ज़ोहरान ममदानी और राष्ट्रपति ट्रंप में अचानक से दिखा ऐसा बदलाव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क के नव निर्वाचित मेयर ज़ोहरान ममदानी से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की.

माना जा रहा था कि उनकी मुलाक़ात में तनाव देखने को मिल सकता है लेकिन मुलाक़ात के बाद दोनों एक-दूसरे की तारीफ़ करते दिखे.

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर ममदानी से मुलाक़ात की कई तस्वीरें पोस्ट कीं और साथ में लिखा "न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर ज़ोहरान ममदानी से मिलना बड़े सम्मान की बात रही."

वहीं ममदानी ने भी मुलाक़ात के दौरान हुई पत्रकार वार्ता के वक़्त का एक छोटा वीडियो क्लिप पोस्ट किया है.

अपनी पोस्ट में ममदानी ने लिखा, "शहर की राजनीति में न्यूयॉर्क में कामकाज़ी लोग पीछे छूट गए हैं. दुनिया के सबसे धनी शहर में, पांच में से एक व्यक्ति 2.90 डॉलर का ट्रेन या बस का किराया भी नहीं दे सकता. मैंने आज राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि अब समय आ गया है कि इन लोगों को फिर से हमारी राजनीति के केंद्र में लाया जाए."

मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं ने पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए. एक रिपोर्टर ने दोनों नेताओं को याद दिलाया कि ट्रंप ने न्यूयॉर्क में चुनाव के दौरान ममदानी को कम्युनिस्ट कहा था और ममदानी ने राष्ट्रपति को तानाशाह.

लेकिन दोनों नेता इस दौरान अपने सभी पिछले बयानों के बारे में पूछे गए कई सवालों को टालते और एक-दूसरे की तारीफ़ करते देखे गए.

फासीवाद पर सवाल, ममदानी ने क्या कहा?

ममदानी से एक सवाल ये पूछा गया कि क्या वो राष्ट्रपति को फासीवादी मानते हैं.

ममदानी ने इस सवाल का जवाब देना शुरू ही किया था कि ट्रंप ने उन्हें बीच में टोककर उनके हाथ पर हल्के से थपथपाया और मुस्कुराते हुए कहा, "ठीक है, आप बस हां कह सकते हैं. यह समझाने से ज़्यादा आसान है."

इसके बाद एक पत्रकार ने ममदानी से सवाल किया कि कुछ वक्त पहले उन्होंने ट्रंप को तानाशाह शासक कहा था और उन पर फ़ासीवादी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया था. पत्रकार ने पूछा कि क्या ममदानी अपनी टिप्पणी वापस लेने के बारे में सोच रहे हैं.

इस सवाल के जवाब में ममदानी ने कहा, "राष्ट्रपति और मैं दोनों अपनी स्थिति और विचारों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं. मैं राष्ट्रपति की जिस बात की सबसे ज़्यादा सराहना करता हूं, वह यह है कि हमारी मुलाक़ात असहमति के मुद्दों पर नहीं बल्कि हमारे साझा उद्देश्य को केंद्र में रखकर हुई."

उन्होंने कहा, "ये ज़रूरी है क्योंकि इससे 85 लाख लोगों की ज़िंदगी पर सकारात्मक असर पड़ सकता है. हमारे सामने महंगाई की चुनौती है, हर चार में एक व्यक्ति ग़रीबी में है. हमने मुलाक़ात के दौरान बार-बार इस पर बात की कि कैसे लोगों के लिए इस स्तर को बेहतर करने के लिए मिलकर काम किया जाए. कैसे उन्हें एक ऐसा शहर दिया जाए, जहाँ वो महंगाई की चिंता करने की बजाय चिंतामुक्त जीवन गुज़ार सकें."

वहीं इसके बाद ट्रंप ने कहा, "मुझे निरंकुश तानाशाह से भी बदतर कहा गया है, ये इतना भी अपमानजनक नहीं है. हो सकता है हम साथ काम करें तो वो मुझे लेकर अपनी सोच बदल दें."

जिहादी वाले सवाल पर ट्रंप का जवाब

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से एक सवाल ये किया गया कि रिपब्लिकन पार्टी में उनके साथ की एक सांसद एलिस स्टेफ़निक ने चुनाव प्रचार के दौरान ममदानी को "जिहादी" कहा था.

पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि "क्या आपको लगता है कि ओवल ऑफ़िस में आप किसी जिहादी के बगल में खड़े हैं?"

स्टेफ़निक की इस टिप्पणी को ट्रंप ने ख़ारिज करते हुए कहा कि ममदानी असल में एक "समझदार" व्यक्ति हैं.

