You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
हमास और इस्लामिक जिहाद के सैकड़ों लड़ाके गिरफ़्तार: इसराइल का दावा
इसराइल का कहना है कि उसने पिछले हफ़्ते हमास और इस्लामिक जिहाद संगठनों के 200 सदस्यों को गिरफ़्तार किया है और पूछताछ के लिए उन्हें इसराइल लाया गया है.
इसराइल ने एक बयान जारी करके बताया है कि कुछ संदिग्ध आम लोगों के बीच छिपे हुए थे और उन्होंने अपनी इच्छा से आत्मसमर्पण किया.
इसराइल ने कहा, ‘हमास के ख़ात्मे के इरादे से ग़ज़ा पर हमला करने के बाद से अब तक उसने 700 फ़लस्तीनी चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया है.’
सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास के लड़ाकों के हमले में 1200 लोगों की मौत हो गई थी और 240 को बंधक बना लिया गया था.
इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा में आक्रामक सैन्य अभियान छेड़ दिया था. हमास के तहत काम करने वाले ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इसराइली हमलों में अब तक 20 हज़ार लोग मारे गए हैं और क़रीब 50 हज़ार ज़ख़्मी हुए हैं.
हमास कहता है कि इसराइली सेना के इस अभियान में ज़्यादातर महिलाओं और बच्चों की मौत हो रही है.
'कोई जगह सुरक्षित नहीं'
इसराइल ने आम लोगों को इलाक़ा ख़ाली करते रहने के आदेश देते हुए ग़ज़ा पर लगातार बमबारी जारी रखी है.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि हाल ही में इसराइल की ओर से जारी ऐसे ही आदेश के चलते ग़ज़ा में क़रीब डेढ़ लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
राहत कार्य चलाने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनडब्ल्यूआरए के थॉमस व्हाइट ने लिखा है, “गज़ा में रहने वाले लोग इंसान हैं. वे शतरंज के प्यादे नहीं हैं. कई लोग तो बहुत बार विस्थापित हो चुके हैं.”
इसराइल के ताज़ा आदेश से बुरैज शरणार्थी कैंप पर असर पड़ा है. इन लोगों को दैर अल-बाला शहर की तरफ़ जाने के लिए कहा गया है जो कि ग़ज़ा के एकदम दक्षिण है.
ज़ियाद नाम के स्वास्थ्यकर्मी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि वह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कहां जाना है क्योंकि जाने के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है.
ग़ज़ा की पीड़ा के लिए हमास ज़िम्मेदार: इसराइल
फ़लस्तीनी समाचार एजेंसी वफ़ा ने शनिवार को बताया कि बुरैज पर भी हमले किए गए हैं.
एजेंसी ने बताया कि जबालिया और नुसरत कैंप पर अतिरिक्त हमले किए गए हैं और इनमें दर्जनों लोगों की मौत हुई है.
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के एक सलाहकार ने माना कि ग़ज़ा में ‘भयानक पीड़ा’ का दौर है, लेकिन बीबीसी से उन्होंने कहा है, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि हमास के नेतृत्व वाले इस इलाक़े में वहां की जनता की कोई परवाह नहीं की जाती.'
मार्क रेगेव ने कहा, “ये कष्ट नहीं होना चाहिए था लेकिन ऐसा हमास की ओर से सात अक्टूबर को जंग के एलान के बाद हुआ.”
शनिवार को इसराइली सेना और आंतरिक सुरक्षा सेवा शिन बेत के साझा बयान में कहा कि 200 लड़ाकों से पूछताछ के बाद 'ग़ज़ा में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल सैकड़ों संदिग्धों को गिरफ़्तार किया गया है.'
बीबीसी जंग के मैदान में अलग-अलग पक्षों की ओर से किए जा रहे सभी दावों की पुष्टि नहीं कर पा रही है. हालांकि, इसी महीने उस वीडियो की पुष्टि की गई थी जिसमें उत्तरी ग़ज़ा में दर्जनों फलस्तीनी पुरुषों को हिरासत में दिखाया गया था.
यूएन के प्रस्ताव पर आरोप-प्रत्यारोप
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष ने कहा है कि शुक्रवार को एक अहम प्रस्ताव पारित हुआ है, जो ग़ज़ा में मावनीय आपदा को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
शुक्रवार को परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें पूरे ग़ज़ा में मानवीय पॉज़ (जंग में अस्थायी ठहराव) और सुरक्षित गलियारे बनाने की बात कही गई थी.
इस प्रस्ताव पर मतदान कई दिनों तक चली चर्चा के बाद करवाया गया, ताकि इसराइल का अहम सहयोगी अमेरिका इसे पहले की तरह वीटो न कर दे.
लेकिन, इस प्रस्ताव में तुरंत संघर्ष विराम की बात शामिल नहीं थी.
अमेरिका और रूस इस प्रस्ताव पर मतदान से ग़ैर-हाज़िर रहे जबकि ब्रिटेन समेत उन 13 अन्य सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट किया, जो पिछले प्रस्ताव पर मतदान से ग़ैर-हाज़िर रहे थे.
इस प्रस्ताव में दोनों पक्षों से ग़ज़ा में रह रही फलस्तीनी आबादी को तुरंत राहत सामग्री और अन्य मानवीय मदद पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है.
हमास ने कहा कि यह क़दम नाकाफ़ी है और इससे ग़ज़ा की मानवीय ज़रूरतें पूरी नहीं हो पाएंगी. उसने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने 'इस प्रस्ताव की आत्मा को ख़त्म करने के लिए पूरा ज़ोर लगा दिया.'
इस प्रस्ताव में बिना शर्त सभी बंधकों की रिहाई की भी बात की गई है. इसराइली सेना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस प्रस्ताव की बातों को लागू करवाएं.
वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि इसराइल का अभियान ग़ज़ा में राहत सामग्री बांटने में सबसे बड़ी बाधा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)