, "इसमें कोई दो राय नहीं कि जो लोग डिपोर्ट होकर भारत आ रहे हैं, उनमें अधिकतर पंजाब के हैं. पहले लगभग 100 यात्रियों का प्लेन आया उसमें लगभग 33 पंजाब के थे और आज जो प्लेन 119 लोगों को लेकर आ रहा है उसमें 66 पंजाब के हैं."
अनिल सरीन ने सवाल किया, "पंजाब सरकार बताए कि उन ट्रैवल एजेंट्स पर क्या कार्रवाई की गई. जो लोग पहले वापस आए वो किन ट्रैवल एजेंट्स के माध्यम से गए थे, इसके ऊपर अब तक क्या कार्रवाई की गई, ये पंजाब सरकार बताए."
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, "अमेरिका से अवैध रूप से निकाले जा रहे पंजाबी धोखेबाज एजेंटों और पंजाब में विफ़ल 'आप' सरकार के जालसाज़ों के शिकार हैं. भगवंत मान को जवाब देना चाहिए कि पंजाब का युवा पंजाब क्यों छोड़ रहा है?"
वहीं बीजेपी महासचिव रुण चुग ने कहा है कि पंजाब मुख्यमंत्री ये बताएं कि पंजाब के लोग राज्य छोड़कर अवैध तरीकों से विदेश क्यों जा रहे हैं.
उन्होंने पूछा, "युवाओं को अपनी ज़मीन, घर बेचने के लिए बाध्य किया जा रहा है. युवाओं की ज़िंदगी ख़राब करने वाले दोषियों को पकड़ने की बजाय आम आदमी पार्टी के नेता राजनीति कर रहे हैं."
ट्रंप से मोदी ने अवैध प्रवासियों के बारे में क्या कहा?

इमेज स्रोत, Getty Images
इस सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं की साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई, जिस दौरान अमेरिका में बिना वैध दस्तावेज़ के रह रहे भारतीयों को वापस लेने पर भारतीय प्रधानमंत्री ने बयान दिया.
पीएम मोदी ने कहा, "अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर हमारे विचार एक जैसे हैं और वह यह है कि अगर अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे किसी भारतीय की पुष्टि हो जाती है तो हम उन्हें भारत वापस लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं."
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मानव तस्करों लेकर जाते हैं और उन्हें यह भी पता नहीं होता कि उन्हें अमेरिका ले जाया गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा था, "ये बहुत साधारण परिवारों के बच्चे हैं. इन्हें बड़े सपने दिखाए जाते हैं और इनसे बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं."
उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को बचाने के लिए मानव तस्करों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जानी चाहिए.
अवैध प्रवासियों पर ट्रंप का कड़ा रुख़

इमेज स्रोत, Getty Images
यूएस बॉर्डर पट्रोल (यूएसबीपी) के प्रमुख माइकल डब्ल्यू बैंक्स ने पांच फ़रवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीयों को भारतवापिस भेजे जाने का एक वीडियो साझा किया था.
इस वीडियो के साथ, बैंक्स ने एक्स पर अपने पोस्ट में अमेरिका से निर्वासित अवैध प्रवासियों पर रुख़ भी स्पष्ट किया.
उन्होंने लिखा, "अवैध प्रवासियों को सफलतापूर्वक भारत वापस भेज दिया गया है, जो सैन्य परिवहन का उपयोग करके की गई अब तक की सबसे लंबी निर्वासन उड़ान है."
"यह मिशन आव्रजन क़ानूनों को लागू करने और शीघ्र निष्कासन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है."
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा, "यदि आप अवैध रूप से अमेरिका आएंगे तो आपको वापस भेज दिया जाएगा."
24 जनवरी को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बैनर पर हथकड़ी पहने हुए सैन्य विमान में चढ़ते लोगों की तस्वीरें साझा की थीं.
इसके साथ ही उन्होंने लिखा, "निर्वासन उड़ानें शुरू हो गई हैं. राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया को एक मज़बूत और स्पष्ट संदेश भेज रहे हैं, यदि आप अवैध रूप से अमेरिका आते हैं, तो आपको गंभीर परिणाम भुगतने होंगे."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
