स्टेफ़निक न्यूयॉर्क गवर्नर की रेस में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से उम्मीदवार थीं. उन्होंने सोशल मीडिया पर न्यूयॉर्क पोस्ट अख़बार के फ्रंटपेज की एक तस्वीर पोस्ट की और साथ में लिखा, "अगर वह जिहादी की तरह चलते हैं, अगर वह जिहादी की तरह बोलते हैं, अगर वह जिहादी की तरह प्रचार करते हैं, अगर वह जिहादियों का समर्थन करते हैं, तो वह जिहादी हैं."

इसी को लेकर ट्रंप से सवाल पूछा गया था. जवाब में ट्रंप ने कहा, "नहीं मैं ऐसा नहीं मानता. आप चुनाव प्रचार के दौरान कभी-कभी कुछ बातें कह देते हैं."

स्टीफ़निक के बारे में उन्होंने कहा "वह बहुत ही सक्षम हैं, इस बारे में आपको असल में उनसे पूछना चाहिए. लेकिन मैं जिस व्यक्ति से मिला हूं वो एक समझदार व्यक्ति हैं और न्यूयॉर्क का विकास चाहते हैं."

ममदानी की तारीफ़

ट्रंप और ममदानी की एक प्राइवेट मीटिंग हुई, जिसके बाद दोनों पत्रकारों के सामने आए और सवालों के जवाब दिए.

इस दौरान ऐसा स्पष्ट दिखा कि दोनों के बीच समझ बन गई है.

ममदानी अपने दोनों हाथ बांधे ट्रंप के बगल में खड़े दिखाई दिए. दोनों की, ख़ासकर ट्रंप की बॉडी लेंग्वेज काफ़ी सहज दिखी.

ट्रंप ने इस दौरान ममदानी पर कोई हमला नहीं किया बल्कि उन्होंने कई बार उनकी तारीफ की. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि वो "बेहतर मेयर बनेंगे".

उन्होंने कहा कि उन्हें "भरोसा है कि वो अच्छा काम करेंगे."

ट्रंप और ममदानी में कुछ समानताएं हैं. दोनों ही न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं और दोनों क्वींस को अपना घर बताते हैं.

ट्रंप का बचपन का घर जमैका एस्टेट्स के पड़ोस में है, वहीं ममदानी अभी एस्टोरिया में रहते हैं.

ममदानी ने कहा कि दोनों को न्यूयॉर्क शहर से "प्रेम" है.

इन दिनों ट्रंप न्यूयॉर्क के मैनहेट्टन में मौजूद अपने घर पर न के बराबर वक्त बिताते हैं लेकिन उन्होंने संवाददाताओं के साथ बातचीत में शहर के बारे में खुशी से काफ़ी कुछ कहा.

उन्होंने कहा कि "ये शहर अविश्वनीय हो सकता है. मुझे बहुत खुशी होगी अगर ये शानदार सफलता हासिल कर सकें. मुझे बेहद खुशी होगी."

एक वक़्त तो ट्रंप ने यहां तक कहा कि अगर उन्हें कोई और राजनीतिक जीवन मिलता तो वो खुद न्यूयॉर्क के मेयर बनना पसंद करते.

शुक्रवार को हुई मुलाक़ात में दोनों के बीच महंगाई को लेकर चर्चा हुई.

2024 में ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार में इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया था. हाल के वक़्त में अमेरिका में रोज़मर्रा के सामान की ऊंची दरों ने लोगों को प्रभावित किया है. इस बीच ट्रंप बार-बार आर्थिक स्थिरता को लेकर भरोसा देते रहे हैं.

लेकिन हाल में हुए चुनाव में जहां रिपब्लिकन इस मुद्दे पर पिछड़ते दिखे वहीं जीत डेमोक्रेट्स के हिस्से आई. अब आम लोगों और राजनेताओं को अगले साल होने वाले मध्यावधि चुनावों का इंतज़ार है. ये चुनाव ये तय करेंगे कि अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण किसका होगा.

अपने चुनाव प्रचार के दौरान ममदानी ने महंगे घरों की बात की थी और प्रस्ताव दिया था कि कुछ अपार्टमेंट्स के लिए किराए की दर को स्थिर किया जाए.

ममदानी ने कहा कि उन्होंने इसे लेकर राष्ट्रपति से चर्चा की है ताकि "न्यूयॉर्क के लोगों के लिए चीज़ें सस्ती और सुलभ हों."

रिपब्लिकन की रणनीति के लिए मुश्किल?

हालांकि माना जा रहा है कि अब भी ऐसे मुद्दे हैं जो इन दोनों राजनेताओं एक बार फिर दो महीने पहले वाली उस पोज़िशन में ले जा सकते हैं, जब दोनों एक-दूसरे पर तीखे ज़ुबानी हमले कर रहे थे.

