ट्रायल के मुद्दे पर भिड़े पहलवान, विनेश फोगाट ने योगेश्वर दत्त को बताया जयचंद और चापलूस

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पहलवान योगेश्वर दत्त ने इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (आईओए) की एड-हॉक कमिटी के एक फ़ैसले से नाराज़ होकर उस पर सवाल उठाए हैं.
पहलवान विनेश फोगाट ने उनके सवाल का जबाव दिया है, जिसकी सोशल मडिया पर चर्चा हो रही है.
कमिटी ने महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में इंडियन रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे छह पहलवानों को ट्रायल में छूट देने का फ़ैसला किया था.
इनमें साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा शामिल हैं. 5 से 15 अगस्त के बीच ये पहलवान ट्रायल के विजेताओं से भिड़ेंगे.
दरअसल ये पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए दिल्ली में एक लंबे धरने पर बैठे थे. उनकी मांग थी कि सिंह को गिरफ़्तार किया जाए.
धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी और अब दिल्ली की दो अदालतों में अब बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ केस चल रहे हैं
शुक्रवार को धरने पर बैठे पहलवानों के ट्रायल में छूट दिए जाने को योगेश्वर दत्त ने ग़लत बताया है. योगेश्वर दत्त बीजेपी से जुड़े हैं और हरियाणा से दो बार पार्टी के विधायक बनने का विफल प्रयास कर चुके हैं.
योगेशवर दत्त के इस बयान पर प्रदर्शन का हिस्सा रही पहलवान विनेश फोगाट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
विनेश फोगाट ने कहा कि "जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौसले बुलंद रहेंगे."
विनेश ने योगेश्वर पर महिला पहलवानों को तोड़ने की कोशिश करने और बृजभूषण सिंह के साथ मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया.
योगेश्वर दत्त ने क्या कहा था?
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इससे पहले योगेश्वर दत्त ने आईओए की एड-हॉक कमिटी के फ़ैसले पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के लिए कौन-सा मापदंड अपना कर उन्हें सिलेक्शन में छूट दी जा रही है.
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए 6 मिनट 35 सेकंड के वीडियो में योगेश्वर ने कहा, "जो छह पहलवान जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें सिलेक्शन के लिए होने वाले ट्रायल छूट दी गई है. अब इनके बस फाइनल ट्रायल होंगे यानी इनकी वेट कैटेगरी में जो पहलवान विजेता होगा उनके साथ उनका फाइनल ट्रायल होगा."
योगेश्वर दत्त ने अपने वीडियो ये बातें कहीं -
- ऐसे ही ट्रायल लेने हैं तो रवि दहिया, दीपक पूनिया, अंशू मलिक, सोनम मलिक और कई पहलवान हैं.
- लेकिन आईओए ने छह पहलवानों को छूट दी है जो गल़त है.
- ये फ़ैसला बिना कोई नियम देखे लिया गया है.
- जिन पहलवानों को छूट दी जा रही है वो एक साल से भी लंबे वक्त से मैट से दूर हैं.
- सभी पहलवानों को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को चिट्ठी लिखकर इसका फ़ैसले का विरोध करना चाहिए.
- कुश्ती के लिए ये बिल्कुल अच्छा फ़ैसला नहीं, ये ग़लत नींव रखने की कोशिश है.
- आंदोलन यौन शोषण के ख़िलाफ़ हुआ था या फिर ट्रालय में छूट लेने के लिए?
- मुझे पता चला है कि इन पहलवानों ने एड-हॉक कमिटी को बाकायदा चिट्ठी लिखकर कहा था कि उन्हें ट्रायल में छूट दी जानी चाहिए.
- ये राजनीति की बात नहीं है, लेकिन हम कुश्ती के साथ धोखा नहीं कर सकते.
विनेश फोगाट का जवाब

