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तेज प्रताप यादव से जुड़े 5 बड़े विवाद, कभी बयानों से, कभी बर्ताव से चर्चा में
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है.
साथ ही, लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर यह भी घोषणा की कि तेज प्रताप की परिवार में कोई भूमिका नहीं रहेगी.
दरअसल, तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया हैंडल से एक युवती के साथ बीते 12 वर्षों से उनके प्रेम संबंध होने की जानकारी साझा की गई थी. तेज प्रताप के इस पोस्ट के बाद से बिहार की राजनीति में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
हालांकि, तेज प्रताप ने बाद में यह पोस्ट डिलीट करते हुए कहा कि उनकी आईडी हैक हो गई थी. लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप सुर्खियों में आए हों.
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वे इससे पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं.
1. जहानाबाद से उतारा अपना प्रत्याशी, आरजेडी उम्मीदवार की हुई हार
लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे, तेजस्वी और तेज प्रताप यादव, साल 2015 में विधानसभा में पहुंचे. बीते वर्षों में तेजस्वी ने खुद को राजनीतिक रूप से निखारा, लेकिन तेज प्रताप अब तक अपनी राजनीतिक हैसियत के लिए संघर्ष करते रहे हैं.
साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तेज प्रताप यादव ने 'लालू-राबड़ी मोर्चा' का गठन किया. वे अपनी पसंद के उम्मीदवार को चुनाव में उतारना चाहते थे. लेकिन जब उनकी बात नहीं बनी, तो उन्होंने जहानाबाद लोकसभा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार चंद्र प्रकाश को चुनाव मैदान में उतारा. उस चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार सुरेंद्र यादव मात्र 1,751 वोट से हार गए थे.
तेज प्रताप समर्थित चंद्र प्रकाश को उस चुनाव में 7,755 वोट मिले थे. विश्लेषकों का मानना है कि सुरेंद्र यादव की हार की एक प्रमुख वजह चंद्र प्रकाश की उम्मीदवारी थी.
2. जब छात्र आरजेडी के अध्यक्ष पद को लेकर हुआ टकराव
यह अगस्त 2021 की बात है जब तेज प्रताप यादव, छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से टकरा गए थे. दरअसल, जगदानंद सिंह ने छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को निलंबित कर दिया था.
तेज प्रताप ने इस पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इसे आरजेडी के संविधान के ख़िलाफ़ बताया था. हालांकि तेजस्वी यादव ने इसे ख़ारिज करते हुए जगदानंद सिंह का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि संगठन में फेरबदल के मामलों में जगदा बाबू स्वतंत्र हैं, और मेरा इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है.
इससे पहले तेज प्रताप ने जगदानंद सिंह को 'हिटलर' कहा था. इसके बाद नाराज़ जगदानंद सिंह करीब दस दिन तक पार्टी दफ्तर नहीं आए थे और किसी भी पार्टी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था.
माना जाता है कि लालू प्रसाद यादव के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य हो सके.
3. होली पर वायरल वीडियो और तेज प्रताप की बयानबाज़ी ने बढ़ाई मुश्किलें
इसी साल होली के मौके पर तेज प्रताप यादव का एक वीडियो वायरल हुआ था. यह वीडियो एक होली मिलन समारोह का था, जिसमें तेज प्रताप अपने अंगरक्षक दीपक कुमार से कहते नज़र आए - "ए सिपाही जी, ठुमका लगाओ, वरना सस्पेंड कर दिए जाओगे."
तेज प्रताप के इस बयान की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीख़ी आलोचना हुई. इसके बाद पटना पुलिस ने सिपाही दीपक कुमार को पुलिस लाइन में वापस बुला लिया और उनकी जगह एक दूसरे सिपाही को अंगरक्षक के रूप में तैनात कर दिया गया.
होली के दिन ही तेज प्रताप स्कूटी से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के सामने से गुजरे और कहते सुने गए, "पलटू चाचा कहां हैं?"
4. वरिष्ठ नेताओं से बदसलूकी
अपने समर्थकों में 'तेजू भइया' के नाम से पहचाने जाने वाले तेज प्रताप यादव जब राजनीति में सक्रिय हुए, तो उन्होंने आरजेडी के कई वरिष्ठ नेताओं को लेकर असहज करने वाले बयान दिए.
तेज प्रताप ने जगदानंद सिंह, शिवानंद तिवारी से लेकर रघुवंश प्रसाद सिंह तक पर तीखी टिप्पणियां कीं. जब आरजेडी के प्रमुख राजपूत चेहरा और केंद्रीय मंत्री रह चुके रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी से नाराज़ हुए, तो तेज प्रताप ने कहा, "समुद्र से एक लोटा पानी निकल जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता."
मई 2024 में भी एक कार्यक्रम के दौरान तेज प्रताप ने मंच पर मौजूद आरजेडी के प्रदेश महासचिव को सबके सामने दो थप्पड़ मार दिए और धक्का देकर मंच से नीचे उतार दिया.
5. देवी-देवताओं के रूप की वजह से भी सुर्ख़ियों में रहे
दो बार के विधायक और बिहार सरकार में मंत्री रह चुके तेज प्रताप यादव अपनी लाइफस्टाइल और जीवनशैली को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. कभी वे श्रीकृष्ण का रूप धारण करते हैं, तो कभी शिव का वेश लेते हैं. वे खुद को बिहार का दूसरा लालू, किंगमेकर और तेजस्वी यादव का सारथी बताते रहे हैं.
तेज प्रताप की जलेबी तलते हुए एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हुई थी. साल 2018 में उनकी शादी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्या राय से हुई थी. हालांकि यह शादी अधिक समय तक नहीं चली और तलाक का मामला अभी फ़ैमिली कोर्ट में विचाराधीन है.
तेज प्रताप के कई प्रेम संबंध भी समय-समय पर चर्चा में आते रहे हैं. यूट्यूबर और पत्रकारों के प्रति उनका व्यवहार भी अक्सर विवाद का कारण बना रहता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित