गोल्डी बराड़ के माता-पिता को क्यों गिरफ़्तार किया गया, उनके वकील और पुलिस ने क्या कहा?

    • Author, नवजोत कौर
    • पदनाम, बीबीसी पंजाबी के लिए

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की ज़िम्मेदारी लेने वाले गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह और मां प्रीतपाल कौर को सोमवार को मुक्तसर पुलिस ने अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया.

मुक्तसर एसएसपी अभिमन्यु राणा ने बीबीसी से बात करते हुए गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह और गोल्डी बराड़ की मां प्रीतपाल कौर की गिरफ्तारी की पुष्टि की.

मुक्तसर पुलिस के मुताबिक़, यह गिरफ़्तारी मुक्तसर ज़िले में एक ग्रामीण से जबरन वसूली के मामले के संबंध में की गई थी.

हालांकि इस मामले में एफ़आईआर साल 2024 में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज की गई थी. लेकिन पुलिस के मुताबिक़, जांच के दौरान गोल्डी बराड़ के माता-पिता की इस मामले में संलिप्तता का पता चलने के बाद कार्रवाई की गई.

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एसएसपी राणा के मुताबिक़, "गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह और माता प्रीतपाल कौर पर गोल्डी बराड़ के नाम पर लोगों से जबरन वसूली करने का आरोप है, जिसके बाद सोमवार सुबह दोनों को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया."

"पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया और एक दिन की रिमांड हासिल की. उन्हें आज फिर अदालत में पेश किया जाएगा. इसके बाद जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी."

एसएसपी का कहना है कि इस मामले में गोल्डी बराड़ की संलिप्तता पाई गई है. पुलिस जांच कर रही है और बाक़ी की जानकारी रिमांड में मिली जानकारी के बाद ही साझा की जा सकेगी.

गोल्डी बराड़ के माता-पिता के वकील ने क्या कहा

वहीं, गोल्डी बराड़ के माता-पिता के वकील बाबू सिंह की बीबीसी के साथ साझा की गई जानकारी के मुताबिक़, गोल्डी बराड़ के माता-पिता सोमवार को अमृतसर के दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) गए थे, जब मुक्तसर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

वकील बाबू सिंह का कहना है कि पुलिस ने ये गिरफ्तारी 2024 में जबरन वसूली के एक मामले में की है.

उन्होंने कहा, "3 दिसंबर 2024 को मुक्तसर पुलिस ने उदेकरण गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के बयान के आधार पर फ़िरौती की मांग के मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी. अब इसी मामले को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने शमशेर सिंह और उनकी पत्नी को गिरफ़्तार कर लिया है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4), 351(1) और 351(3) के तहत दर्ज किया गया है."

उन्होंने कहा, "पुलिस के अनुसार, अब 24 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने अपने स्तर पर जांच की है और शमशेर सिंह इस मामले में शामिल हैं. इस बयान के आधार पर पुलिस ने शमशेर सिंह को इस मामले में नामजद किया और इसी आधार पर पुलिस ने शमशेर सिंह और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया."

बाबू सिंह कहते हैं, "यह मामला झूठा लगता है. पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर जांच की है और शमशेर सिंह का नाम सामने आया है, लेकिन शमशेर सिंह की पत्नी की गिरफ्तारी बेबुनियाद लगती है. हम इस गिरफ्तारी को अदालत के ज़रिए चुनौती दे रहे हैं."

हालांकि, मुक्तसर एसएसपी अभिमन्यु राणा ने वकील बाबू सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है।

फ़िरौती की मांग के इस मामले में शिकायतकर्ता ने बीबीसी पंजाबी से बात करते हुए कहा, "मुझे फ़िरौती मांगने के लिए फ़ोन आया था, जिसकी शिकायत मैंने पुलिस में दर्ज कराई थी. मुझे नहीं पता कि फ़ोन किसने किया था. मेरी शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया. मैंने गोल्डी बराड़ के पिता या माता का नाम कभी नहीं लिया."

एफ़आईआर में क्या लिखा है?

3 दिसंबर, 2024 को दर्ज एफ़आईआर में शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि एक विदेशी नंबर से बार-बार 50 लाख रुपये की फ़िरौती की मांग की जा रही है और उसे जान से मारने की धमकी दी गई है.

पुलिस ने आपराधिक धमकी और जबरन वसूली से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(4), 351(1) और 351(3) के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी.

गोल्डी बराड़ कौन हैं?

साल 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गोल्डी बराड़ को "व्यक्तिगत आतंकवादी" घोषित किया था.

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है. वो मूल रूप से पंजाब के मुक्तसर ज़िले के रहने वाले हैं.

पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक़, गोल्डी बराड़ साल 2017 में स्टडी वीज़ा पर कनाडा गए थे, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गए, वहीं से वह अपने साथियों की मदद से पंजाब में अपराध को अंजाम दे रहे हैं.

गोल्डी बराड़ के पिता पंजाब पुलिस में सहायक पुलिस निरीक्षक थे.

पुलिस ने गोल्डी बराड़ को पंजाब के दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड बताया है. सिद्धू मूसेवाला की हत्या में मुख्य साज़िशकर्ता होने के अलावा, पंजाब पुलिस गोल्डी बराड़ को कई अन्य मामलों में भी वांछित मानती है.

लेकिन 29 मई 2022 को सिद्धू मूसेवाल की हत्या के बाद गोल्डी बराड़ पहली बार सुर्खियों में आए थे.

गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दावा किया था कि उन्होंने मूसेवाला की हत्या का आदेश दिया था.

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद भारत सरकार ने उनके ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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