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पहलवान विनेश फोगाट ने योगेश्वर दत्त के वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा कि "योगेश्वर महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा थे लेकिन महिला पहलवान कमिटी को अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगते थे."
उन्होंने अपने सोशल मीडया हैंडल पर लंबा पोस्ट लिखकर योगेश्वर दत्त पर आरोप लगाया कि "उन्होंने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन कर कहा कि वो अपनी लड़की को समझा लें."
विनेश ने आरोप लगाया कि वो पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकते रहे थे और बृजभूषण का साथ दे रहे थे.
विनेश फोगाट के इस पोस्ट को साक्षी मलिक और बजरंग पूनया ने रीट्वीट किया है.
इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई और यूज़र भी लिख रहे हैं. कई लोग विनेश फोगाट का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कई उनके विरोध में भी नज़र आ रहे हैं.
राहुल अहीर ने लिखा, "एक ओलंपिक खिलाड़ी की सोच महिलाओं के प्रति इतनी घटिया हो सकती है, ये सोचकर ही शर्म आ रही है."
पवन पाण्डेय ने लिखा कि "बिना ट्रायल के खिलाड़ियों को वरीयता देने का मुद्दा योगेश्वर दत्त ने उठाया था जिसका जवाब देने की जगह विनेश फोगाट, योगेश्वर दत्त पर आरोप लगाने लगीं, जबकि मुद्दा योगेश्वर दत्त है ही नहीं."
शीश पाल सिंह लिखते हैं, "योगेश्वर दत्त की बात से पूरी तरह सहमत हूं, यह निर्णय खेल भावना के ख़िलाफ़ और उन युवा पहलवानों के प्रति अन्याय है जो मेहनत करके फाइनल में स्लेक्ट हुए."
कौन है योगेश्वर दत्त?

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हरियाणा के सोनीपत के योगेश्वर दत्त फ्री स्टाइल कुश्ती करते हैं और साल 2012 में लंदन में हुए ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक विजेता रहे हैं.
1952 में केडी जाधव के ओलंपिक मेडल जीतने के बाद वो तीसरे पहलवान थे जो ओलंपिक में भारत के लिए मेडल लाए थे.
हरियाणा के अखाड़ों से कुश्ती सीखने के बाद योगेश्वर 14 साल की उम्र में आगे की प्रैक्टिस के लिए दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम आ गए.
2006 में दोहा में हुए एशियन गेम्स में उन्होंने कांस्य पदक जीता. इसके बाद 2014 के एशियन गेम्स में ताजकिस्तान के खिलाड़ी को हराकर गोल्ड जीता. 2012 के कॉनमवेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड पर कब्ज़ा किया.
खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2013 में पद्म श्री सम्मान से भी नवाज़ा.

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बीते हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले सितंबर 2019 में योगेश्वर दत्त बीजेपी में शामिल हो गए थे. उस वक्त उन्होने कहा था कि "राजनीति में अच्छी चीज़ें हो सकती हैं".
उन्होंने 2019 में सोनीपत के बडोदा सीट से बीजेपी के टिकट चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस के कृष्ण हुडा से चुनाव हार गए थे. कुछ महीनों बाद 2020 में कृष्ण हुडा के निधन से ये सीट खाली हुई. यहां हुए उपचुनाव में वो एक बार फिर कांग्रेस के इंदू राज नरवाल से हार गए थे.
योगेश्वर दत्त जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल बजरंग पूनिया के मेन्टॉर रह चुके हैं.
हालांकि हाल में हुए इन विरोध प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने कहा था कि विपक्षी पार्टियां पहलवानों का ग़लत इस्तेमाल कर रहे हैं देश की छवि बिगाड़ रहे हैं.
इससे पहले उन्होंने कहा था कि अपने खेल करियर के दौरान उन्हें कभी भी कुश्ती महासंघ में किसी तरह का कोई विवाद नहीं देखा.
पहलवानों का आंदोलन

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विनेश फोगाट, साक्षी मलिका और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष और सत्तारूढ़ भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर मंतर पर लंबा धरना दिया था.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफ़आईआर भी दर्ज किए हैं और अब मामला दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट और पटियाला हाउस अदालत में लंबित है.
बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं.