एक पत्रकार ने ट्रंप और ममदानी से संघीय प्रवर्तन नीति को लेकर सवाल किया जिससे न्यूयॉर्क में डेमोक्रेट समर्थक और कुछ इमिग्रैंट समुदाय नाराज़ हैं

ममदानी ने इस बारे में कहा कि उन्होंने प्रवर्तन नीति पर न्यूयॉर्क में जिस तरह अमल किया जा रहा है, उस पर ट्रंप से बात की है.

वहीं ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इमिग्रेशन पर कम और अपराध पर अधिक बात की. उन्होंने कहा, "न तो वो अपराध बढ़ता देखना चाहते हैं और न ही मैं."

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में "कम संदेह था" कि इस मुद्दे पर दोनों के बीच सहमति बन पाएगी.

सभी को चौंकाते हुए ट्रंप ने ये तक कहा कि ममदानी के नेतृत्व वाले न्यूयॉर्क में रहकर वो सुरक्षित महसूस करेंगे.

लेकिन ट्रंप प्रशासन अवैध प्रवासन को लेकर सख़्त नीतियों पर अमल कर रहा है और डिपोर्टेशन के ऊंचे लक्ष्य बनाए जा रहे हैं. ऐसे में ये संभव है कि दोनों नेता इस मुद्दे पर एक बार फिर एक-दूसरे के विरोध में खड़े नज़र आएं.

इसके अलावा भी एक मुश्किल हो सकती है जो दोनों की राजनीति से अलग है.

रिपब्लिकन्स का कहना है कि 2026 में होने वाले मध्यावधि चुनावों में वो ममदानी का इस्तेमाल एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में कर, इसका फ़ायदा लेना चाहते हैं.

लेकिन शुक्रवार को ममदानी से हुई इस मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क के नए मेयर "कुछ कंज़र्वेटिव को सरप्राइज़ दे सकते हैं"

ऐसे में माना जा रहा है कि इससे आने वाले वक्त में रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति थोड़ी जटिल हो सकती है.

तीख़ी बयानबाज़ी से 'साझा हित' तक

मेयर का चुनाव जीतने के बाद दिए अपने भाषण में खुद को डेमोक्रेटिक समाजवादी कहने वाले ममदानी ने ट्रंप को "एक निरंकुश तानाशाह" कहा था.

वहीं ट्रंप ने चुनाव से पहले लोगों से अपील की थी कि वो ज़ोहरान ममदानी को वोट न करें.

शुक्रवार को ममदानी की ओवल ऑफ़िस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाक़ात से पहले राष्ट्रपति की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने कहा था "व्हाइट हाउस में एक कम्युनिस्ट आ रहे हैं क्योंकि डेमोक्रेट पार्टी ने उन्हें देश के सबसे बड़े शहर के मेयर के रूप में चुना है."

माना जा रहा था कि बीते दिनों की ये बयानबाज़ी दोनों की पहली मुलाक़ात में तनाव के रूप में दिख सकती है, लेकिन दोनों इस मामले में सभी को सरप्राइज़ किया. दोनों ने मुलाक़ात में मेल-मिलाप वाला लहज़ा अपनाया.

दोनों नेताओं ने बार-बार न्यूयॉर्क शहर में महंगाई के संकट से निपटने में अपने साझा हित पर ज़ोर दिया.

मुलाक़ात के दौरान दोनों मुस्कुराते रहे. इस दौरान जब पत्रकारों ने ट्रंप से चुनाव के दौरान ममदानी के उन पर की गई टिप्पणियों के बारे में पूछा, तो ट्रंप नाराज़ नहीं दिखे.

बैठक के लहज़े ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों को भी अचंभे में डाल दिया लेकिन इस मुलाक़ात ने ये संकेत दिया कि दोनों नेता अपनी राजनीतिक कामयाबी के लिए महंगाई के संकट से निपटने की अहमियत को समझते हैं.

ममदानी अगले साल जनवरी की पहली तारीख को मेयर का पदभार ग्रहण करने वाले हैं. ट्रंप और उनके बीच का ये अंदाज़ तब तक बना रहता है या नहीं यह देखना अभी बाकी है.

हालांकि इस मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने कहा है कि "मैं तब तक उनका उत्साहवर्धन करता रहूंगा."

9/11 का हमला जब हुआ था तो ज़ोहरान ममदानी नौ साल के थे और मैनहटन में रह रहे थे. कंजर्वेटिव यूथ के लीडिंग ग्रुप 'टर्निंग पॉइंट यूएसए' के संस्थापक चार्ली क्रिक ने भी ज़ोहरान ममदानी को 9/11 के हमले से सीधा जोड़ा था.

एक्स पर चार्ली क्रिक ने 25 जून को लिखा था, ''24 साल पहले मुसलमानों के एक समूह ने 2,753 लोगों की जान ले ली थी. अब एक मुस्लिम समाजवादी न्यूयॉर्क सिटी को चलाने की ओर बढ़ रहा है.''

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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