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सीरिया पर हवाई हमलों के बाद ईरान ने इसराइल को दी धमकी
- Author, विकी वॉन्ग और फ़्रैंक गार्डनर
- पदनाम, सुरक्षा संवाददाता, बीबीसी न्यूज़
सीरिया की राजधानी पर हवाई हमले में ईरानी सुरक्षाबलों के पांच वरिष्ठ सदस्यों के मारे जाने पर ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि इसका जवाब दिया जाएगा.
इब्राहिम रईसी ने इस हमले के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस हमले में सीरियाई सुरक्षाबलों के भी कई सदस्य मारे गए हैं.
इसराइल ने अब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है. कई सालों से वो सीरिया में ईरान से जुड़ी जगहों को निशाना बनाता रहा है.
इसराइल पर 7 अक्तूबर को हमास के हमले के बाद शुरू हुए इसराइल-ग़ज़ा युद्ध के दौरान ऐसे हमलों में तेज़ी आई है.
ईरानी राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने बयान में रईसी ने मारे गए अफ़सरों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं.
उन्होंने वादा किया है कि वो उनकी मौतों का बदला लेंगे और कहा है कि ‘ईरान के पांच बेहद प्रतिष्ठित सलाहकारों की ये कायराना हत्या है.’ रईसी ने मारे गए लोगों को ‘ऊंचे स्थान पर बैठे शहीद’ बताया है.
बयान में इन हवाई हमलों को ‘आतंकी और आपराधिक’ बताया है. इस बयान में कहा गया है कि ‘यह इसराइल की बड़ी हताशा और प्रतिरोधी मोर्चे के लड़ाकों के ख़िलाफ़ उनकी कमज़ोरी को दिखाता है.’
बयान में कहा गया है, “इस पर चुप नहीं रहा जाएगा.”
ईरान के विदेश मंत्रालय ने हमले को इसराइल की ‘आक्रामक और उत्तेजक’ हरकत बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि वो इसकी निंदा करे.
हमले में कितना नुकसान
सीरिया में साल 2011 में गृह युद्ध छिड़ने के बाद से ईरान की रिवॉल्युशनरी गार्ड की बड़ी हस्तियां वहां मौजूद रही हैं. इनका काम राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर खड़े हो चुके विद्रोहियों के ख़िलाफ़ बशर शासन की मदद करना है.
ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ईरान में एक बड़ा सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक बल है.
शनिवार को ये हमला दक्षिण-पश्चिमी दमिश्क में माज़ेह के नज़दीक हुआ. इस इलाक़े में एक सैन्य हवाई अड्डे के साथ-साथ दमिश्क का संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, दूतावास और रेस्टोरेंट भी हैं.
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने कहा है कि हमले में आईआरजीसी के सीरिया इंटेलिजेंस प्रमुख और उनके डिप्टी समेत दूसरे सैनिक मारे गए हैं.
ब्रिटेन स्थित ग़ैर-सरकारी संस्था सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि इस हवाई हमले में 10 लोग मारे गए हैं जिनमें रिवॉल्युशनरी गार्ड के नेता भी शामिल हैं.
सरकारी समाचार एजेंसी सीरियन अरब न्यूज़ एजेंसी ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा है कि उन्होंने कुछ मिसाइल को रोकने में सफलता पाई थी लेकिन एक रिहाइशी इमारत पर हमला हुआ जिसमें कुछ आम लोग घायल हुए और मारे गए हैं.
न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि इस हमले में इमारतें तबाह हो गई हैं.
एक स्थानीय नागरिक ने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा कि उन्होंने पश्चिम माज़ेह के इलाक़े में एक ‘धमाका’ होते हुए देखा जिसके बाद ‘धुएं का एक बड़ा ग़ुबार उठ गया.’
उन्होंने कहा, “उसकी आवाज़ मिसाइल धमाके की तरह थी और मिनटों बाद मैंने एंबुलेंस की आवाज़ सुनी.”
वीडियो में देखा जा सकता है कि इमारतें तबाह हो गई हैं और बड़े पैमाने पर धुआं निकल रहा है. हालांकि बीबीसी इन वीडियो की पुष्टि नहीं करती है.
बीते महीने दमिश्क के बाहरी इलाक़े में एक संदिग्ध इसराइली हवाई हमले में आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडर मारे गए थे.
