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ताइवान में बीते 25 सालों में सबसे तेज़ भूकंप, चार की मौत
ताइवान के उत्तरी तट पर बुधवार को शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हुई है.
ख़्वालिएन में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से कई इमारतें गिर गई हैं, जिसके बाद राहत और बचाव का काम जारी है. ये शहर भूकंप के केंद्र के क़रीब था.
इस भूकंप को बीते 25 सालों में आए इस द्वीप पर अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है. ताइवान के अंदर का पहाड़ी भाग भारी भूस्खलन से हिल गया है.
राजधानी ताइपे की इमारतों के हिलने के वीडियो भी सामने आए हैं.
ताइपे भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक वू चिन फ़ू कहते हैं, “भूकंप ज़मीन के नज़दीक था. इसे पूरे ताइवान और पड़ोसी द्वीपों पर महसूस किया गया. ये बीते 25 सालों में सबसे तेज़ भूकंप है.”
सुरंगों में लोग फँसे
द नेशनल फ़ायर एजेंसी ने कहा है कि तारोको नेशनल पार्क में एक शख़्स की मौत हुई है जबकि तीन लोग घायल हुए हैं.
इस एजेंसी ने बताया है कि भूकंप के बाद 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं जबकि शहर की इमारतों और सुरंगों में कुछ लोग फँसे हुए हैं.
ताइवान की चिप मेकिंग कंपनी टीएसएमसी ने कहा है कि उसने स्टाफ़ की सुरक्षा के लिए शिंचु और दक्षिणी ताइवान की फ़ैक्ट्रियों को ख़ाली करा लिया है लेकिन उसके सेफ़्टी सिस्टम आराम से काम कर रहे हैं.
टीएसएमसी सेमीकंडक्टर्स की सबसे बड़ी निर्माता है जो एप्पल और एनवीडिया जैसी कंपनियों के लिए ये बनाती है.
एप्पल के सप्लायर फ़ॉक्सकॉन ने बीबीसी के सवाल पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.
इससे पहले भूकंप के बाद इस द्वीप और पड़ोसी देशों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी.
राजधानी ताइपे के वीडियो फ़ुटेज स्थानीय मीडिया चैनलों पर प्रसारित हो रहे हैं, जिसमें रिहाइशी इमारतें ढह गई हैं और लोगों को उनके घरों से और बच्चों को स्कूलों से निकाला जा रहा है.
स्थानीय प्रसारणकर्ता टीवीबीएस के अनुसार, भूकंप का असर ये हुआ है कि गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं और दुकानों के अंदर सामान तहस-नहस हो गया है.
इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेटब्लॉक्स के अनुसार, पूरे द्वीप पर बिजली और इंटरनेट ग़ायब हो गया है.
कब आया भूकंप और कहाँ है ख़्वालिएन
भूकंप बुधवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 7.48 बजे 15.5 किलोमीटर की गहराई में आया. इसके बाद चार और इससे अधिक तीव्रता के नौ आफ़्टरशॉक्स भी आए.
यूएस ज्योलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप का केंद्र दक्षिणी ताइवान के ख़्वालिएन शहर से 18 किलोमीटर दूर था.
ख़्वालिएन ताइवान का सबसे बड़ा राज्य है और यह इस द्वीप के पूर्वी तट पर है. इस जगह को पहाड़ी इलाक़े के तौर पर जाना जाता है.
इस भूकंप के बाद आए भूस्खलन से काफ़ी नुक़सान हुआ है, जिसमें कई सड़कें, रेलवे लाइनें अवरुद्ध हो गई हैं. इन्हें ठीक होने में कई सप्ताह का समय लग सकता है.
ताइवान के मीडिया आउटलेट यूनाइटेड डेली न्यूज़ के मुताबिक़, ताइवान रेलवे की ख़्वालिएन जाने वाली सभी ट्रेनों को भूस्खलन के कारण रद्द कर दिया गया है.
नीचे दिख रही तस्वीर में चिंगशू टनल दिख रही है, जिसका एक हिस्सा ढह गया है. इस टनल को क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण समझा जाता है. इसकी वजह से ख़्वालिएन तट पर चिंगशू क्लिप से संपर्क कट गया है.
सितंबर 1999 को ताइवान में 7.6 तीव्रता के भूकंप के दौरान 2,400 लोगों की मौत हुई थी और 5,000 इमारतें नष्ट हुई थीं.
जापान और फ़िलीपींस को भी जारी करनी पड़ी चेतावनी
ताइवान में भूकंप के बाद उसके पड़ोसी देश जापान ने भी सुनामी की चेतावनी जारी की थी. ऐसी आशंका थी कि दक्षिण पश्चिमी तट के बड़े इलाक़े पर तीन मीटर की सुनामी लहरें उठ सकती हैं.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बाद में चेतावनी को कम कर दिया था लेकिन उसने अपने नागरिकों को चौंकन्ना रहने के लिए कहा था. उसका कहना है कि एक सप्ताह तक इस भूकंप के आफ़्टरशॉक्स आ सकते हैं.
फ़िलीपींस की भूकंप विज्ञान एजेंसी ने भी भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से घरों को ख़ाली करके ऊंची जगहों पर जाने को कहा था. हालांकि, बाद में उसने इसे रद्द कर दिया.
पैसिफ़िक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने भूकंप के दो घंटे के बाद बताया कि सुनानी का ख़तरा ‘अब टल चुका है.’
चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि भूकंप के झटके चीन के दक्षिणी पूर्वी फ़ुजियन प्रांत में भी महसूस किए गए.
अतिरिक्त रिपोर्टिंग सिंगापुर से पीटर हॉस्किंस के द्वारा.
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