संसद की सुरक्षा में सेंध: कहां मिले थे प्रदर्शनकारी, कैसे बनाई थी योजना- प्रेस रिव्यू

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बुधवार को संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर पुलिस ने कहा है कि अभियुक्तों ने बहुत ही 'समन्वय' और 'सावधानी' के साथ ये सब करने की योजना बनाई थी.
इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को अभियुक्त बनाया है, जिनमें से पांच को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
सागर शर्मा और मनोरंजन डी. को संसद के अंदर, जबकि अमोल शिंदे और नीलम को पुलिस ने संसद के बाहर से हिरासत में लिया गया.
द टेलीग्राफ़ पर छपी ख़बर के अनुसार, पुलिस को शक है कि ललित और विक्रम नाम के दो और शख़्स इन लोगों के साथ मिले हुए थे.
इनमें से विक्रम को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस की टीमें अलग-अलग जगहों पर ललित की तलाश में दबिश दे रही हैं.
सागर शर्मा और मनोरंजन शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा के चैंबर में कूद गए थे और नारे लगाते हुए पीले रंग का धुआं छोड़ दिया था.
जब सदन के अंदर ये सब हो रहा था, संसद के बाहर अमोल शिंदे और नीलम ने भी पीले रंग का धुआं छोड़ा और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए.

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'सोशल मीडिया पर बनाई योजना'
ख़बर में पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए इन छह लोगों ने बहुत ही सावधानी से योजना बनाई थी.
वे इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक दूसरे के संपर्क में थे और यहीं पर उन्होंने योजना बनाई. अभियुक्तों ने कुछ ही दिन पहले योजना बनाई थी और रेकी भी की थी.
इनमें से पांच लोग संसद आने से पहले गुरुग्राम में विक्रम के घर पर रुके हुए थे. वे पांचों संसद के अंदर जाना चाहते थे लेकिन दो ही लोगों को पास मिल पाया था.
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि छह अभियुक्त पिछले चार साल से सोशल मीडिया के ज़रिये एक-दूसरे को जानते थे.
अधिकारियों ने बताया, “उनकी विचारधारा एक ही है और इसलिए उन्होंने सरकार को संदेश देने का फ़ैसला किया. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन्हें किसी संगठन से ऐसा करने के आदेश मिले थे.”
पूछताछ के दौरान अमोल शिंदे ने कहा कि वे लोग किसानों के आंदोलन, मणिपुर संकट और बेरोज़गारी के कारण नाराज़ थे, इसलिए इस घटना को अंजाम दिया.

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सरकार पर दबाव बनाएगा 'इंडिया' गठबंधन
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना दिखाती है कि सुरक्षा के इंतज़ाम पर्याप्त नहीं थे.
इन दलों ने तय किया है कि इस मामले पर सरकार पर दबाव बनाना है और वे गृहमंत्री अमित शाह से इस पर बयान की मांग करेंगे.
वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पर भी विचार कर रहे हैं.
विपक्षी दल इस मुद्दे पर भी आक्रामक हैं कि संसद के अंदर घुसने वाले दो लोगों को कथित तौर पर कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सिम्हा के नाम पर पास मिला था.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने इस घटना के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि गृह मंत्रालय को संसद की सुरक्षा की समीक्षा और सिम्हा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए.
इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने अपनी पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन का हवाला देते हुए सिम्हा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.
अख़बार के अनुसार, टीएमसी नेताओं सुदीप बंदोपाध्य और कल्याण बनर्जी ने कहा कि मोइत्रा को सिर्फ़ इसलिए निष्कासित कर दिया था क्योंकि उन्होंने संसद का लॉग इन पासवर्ड किसी बाहरी को दिया था.

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चूक के चार बड़े कारण
इस बीच इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि दो युवक आख़िर संसद के अंदर घुसकर हंगामा करने में कैसे कामयाब रहे.
संसद की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के हवाले से अख़बार लिखता है कि इसके लिए कई काऱण ज़िम्मेदार हैं.
इनमें चार मुख्य कारण हैं-
- सुरक्षाकर्मियों की कमी
- सदन और दर्शक दीर्घा के बीच कम ऊंचाई होना
- दर्शकों की संख्या में हाल के समय में बढ़ोतरी होना
- जूतों की चेकिंग न होना
अख़बार के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस के सुरक्षा विंग ने संसद के सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा के लिए हाल ही में एक बैठक भी आयोजित की थी.
यह बैठक खालिस्तान समर्थक अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से छह दिसंबर को दी गई संसद पर 13 दिसंबर या उससे पहले हमला करने की धमकी के बाद हुई थी.

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गृह मंत्रालय ने जांच के लिए बनाई कमेटी
बिज़नस स्टैंडर्ड की ख़बर के अनुसार, गृह मंत्रालय ने बुधवार की घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी का नेतृत्व सीआरपीएफ़ के महानिदेशक करेंगे.
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “लोकसभा सचिवालय की गुज़ारिश पर गृह मंत्रालय ने संसद की सुरक्षा में सेंध की जांच का आदेश दिया है."
"इसके लिए सीआरपीएफ़ के महानिदेशक अनीश दयाल के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई है. इसमें अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ भी शामिल होंगे.”
यह कमेटी सुरक्षा में सेंध के कारणों का पता लगाएगी और यह देखेगी कि कहां चूक हुई और आगे क्या क़दम उठाए जाने चाहिए.
प्रवक्ता ने कहा, “कमेटी जल्द ही सिफ़ारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगी कि संसद की सुरक्षा कैसे बढ़ाई जा सकती है.”
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