ललित मोदी के घर पानी के ग़ुब्बारे क्यों फेंका करती थीं श्रद्धा कपूर

इमेज स्रोत, SPICE PR
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
'आशिक़ी 2', 'एक विलेन', 'हाफ़ गर्लफ़्रेंड' और 'स्त्री' जैसी हिट फ़िल्में देने वाली श्रद्धा कपूर दो साल बाद फ़िल्म 'तू झूठी मैं मक्कार' से बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं.
वो नज़र आएंगी लव रंजन की रोमांटिक कॉमेडी 'तू झूठी मैं मक्कार' फ़िल्म में जिसमें वो पहली बार रणबीर कपूर साथ दिखेंगी.
फ़िल्म के प्रमोशन सिलसिले में बीबीसी से रूबरू हुई श्रद्धा कपूर ने फ़िल्म में अपने बदले अवतार, बचपन के झूठ बोलने के वाक़ये, होली की क़िस्से और चाय के साथ रिश्ते को साझा किया.

इमेज स्रोत, SPICE PR
बड़े परदे पर पहली बार श्रद्धा कपूर, रणबीर कपूर के साथ नज़र आएँगी. फ़िल्म इंडस्ट्री की दूसरी अभिनेत्रियों की तरह श्रद्धा कपूर रणबीर कपूर की दीवानी तो नहीं पर उनके काम की प्रशंसक ज़रूर रही हैं. वो अपने आप को सिर्फ़ ऋतिक रोशन की दीवानी मानती हैं.
श्रद्धा कपूर ने बताया, "मैं ऋतिक रोशन के पोस्टर और स्लैम बुक रखा करती थी और ये उनको भेजा भी था."
लेकिन रणबीर कपूर के काम की कायल श्रद्धा कपूर को आश्चर्य है कि उनके 12 साल के करियर में पहले कभी किसी ने उन्हें रणबीर के साथ फ़िल्म ऑफ़र नहीं की.
श्रद्धा कपूर रणबीर को सुपरस्टार मानती हैं, जो अभिनय के बलबूते पर अपने आप को साबित करके स्टार बने हैं. श्रद्धा मानती हैं कि इस फ़िल्म में वो अपने फ़िल्मी करियर के दूसरे अवतारों से बहुत अलग अवतार में दिखेंगी.

इमेज स्रोत, SPICE PR
जब पकड़ा गया झूठ
श्रद्धा कपूर ने स्वीकार किया कि वो झूठ बोलने में अक्सर पकड़ी जाती हैं.
बचपन का एक किस्सा साझा करते हुए श्रद्धा कपूर ने बताया कि जब वो ग्यारहवीं कक्षा में मुंबई के एक अंतराष्ट्रीय स्कूल में पढ़ा करती थीं जिसके परीक्षा के पेपर पूरी दुनिया में एक ही हुआ करते थे, तब उन्होंने अपनी सहेली जो दूसरे देश में थी उनके परीक्षा के बाद पेपर मँगवा लिए और परीक्षा में अच्छे अंकों से पास हो गईं.
पर पढ़ाई में कमज़ोर श्रद्धा कपूर की अध्यापिका ने उनसे पूछा कि कुछ तो गड़बड़ है, "क्या तुमने पेपर मंगवाए". टीचर के इस सवाल पर उनके पसीने छूटने लगे और डर के मारे श्रद्धा कपूर ने सारा सच बयान कर दिया और उन्हें लगभग फ़ेल होने वाले अंक दिए गए.
तब श्रद्धा ने तय किया कि परीक्षा में अच्छे अंक लाना है तो पढ़ाई करनी होगी और फिर उन्होंने जम कर पढ़ाई की और परीक्षा अच्छे अंकों से पास भी हुईं.

इमेज स्रोत, shraddhakapoor
चाय से प्यार
अक्सर अभिनेत्रियों पर अच्छा दिखने और फ़िटनेस का दबाव रहता है. इसलिए अभिनेत्रियां अपने आप को चाय से दूर रखती हैं. पर श्रद्धा कपूर अपने आप को चाय प्रेमी मानती हैं और दिन में तीन से चार कप चाय पी लिया करती हैं.
वो कहती है , "मैं दुनिया में किसी भी चीज़ के लिए चाय नहीं छोड़ सकती." उन्हें चाय की लत 2007 में उनके घर काम करने वाली सुनीता की वजह से लगी थी.
वो अपनी चाय एक अनोखे सिरेमिक कप में पीती हैं जिसे उन्होंने 2007 के आसपास मुंबई की एक मशहूर दुकान से साढ़े सात सौ रुपए में ख़रीदी थी.
उनका मानना है कि उन्हें वो कप ख़रीदते समय बहुत महंगा लगा था और उन्होंने सोचा था कि उन्हें वो कप सोने की तरह संभलकर रखना पड़ेगा. वो उस कप का ख़ुद ही ध्यान रखती हैं. उसे धोती हैं और आज तक उसी कप में चाय पीती हैं.
ये भी पढ़ें:- बिग-बॉस कंटेस्टेंट अर्चना गौतम: जिन्होंने ग़रीबी में दूध बेचने से लेकर न्यूज़ पेपर तक फेंके

इमेज स्रोत, SPICE PR
होली का क़िस्सा
होली के अवसर पर उनकी फ़िल्म 'तू झूठी, मैं मक्कार' रिलीज़ हो रही है. श्रद्धा कपूर अब होली नहीं खेलती हैं, पर बचपन में उन्होंने अपनी बिल्डिंग में बहुत होली खेली है.
श्रद्धा कपूर ने होली पर बचपन का एक क़िस्सा सुनाते हुए कहा, "मेरी बिल्डिंग के नीचे ललित मोदी का बंगला है जिसमें उनका शानदार पूल है और वहाँ बड़ी पार्टियां हुआ करती थीं. मेरा भी मन करता था वहां जाने का. पर जा नहीं पाती थी तो अपनी बिल्डिंग से छुप-छुप कर पानी के ग़ुब्बारे फेंका करती थी."
श्रद्धा कपूर को डर है कि अब ललित मोदी को ये पता चल जाएगा कि उनके बंगले में पानी के ग़ुब्बारे कौन फेंकता था.

इमेज स्रोत, @shraddhakapoor
फ़ैंस का प्यार
श्रद्धा कपूर के सोशल मीडिया पर काफ़ी फ़ॉलोवर हैं. ट्विटर पर उन्हें क़रीब डेढ़ करोड़ लोग फ़ॉलो करते हैं.
श्रद्धा कपूर ने बताया कि वो अपना काफ़ी समय सोशल मीडिया पर फ़ैंस के कॉमेंट और मैसेज पढ़ने में बिताती हैं. वो अपने आप को भाग्यवान मानती है कि उन्हें दर्शकों का इतना प्यार मिला है.
लव रंजन द्वारा निर्देशित 'तू झूठी मैं मक्कार' फ़िल्म 8 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी. श्रद्धा कपूर और रणबीर कपूर के साथ स्टैंड अप कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी भी अहम भूमिका में नज़र आएंगे.
ये भी पढ़ें:- वो देश जहां हर 15 घंटे बाद क़ीमतें दोगुनी हो जाती थीं
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














