You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
आंध्र प्रदेश: बापटला में 10वीं के छात्र की हत्या, वायरल वीडियो में पीड़ित की गुहार- 'उन्हें छोड़ना मत'
वादीसेट्टी संकर
बीबीसी के लिए
चेतावनी: इस रिपोर्ट का कुछ हिस्सा आपको परेशान कर सकता है
“वो रोज़ाना सुबह ठीक पांच बजे ट्यूशन के लिए निकलता था. शुक्रवार को भी वो इसी समय गया. हमें आधे घंटे बाद जानकारी मिली. हमें बताया गया कि किसी ने उस पर हमला किया है. पहले भी एक बार किसी ने उसे मारा था, हमें लगा ऐसा ही हुआ होगा. लेकिन हमने कभी ये नहीं सोचा था कि कोई उसकी जान ले लेगा.”
अमरनाथ की मामी 16 जून की घटना के बारे में बताते हुए रोने लगती हैं.
आंध्र प्रदेश के बापटला ज़िले के चेरुकुपल्ली मंडल के राजावोलू इलाक़े के पास शुक्रवार को अमरनाथ की हत्या कर दी गई.
दसवीं के छात्र उप्पला अमरनाथ की जिस बर्बरता से हत्या की गई उससे लोग हैरान और आक्रोशित हैं.
हमले के बाद अमरनाथ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. इस घटना के बाद समूचे आंध्र प्रदेश में लोगों में ग़ुस्सा है.
अमरनाथ अपने पिता की मौत के बाद अपनी मां और बड़ी बहन के साथ अपनी नानी के घर पर रह रहे थे.
वो राजावोलू हाई स्कूल में पढ़ते थे जो उप्पला वेरी पालेम गांव से दो किलोमीटर दूर है. वो यहीं ट्यूशन भी पढ़ा करते थे.
उनके रिश्तेदार कहते हैं कि जिस रास्ते से वो पढ़ने जाते थे और उनके ट्यूशन जाने का समय उनकी हत्या का कारण बन गया.
अमरनाथ के अंतिम शब्द
अमरनाथ सुबह पांच बजे घर से निकले थे. दस मिनट के भीतर ही रास्ते में अभियुक्त ने उसे रोक लिया. पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय वेंकटेश्वरा रेड्डी इस मामले में अभियुक्त है.
साइकिल पर ट्यूशन पढ़ने जा रहे अमरनाथ को रास्ते में रोककर मक्का के ढेर के पीछे खींच लिया गया था. यहीं उस पर हमला हुआ और उसे पेट्रोल से जला दिया गया.
अमरनाथ का एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है जिसमें वो अस्पताल जाते हुए एंबुलेंस में अपने साथ हुए घटना के बारे में बता रहे हैं. ये मौत से पहले के उनके आख़िरी शब्द हैं.
इस वीडियो में अमरनाथ कह रहे हैं, “स्कूल जाते वक़्त रास्ते में उन्होंने मुझे रोक लिया. मुझे मुख्य मार्ग से दूर खींच लिया गया. उन्होंने मेरे मुंह में कपड़ा ठूंस दिया. मेरे हाथों को कमर के पीछे बांध दिया गया. मेरे ऊपर तिरपाल डाला गया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. जिन्होंने मेरे साथ ऐसा किया है उनके साथ भी यही होना चाहिए. उन्हें छोड़ना मत.”
गुंटूर के अस्पताल ले जाते वक़्त अमरनाथ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. गुंटूर के सरकारी अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम हुआ.
जो वाहन अमरनाथ के शव को उनके गांव ले जा रहा था रास्ते में उसे भीड़ ने घेर लिया. उनके रिश्तेदारों, पिछड़ा वर्ग के कई संगठनों और विपक्षी तेलगुदेशम पार्टी के नेताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया.
ये भी पढ़ें- 18 महिलाओं की हत्या करने वाले सीरियल किलर की कहानी
बड़ी बहन से छेड़खानी का विरोध कर रहे थे अमरनाथ
अमरनाथ की मौत के संबंध में चेरुकुपल्ली पुलिस थाने में मुक़दमा दर्ज हुआ है. हत्या के अलावा इस मामले में पोक्सो एक्ट से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं. उनकी मां उप्पला माधवी ने ये मुक़दमा दर्ज कराया है.
बीबीसी से बात करते हुए अमरनाथ की एक रिश्तेदार पी लक्ष्मी दावा करती हैं, “अमरनाथ की बड़ी बहन बारहवीं में पढ़ रही है. वेंकी नाम का एक युवक उसे परेशान कर रहा था. उसने स्कूल के प्रिंसिपल से वेंकी की शिकायत की थी. लेकिन उसने इस बारे में घर में कुछ नहीं बताया था क्योंकि वो डरी हुई थी. उसके भाई अमरनाथ ने फ़ोन में एक मैसेज देखा और उसे इस बारे में पता चल गया.”