मध्य पूर्व में उठापटक
दक्षिणी इसराइल पर 7 अक्तूबर के हमले के बाद से मध्य पूर्व में काफ़ी उठापटक चल रही है. हमास के हमले में 1200 लोग मारे गए थे और 240 लोगों को ग़ज़ा में बंधक बनाकर ले जाया गया था. अनुमान है कि अभी भी 132 से अधिक बंधक क्षेत्र में मौजूद हैं.
इसके बाद इसराइल ने हमास के ख़िलाफ़ अभियान चलाया था जिसमें अब तक 24,900 से अधिक लोग मारे गए हैं. इसराइल दावा करता है कि उसका हवाई और ज़मीनी अभियान ग़ज़ा में हमास को ख़त्म करने के लिए है.
इस संघर्ष के बाद ये चिंताएं जताई जा रही हैं कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ सकता है जो ख़ासतौर से एक दूसरे के कट्टर दुश्मन इसराइल और ईरान के बीच हो सकता है. इस दौरान कई घटनाएं भी घट रही हैं.
इसराइल फ़लस्तीनी संगठन हमास को निशाना बना रहा है जिसका समर्थन ईरान करता है. पिछले कुछ समय से यह ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह की ओर जाने वाली हथियारों की सप्लाई और उससे जुड़े लोगों पर सीमा पर सीरिया में सटीक हमले कर रहा है.
इसराइल लेबनान में भी हिज़बुल्लाह पर बमबारी कर रहा है.
इराक़ और सीरिया में ईरान समर्थित समूह भी इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना को निशाना बना रहे हैं, वहीं अमेरिका और यूके ने यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर हमला किया है.
हूती विद्रोही लाल सागर में जहाज़ों पर पिछले कुछ समय से हमला कर रहे हैं.
पाकिस्तान पर ईरान का हमला
पिछले हफ्ते मुश्किल तब और बढ़ गई, जब ईरान ने अपने पड़ोसी पाकिस्तान पर हमला कर दिया.
मंगलवार को ईरान ने स्वीकार किया है कि उसने दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. इन हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई है.
ईरान का कहना है कि वह पाकिस्तान में ‘ईरानी आतंकवादी समूह’ को निशाना बना रहा था.
इस हमले के कुछ दिन बाद पाकिस्तान ने पलटवार करते हुए दक्षिण-पूर्वी ईरान में ‘आतंकवादी ठिकानों’ को निशाना बनाते हुए हमले शुरू कर दिए, जिसमें 9 लोग मारे गए.
हालांकि दोनों पक्षों ने ज़ोर देकर कहा कि वे एक दूसरे के यहां ‘आतंकवादी ठिकानों’ को निशाना बना रहे हैं.
हमलों के कारण दोनों देशों ने एक दूसरे के यहां से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है लेकिन बातचीत के बाद राजनयिक संबंध बहाल हो गए हैं.
ईरान ने पाकिस्तान, सीरिया और इराक़ी कुर्दिस्तान में ठिकानों पर हमला किया है, वहीं तुर्की ने भी कुर्दिस्तान पर बमबारी की है, जबकि जॉर्डन ने सीरिया के साथ अपनी सीमा पर ड्रग तस्करों पर हमला किया है.
अमेरिका अभी भी सीरिया में आईएसआईएस पर हमला कर रहा है. इसके अलावा वह वहां और इराक़ में ईरान के प्रॉक्सियों के द्वारा किए जा रहे ड्रोन हमलों से भी लड़ रहा है.
इन सब हमलों में एक बात कॉमन है और वह यह कि हर किसी का कहना है कि वे ऐसा आत्मरक्षा के लिए कर रहे हैं.
भूल सुधार 20 फरवरी: इस स्टोरी में ग़लत रिपोर्ट दी गई थी कि हमास के सात अक्तूबर के हमले के बाद लगभग 1,300 लोग मारे गए थे. ये गिनती उन लोगों की मौत पर आधारित थी, जो घायल थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी. इस स्टोरी में अब सुधार कर दिया गया है और मौतों की संख्या 1200 कर दी गई है. इस आँकड़े में वे मौतें भी शामिल हैं. इसराइल का कहना है कि ये संख्या आख़िरी नहीं है.
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