हरीश साल्वे अपनी तीसरी शादी में ललित मोदी और मोइन क़ुरैशी के मौजूद रहने पर क्या बोले?- प्रेस रिव्यू

हरीश साल्वे

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वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने रविवार को हुई अपनी शादी में ललित मोदी के मौजूद रहने पर द टेलीग्राफ अख़बार से बात की है.

हरीश साल्वे ने लंदन में रविवार को तीसरी शादी की थी.

इस शादी में ललित मोदी और मोइन क़ुरैशी भी शामिल हुए थे. शादी की तस्वीरें, वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर की गईं.

शिव सेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी समेत काफ़ी सारे लोगों ने सवाल उठाए थे कि कैसे ललित मोदी सरकार के पसंदीदा वकील हरीश साल्वे की शादी में शामिल हो सकते हैं?

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में लिखा है कि ललित मोदी और मोइन क़ुरैशी के इस पार्टी में रहने से सवाल उठे हैं.

इस बारे में टेलीग्राफ ने जब हरीश साल्वे से सवाल किया तो वो बोले, ''ये बकवास है. ललित मोदी या मोइन क़ुरैशी में से कोई भगोड़ा नहीं है. मोइन भारत में रहते हैं. ललित मोदी भगोड़े नहीं हैं.''

साल्वे ने कहा, ''मैंने सुप्रीम कोर्ट में ललित मोदी का केस लड़ा है. ललित से दोस्ती को लेकर भी मैं ओपन रहा हूं. मोइन भारत में रहते हैं और उनको विदेश यात्रा करने का अनुमति है. वो ब्रिटेन आते रहते हैं.''

ललित मोदी

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ललित मोदी और मोइन क़ुरैशी

भारत में ललित मोदी पर चल रहे मामलों के चलते वो एक लंबे वक़्त से लंदन में आत्मनिर्वासित होकर रह रहे हैं.

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आईपीएल के संचालन में वित्तीय अनियमितताओं और दो नई टीमों की नीलामी के दौरान ग़लत तरीक़े अपनाने के आरोप में आईपीएल 2010 के आयोजन के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था.

ललित मोदी पर आईपीएल में वित्तीय अनियमतताओं के आरोप है, जिन्हें वो हमेशा ख़ारिज करते रहे हैं.

वहीं मोइन क़ुरैशी मीट कारोबारी हैं और 2018 सीबीआई डायरेक्टर्स विवाद में उनका भी नाम आया था.

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक़, मोइन क़ुरैशी पर टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप भी हैं.

साल्वे की पार्टी में ललित मोदी की मौजूदगी की तस्वीरें ऐसे वक़्त में आई हैं, जब कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक देश एक चुनाव पर कमिटी बनाई है.

इस कमिटी में हरीश साल्वे को भी शामिल किया गया है. इस कमिटी को ये काम दिया गया है कि वो बताए कि क्या देश में एक साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव करवाए जाने चाहिए या नहीं?

इस कमिटी का एलान करने से एक दिन पहले ही मोदी सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाने की जानकारी दी थी.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि संसद के इस सत्र में एक देश एक चुनाव पर सरकार कोई कदम उठा सकती है.

मोईन कुरैशी

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अरुण जेटली की कमिटी में ललित मोदी पर क्या कहा गया था

2013 में सत्ता में यूपीए थी. तब ललित मोदी पर लगे आरोपों के चलते एक कमिटी बनाई गई थी.

इस कमिटी में बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली भी थे. जेटली तब बीसीसीआई के उपाध्यक्ष पद पर भी थे. बीसीसीआई की कमिटी में जेटली के अलावा तब के कांग्रेस नेता और अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे.

इस कमिटी ने ललित मोदी को वित्तीय अनियमतिताओं और आठ मामलों में दोषी पाया था.

2015 में ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि बीजेपी नेता वसुंधरा राजे ने ललित मोदी के ब्रिटेन में रहने के लिए चिट्ठी लिखी थी.

टेलीग्राफ लिखता है कि ये ललित मोदी का ही मामला था, जिसमें तब तक हर मुद्दे पर बोलने वाले नरेंद्र मोदी ने चुप्पी बरतने की शुरुआत की थी और जो अब तक जारी है.

2015 में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित साल्वे ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में कुलभूषण जाधव का केस लड़ा था.

तब साल्वे ने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से सिर्फ़ एक रुपये फीस ली थी.

ज्ञानवापी मस्जिद

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ज्ञानवापी सर्वे की डेडलाइन बढ़ाने के ख़िलाफ़ मुस्लिम पक्ष की अपील

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई का सर्वे जारी है.

इस सर्वे की मियाद बढ़ाए जाने की हाल ही में एएसआई ने अपील की थी. एएसआई ने सर्वे किए जाने के लिए आठ और हफ़्तों का समय मांगा था.

एएसआई को ये रिपोर्ट पहले चार सितंबर तक जमा करनी थी.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, एएसआई की इस मांग के ख़िलाफ़ मुस्लिम पक्ष ने सोमवार को कोर्ट का रुख किया.

मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि एएसआई परिसर के भूतल में खुदाई कर रहा है जो कोर्ट के आदेश की अवहेलना है.

मस्जिद कमेटी की ओर से बताया गया, ''हमने वाराणसी की ज़िला अदालत में एएसआई की अपील के ख़िलाफ़ रुख किया है.''

कोर्ट को इस मामले में आठ सितंबर को सुनवाई करनी है.

बीरेन सिंह

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मणिपुर: चार एडिटर के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, मणिपुर सरकार ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया के सदस्यों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है.

एडिटर्स गिल्ड ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है.

मणिपुर सरकार ने आरोप लगाया है कि एडिटर्स गिल्ड ने हिंसा झेल रहे राज्य में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की.

मणिपुर सीएम बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा, ''सरकार ने एडिटर्स गिल्ड के सदस्यों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.''

जिन लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें सीमा मुस्तफा, सीमा गुहा, भारत भूषण और संजय कपूर शामिल हैं.

इन सदस्यों की कमेटी ने बीते महीने मणिपुर का दौरा किया था. इस दौरे का मकसद हिंसा पर मीडिया रिपोर्ट्स का अध्ययन करना है.

मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा- सभी पक्षों से मिलना चाहिए था न कि किसी एक पक्ष से.

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