ईरान में बिजनेस करने गए तीन भारतीय कहां ग़ायब हो गए, भारत सरकार ने क्या बताया

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- Author, शकील अख़्तर
- पदनाम, बीबीसी उर्दू डॉट कॉम, दिल्ली
'कारोबार के सिलसिले में' ईरान गए भारत के तीन नागरिक वहां पहुंचने के कुछ समय बाद रहस्यमय ढंग से लापता हो गए हैं.
भारत सरकार ने गुमशुदगी के बारे में ईरान के विदेश मंत्रालय से संपर्क तो किया पर अभी इसके बारे में ईरानी सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.
भारतीय नागरिकों की गुमशुदगी के बारे में उस समय पता चला जब एक पत्रकार ने भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पिछले हफ़्ते इस बारे में सवाल किया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जवाब में कहा कि भारत ने इस संबंध में ईरान से मदद मांगी है.

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भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

रणधीर जायसवाल ने बताया, "तीन भारतीय नागरिक जो कारोबारी मक़सद से ईरान गए थे, वह लापता हैं और हम उनके रिश्तेदारों से लगातार संपर्क में हैं. हमने इस मामले पर भारत में ईरानी दूतावास और तेहरान में भारतीय दूतावास के ज़रिए भी ईरानी विदेश मंत्रालय से बात की है ताकि हम उनका पता लगा सकें."
ईरान पहुंचने के कुछ ही दिनों के अंदर उन तीनों भारतीय नागरिकों का अपने घर वालों से संपर्क टूट गया था.
रणधीर जायसवाल ने बताया कि ये तीनों नागरिक भारत के अलग-अलग इलाक़े से हैं और यह तीनों अलग-अलग समय पर ईरान गए थे.
प्रवक्ता ने कहा, "मुझे नहीं मालूम, मगर हो सकता है कि गुमशुदगी का यह मामला व्यक्तिगत हो. हमने इस मामले को अच्छे ढंग से ईरानी प्रशासन के सामने उठाया है और हमें पूरी उम्मीद है कि उन नागरिकों का पता लगाने में ईरान के अधिकारी हमारी मदद करेंगे. हमने उनसे यह अनुरोध भी किया है कि वह उन नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें."
विदेश मंत्रालय ने और जानकारी नहीं दी और न ही अब तक ईरान की ओर से कोई बयान सामने आया है.
दूसरी ओर कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों ने दावा किया है कि लापता दो भारतीय नागरिकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में तस्वीर लेने के आरोप में ईरानी पुलिस ने गिरफ़्तार किया है लेकिन ईरानी और भारतीय अधिकारियों ने ऐसी रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की है.
एक के परिजन ने क्या बताया?
भारतीय मीडिया में आई जानकारी के अनुसार, तीनों नागरिकों की पहचान योगेश पांचाल, मोहम्मद सादिक़ और सुमित सूद के तौर पर की गई है.
भारतीय मीडिया के अनुसार, योगेश पांचाल का संबंध महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर से है. वह पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में ईरान गए थे, जबकि मोहम्मद सादिक़ के बारे में बताया गया है कि वह दिसंबर 2024 के अंत में ईरान गए और सुमित सूद ने जनवरी 2025 में ईरान का सफ़र किया.
मोहम्मद सादिक़ और सुमित सूद के बारे में कोई और जानकारी सामने नहीं आई है.
अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' ने योगेश पांचाल के परिवार से बात की है. परिवार के अनुसार, योगेश ने हाल ही में ड्राई फ़्रूट्स एक्सपोर्ट करने वाली एक कंपनी बनाई थी और वह पश्चिम एशिया में बिज़नेस के मौक़े का पता लगाने के लिए 5 दिसंबर को मुंबई से तेहरान गए थे.
उनके परिवार के अनुसार, वहां जाने के तीन दिन बाद 33 साल के पांचाल का संपर्क उनसे टूट गया. पांचाल की पत्नी ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि उनसे उनकी आख़िरी बातचीत 7 दिसंबर की शाम में हुई थी.
उन्होंने कहा, "उस समय ऐसा लगा कि वह किसी भीड़भाड़ वाले इलाक़े में थे. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही फ़ोन करेंगे लेकिन फिर उसके बाद उनकी कोई कॉल नहीं आई."
पांचाल की पत्नी अगले दो दिन तक उनकी फ़ोन कॉल का इंतज़ार करती रहीं लेकिन उनका फ़ोन नहीं आया.
पांचाल की पत्नी ने बताया कि उसके बाद 9 दिसंबर को उनका फ़ोन बंद हो गया. उनकी 11 दिसंबर की वापसी की फ़्लाइट भी बुक थी लेकिन वह वापस नहीं आए.
ईरान के साथ क़रीबी रिश्ते

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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि तीनों गुमशदा नागरिकों के परिवार वाले अधिकारियों से संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया है.
पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब भारतीय नागरिकों को ईरान में हिरासत में रखा गया लेकिन इस तरह के अक्सर मामलों में किसी विदेशी जहाज़ को ईरान की समुद्री सीमा में किसी वजह से पकड़ा जाता था और भारतीय नागरिक उस जहाज़ के स्टाफ़ के तौर पर हिरासत में लिए जाते थे.
मानवाधिकार संगठन 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' का कहना है कि हाल के वर्षों में ईरानी ख़ुफ़िया एजेंसी ने कई विदेशियों को गिरफ़्तार किया है और उन्हें एक तरह से बंधक बनाकर अपने पास रखा है.
ईरान और भारत के संबंध बहुत अच्छे हैं. भारतीय नागरिकों की गुमशुदगी की यह घटना ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार ईरान की चाबहार बंदरगाह के निर्माण और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय है.
इस साल के लिए संसद में पेश किए गए बजट में इस बंदरगाह के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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