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'निर्भया' के ज़िले में छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा की हत्या
- Author, पंकज राय
- पदनाम, बलिया से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
दिल्ली में गैंगरेप की शिकार निर्भया के गृह ज़िले बलिया (उत्तर प्रदेश) में एक स्कूली छात्रा की कथित तौर पर छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या कर दी गई है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार को हुई इस घटना में संदिग्ध ने छात्रा को कई बार चाकुओं से गोदा. बाद में हमलावर चाकू फेंककर अपने चार अन्य साथियों के साथ फ़रार हो गया.
इस मामले में पुलिस ने मुख्य संदिग्ध प्रिंस तिवारी और राजू यादव को गिरफ़्तार किया है. प्रिंस बलिया ज़िले के बजहा गांव के प्रधान का बेटा है.
पुलिस के मुताबिक छात्रा ने प्रिंस के व्यवहार को देखते हुए उससे दूरी बना ली थी, लेकिन प्रिंस उससे लगातार छेड़छाड़ कर रहा था.
छात्रा के परिवार के मुताबिक छेड़छाड़ से परेशान छात्रा ने स्कूल जाना तक बंद कर दिया था जिसके बाद प्रिंस ने छात्रा के घर पर आकर उसे जान से मारने की कथित धमकी भी दी थी.
स्कूल जाना बंद किया
परिजनों के अनुसार इस धमकी के बाद छात्रा स्कूल नहीं जा रही थी.
इस घटना के बाद परिवार सदमे में है.
स्तब्ध और बेसुध हो चुकी छात्रा की मां ने बताया, ''जैसे मेरी बेटी की निर्मम तरीके से हत्या की गयी है, इसके कसूरवार को भी वैसी ही मौत मिले.''
उन्होंने बताया, "कई दिनों से प्रिंस मेरी बेटी को तंग कर रहा था. यहां तक कि मोबाइल में फ़ोटो खींचकर वायरल करने भी धमकी देता था. मेरे घर के सामने ही अपने बगीचे में अपने दो-चार दोस्तों के साथ बैठकर मेरी बेटी को परेशान करता था. इस बात की शिकायत उसके पिता से की गई तो उन्होंने हाथ जोड़ लिया और बोले कि पुलिस में शिकायत दर्ज मत करवाइये, मैं उसे समझा दूंगा. पर वह नहीं माना. वो लगातार परेशान करता रहा."
छात्रा की मां ने कहा, "घटना से एक दिन पहले भी वो घर के सामने आया तो मैंने परेशान न करने की ताकीद की थी. उसने कहा कि अगर मेरी बेटी स्कूल जाएगी तो उसे जान से मार दूंगा. उसने ऐसा ही किया."
बहन ने भागकर बचाई जान
छात्रा की बड़ी बहन ने बताया, "प्रिंस को कहीं से मेरी बहन का फ़ोन नंबर मिल गया था. वो करीब छह माह से मेरी बहन के साथ ज़बरदस्ती बात करने का प्रयास कर रहा था जिसका मेरी बहन लगातार विरोध कर रही थी. उसके परिवारवालों ने कहा था कि अपनी बच्ची को स्कूल भेजिए, उसे कुछ नहीं होगा. तब हमें लगा कि अपने बड़ों का कहना वह मान जाएगा."
परिवार का कहना है कि कई दिनों घर पर रहने बाद मंगलवार को छात्रा अपनी बहन के साथ साइकिल पर स्कूल के लिए निकली थी जब घर से महज़ 50 मीटर की दूरी पर प्रिंस और उसके चार अन्य साथियों ने उसे कथित तौर पर घेर लिया और विरोध करने पर धक्का देकर गिरा दिया और उस पर हमला कर दिया.
इस हमले में छात्रा खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ी. उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक छात्रा की बहन भागकर किसी तरह अपनी जान बचा सकी.
घटना को लेकर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस पर काफ़ी दबाव था जिसके बाद घटना के मुख्य संदिग्ध समेत दो को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि पूछताछ में अभियुक्तों ने हत्या की बात स्वीकार की है.
पुलिस का कहना है कि वो बाकी के तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है.
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