कब-कब क्या-क्या हुआ?
22 जून 2023 - मामले में अगली सुनवाई होगी.
15 जून 2023 - जांच के बाद पुलिस ने राउज़ कोर्ट एवेन्यू और पटियाला हाउस कोर्ट में हज़ार पन्नों की अपनी रिपोर्ट सौंपी. इसमें पॉक्सो के तहत लगाए आरोप हटाने की सिफारिश की गई.
07 जून 2023 - पहलवानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाक़ात की. उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा है कि 15 जून तक दिल्ली पुलिस इस मामले में चार्जशीट दायर करेगी, तब तक विरोध स्थगित किया जाएगा.
05 जून 2023 - दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाली नाबालिग़ महिला पहलवान के पिता ने कहा कि उन्होंने और उनकी बेटी ने बृजभूषण के ख़िलाफ़ “कुछ ग़लत आरोप लगाए” थे.
05 जून 2023 - अयोध्या में बृजभूषण सिंह की जन चेतना महारैली का आयोजन होना था, इसका आयोजन आख़िरी वक्त रद्द किया गया.
31 मई 2023 - इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी ने कहा कि पहलवानों के लगाए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
31 मई 2023 - बृजभूषण सिंह ने कहा कि अगर उन पर लगा एक भी आरोप साबित हो जाए तो वो खुद को फांसी लगा लेंगे.
30 मई 2023 - गंगा में अपने मेडल बहाने के लिए पहलवान हरिद्वार पहुंचे. किसान नेता नरेश टकैत ने पहलवानों को मेडन न बहाने के लिए मनाया और सरकार को पांच दिन का वक्त किया.
28 मई 2023 - दिल्ली पीएम मोदी नई संसद का उद्घाटन कर रहे थे, वहां से क़रीब तीन किलोमीटर पुलिस जंतर-मंतर से जबरन पहलवानों को हटाने की कोशिश कर रही थी. पुलिस ने बाद में उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की.
23 मई 2023 - पहलवानों ने इंडिया गेट तक रैली की. साथ ही जंतर-मंतर पर 28 मई को महिला महापंचायत का ऐलान किया.
22 मई 2023 - बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वे अपना नार्को, पॉलीग्राफ़ और लाइ डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्त है कि उनके साथ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का भी ये टेस्ट होना चाहिए.
21 मई 2023 - हरियाणा के रोहतक में पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायत हुई.
20 मई 2023 - आईपीएल मैच देखने फ़िरोजशाह कोटला मैदान पहुंचे पहलवानों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने स्टेडियम में जाने नहीं दिया.

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11 मई 2023 - पहलवानों ने सिर पर काली पट्टियां बांधकर ब्लैक डे मनाया. नाबालिग़ महिला पहलवान ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाया.
08 मई 2023 - कई प्रदेशों के किसान संगठन समर्थन करने जंतर मंतर पहुंचे.
07 मई 2023 - पहलवानों ने जंतर मंतर पर कैंडल मार्च किया.
03 मई 2023 - रात में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों पर हमला हुआ, पुलिस के साथ उनकी धक्का मुक्की हुई. समर्थन करने पहुंचे नेताओं और लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.
29 अप्रैल 2023 - कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी धरना स्थल पहुंचीं और कहा, "जब महिला का शोषण होता है तो सरकार मौन हो जाती है."
28 अप्रैल 2023 - देश के कई बड़े खिलाड़ियों और सितारों ने पहलवानों के समर्थन में ट्वीट किए. दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज की, जिसमें से एक एफ़आईआर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुई.
27 अप्रैल 2023 - यौन उत्पीड़न के आरोपों का बृजभूषण सिंह ने कविता सुना कर जवाब दिया.
26 अप्रैल 2023 - जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जंतर-मंतर पहुंचे और बृजभूषण सिंह को बर्ख़ास्त करने की मांग की.
25 अप्रैल 2023- विनेश फोगाट समेत 6 अन्य महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.
24 अप्रैल 2023 - पालम खाप के प्रधान चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने पहलवनों का समर्थन किया और दूसरी खापों से समर्थन की अपील की.
23 अप्रैल 2023 - जांच कमेटी की रिपोर्ट से असंतुष्ट पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठ गए.
21 अप्रैल 2023- महिला पहलवानों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ शिकायत की, लेकिन पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज नहीं की.
23 जनवरी 2023 - आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय निरीक्षण समिति बनाई.
18 जनवरी 2023 - विनेश फोगाट, साक्षी मलिका और बजरंग पुनिया ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. बृजभूषण सिंह पर सात महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया.
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