बहराइचः हिंसा में युवक की मौत के बाद बढ़ा सांप्रदायिक तनाव, कई जगह आगजनी

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उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा में एक युवक की गोली लगने से मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.
सोमवार सुबह बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बीच इंटरनेट बंद कर दिया गया है और बड़ी तादाद में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
उत्तर प्रदेश के एडीजी क़ानून व्यवस्था अमिताभ यश समेत कई शीर्ष अधिकारी मौक़े पर मौजूद हैं और पुलिस हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.
पुलिस के मुताबिक रविवार को गोपाल मिश्रा नाम के एक युवक की झड़प के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी. सोमवार सुबह गोपाल मिश्रा की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ और इस दौरान भारी भीड़ जुटी.
उत्तेजित भीड़ ने कई दुकानों, घरों और वाहनों को आग लगा दी. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस हिंसा में शामिल लोगों से सख़्ती से निबटा जाएगा.
बहराइच पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है.
पुलिस के मुताबिक़, सलमान नाम के एक मुख्य अभियुक्त समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
वहीं विपक्ष ने उत्तर प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाये हैं.
मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने कहा है कि दंगा फसाद और तनाव ही भाजपा का शासन और सत्ता मॉडल है, जो अब यूपी की भाजपा शासित योगी सरकार राज्य में अपना रही है.
कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने प्रशासन की निष्क्रियता को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
इसी बीच, मारे गए युवक गोपाल मिश्रा के परिवार ने सोमवार सुबह युवक का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया और उसकी हत्या में शामिल लोगों पर सख़्त कार्रवाई की मांग की.
बीजेपी विधायक सुरेश्वर सिंह के परिजनों को अभियुक्तों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई का भरोसा देने के बाद ही परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ.

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दो समुदायों में झड़प

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रविवार को बहराइच के महसी इलाक़े में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी.
रिपोर्टों के मुताबिक़, विसर्जन यात्रा में शामिल भीड़ धार्मिक स्थल के बाहर डीजे बजा रही थी, यहीं से विवाद शुरू हुआ और हिंसा और आगजनी हुई. इसी हिंसा में गोपाल मिश्रा की मौत हुई थी.
सोमवार सुबह, गोपाल मिश्रा के अंतिम संस्कार मेें जुटी भारी भीड़ बेकाबू हो गई और कई जगहों पर दुकानों और मकानों में आग लगा दी.
कई वाहनों को भी जला दिया गया. एक अस्पताल में भी आग लगा दी गई.
मोटरसाइकिल के एक शोरूम में खड़े कई वाहनों को भी आग लगा दी गई.
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में भारी भीड़ हाथों में डंडे लेकर सड़कों पर निकलती दिख रही है. भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस बल नाकाम नज़र आ रहे हैं.
आगजनी और हिंसा की घटनाओं के बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे.
सांप्रदायिक तनाव के मद्देनज़र महाराजगंज और महसी में भी स्कूल बंद रहे.

महाराजगंज में मौजूद बीबीसी संवाददाता सैयद मोज़िज़ इमाम के मुताबिक़, सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और जली हुई दुकानों और मकानों से धुआं उठ रहा है.
पुलिस बल सड़कों पर गश्त कर रहे हैं. कुछ जगहों पर लोग लाठी डंडे लिए नज़र आ रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, सोमवार सुबह मुसलमानों के घरों, दुकानों और व्यापारिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. करीब दो दर्जन से अधिक दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, लखनऊ सेवा नाम के एक अस्पताल को भी आग लगा दी गई और यहां एक्सरे मशीन और बाक़ी उपकरणों को तोड़ दिया गया.
लखनऊ से आए यूपी पुलिस के शीर्ष अधिकारी भी मौक़े पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं.
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