लक्ष्मी बताती हैं, “वेंकेटेश्वर रेड्डी ने पढ़ाई छोड़ दी है और वो कोई काम नहीं करता है. कभी कभार मज़दूरी करता है. एक बार पहले भी उसने अमरनाथ पर हमला किया था. हम उसके घर गए थे और परिवार से इस बारे में शिकायत की थी. हमने चेतावनी दी थी कि अगर वो दोबारा परेशान करेगा तो शिकायत दर्ज करा देंगे. लेकिन उसने ये बर्बर घटना कर दी.”
अमरनाथ ने हाल ही में अपना पंद्रहवां जन्मदिन मनाया था. अब उनका परिवार प्रशासन से अपराधियों को सख़्त सज़ा दिलाने की मांग कर रहा है.
हमने उसकी जान बचाने की कोशिश की…
घटना के बाद जब लोग अमरनाथ के पास पहुंचे तो उनकी सांसे चल रही थीं.
सबसे पहले उनके पास पहुंचने में वाले लोगों में शामिल राममूर्ति रेड्डी ने बीबीसी को बताया, “सुबह पांच बजे का वक़्त होगा. मैं सो रहा था. बाहर से कुछ आवाज़ें आ रहीं थीं. मैं बाहर निकला और देखा कि क्या हो रहा है. वो बच्चा बुरी तरह जला हुआ था. उसने मुझसे कहा, मैं मुस्लैय्याह का धेवता हूं. हम एक कंबल लेकर आए और उसे ढका."
रेड्डी ने बताया, " वो कह रहा था कि उसे बहुत जलन हो रही है और हम उस पर पानी डाल दें. हमने उसे बताया कि इस हालत में पानी डालना ठीक नहीं है. हम उसके परिवार को जानकारी देने गए. जब तक हम घर पहुंचे वो बोल पा रहा था. एंबुलेंस के आने का इंतेज़ार करते हुए हमने उसे एक कार में डाल दिया. रास्ते में एंबुलेंस मिल गई और उसे उसमें लिटा दिया गया और ऑक्सीजन लगा दी गई. लेकिन वो बहुत बुरी तरह जला हुआ था. रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.”
गांव के एक अन्य व्यक्ति मूर्ति रेड्डी ने बीबीसी को बताया, “जब तक हम मौके पर पहुंचे तब वहां कोई नहीं था, सिर्फ़ घायल अमरनाथ पड़ा हुआ था. आग मक्के की बोरियों तक पहुंच रही थी. उसे तुरंत बुझा दिया गया.”
घटना पर राजनीति
इस मामले में अभियुक्त उच्च जाति वर्ग का है जबकि पीड़ित पिछड़ी जाति से है. इस वजह से इलाक़े में राजनीतिक तनाव भी है.
पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि इससे पता चलता है कि राज्य में क़ानून व्यवस्था की हालत कितनी ख़राब है.
रेपल्ले इलाक़े के विधायक अनागनी सत्याप्रसाद चेरूकुपल्ली में धरने पर बैठ गए हैं. वो कहते हैं कि राज्य में पिछड़ी जाति के लोगों को कोई सुरक्षा प्राप्त नहीं है.
वहीं पुलिस का कहना है कि घटना के बारे में प्रारंभिक जानकारियां जुटाकर जांच शुरू कर दी गई है.
रेपल्ले के डीएसपी मुरली कृष्णा कहते हैं कि पुलिस अभियुक्त की तलाश कर रही है और उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.
बीबीसी से बात करते हुए डीएसपी ने कहा कि अभियुक्त पर हत्या के अलावा पोक्सो एक्ट के तहत भी मुक़दमा दर्ज किया गया है और पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द सज़ा दिलाने का प्रयास करेगी.
इलाक़े में तनाव
मृतक उप्पला वेरी पेलम गांव का रहने वाला है जो राजावोलू पंचायत में आता है. दोनों ही जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है.
सत्ताधारी वाईएसआरसीपी के सांसद मोपीदेवी वेंकटरमन जब पीड़ित परवार से मिलने पहुंचे तो टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया और इलाक़े में तनाव पैदा हो गया.
स्थानीय लोगों में क़ानून व्यवस्था ख़राब होने को लेकर नाराज़गी है. सत्ताधारी सांसद को भी जल्द ही पीड़ित परिवार के घर से वापस लौटना पड़ा.
अभियुक्त का परिवार एक छोटी सी झोपड़ी में रहता है. घटना के बाद से उसका परिवार घर खाली करके चला गया है. अभियुक्त का पक्ष रखने के लिए कोई वहां मौजूद नहीं था.
वहीं दूसरी तरफ़ मृतक के परिवार और स्थानीय संगठनों ने चार घंटे तक शव रखकर प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने जब सख़्त क़ानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया तो उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त किया जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)