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राहुल गांधी ने संसद में चक्रव्यूह-पद्मव्यूह और हलवे के सहारे बजट पर क्या कहा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पर सदन में जारी चर्चा में भाग लिया.
चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता ने पेपर लीक, अग्निवीर, किसानों के एमएसपी की मांग के साथ-साथ जातिगत जनगणना की बात की.
राहुल गांधी ने महाभारत युद्ध के चक्रव्यूह संरचना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें डर, हिंसा होती है और अभिमन्यु को फंसाकर छह लोगों ने मारा. उन्होंने चक्रव्यूह को पद्मव्यूह बताते हुए कहा कि ये एक उल्टे कमल की तरह होता है.
उनके इस बयान पर बीजेपी ने उनकी निंदा की है. बीजेपी ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर लिखा, "जिस कमल फूल को ब्रह्मा जी, लक्ष्मी जी और सरस्वती जी ने अपना आसन बनाया. पवित्रता के प्रतीक उसी कमल फूल को हिंसक बताकर राहुल गांधी ने एक बार फिर हिंदू धर्म का अपमान किया."
चक्रव्यूह-पद्मव्यूह पर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा था, “चक्रव्यूह का दूसरा नाम होता है पद्मव्यूह जो कमल के फूल के आकार में होता है. 21वीं सदी में एक नया चक्रव्यूह तैयार हुआ है और वो भी कमल के आकार में है, उसका चिन्ह प्रधानमंत्री जी अपने सीने पर लगाकर चलते हैं.”
“जो अभिमन्यु के साथ किया गया था वही हिंदुस्तान के साथ किया गया है. हिंदुस्तान के युवाओं, किसानों, माताओं-पिताओं, छोटे व्यापारियों के साथ किया गया है. अभिमन्यु को छह लोगों ने मारा था. आज भी चक्रव्यूह के बीच में छह लोग हैं. चक्रव्यूह को नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी, मोहन भागवत जी, अजित डोभाल जी, अंबानी और अडानी कंट्रोल कर रहे हैं.”
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी के भाषण की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें नियमों का नहीं पता है.
उन्होंने कहा, “लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने जिस तरह से लोकसभा स्पीकर पर अटैक किया और नियमों से बाहर जाकर बात की है. मैं उसका खंडन करता हूं. लोकसभा का विपक्ष का नेता बहुत बड़ी संवैधानिक ज़िम्मेदारी होती है. ज़िम्मेदारी भरे पद पर बैठकर ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान देना ये बहुत ग़लत बात है.”
“सदन नियम से चलता है और स्पीकर कस्टोडियन ऑफ़ हाउस होता है. आज बार-बार राहुल गांधी जी ने स्पीकर को ही अटैक करना शुरू किया. बजट की चर्चा में बजट के बारे में नहीं बात करके अनाप-शनाप बातें कर रहे थे. मैं ये समझता हूं कि संसद के अंदर 140 करोड़ जनता के प्रतिनिधि लोकसभा में बैठते हैं. और लोकसभा की कार्यवाही परंपराओं और नियमों से चलती है.”
“राहुल गांधी जी को बार-बार याद दिलाया गया है कि जो भी आप बात करें नियमों से करें. लेकिन नियम को ताक पर रखकर अनाप शनाप बातें की हैं. सदन, संविधान और देश से ऊपर कोई नहीं हो सकता है. राहुल गांधी जी ने अपने पद की गरिमा का ख़याल भी नहीं रखा है.”
राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को टोका और कहा कि जो शख़्स इस सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम न लिया जाए. उन्होंने कहा कि वो प्रतिपक्ष के नेता से अपेक्षा करते हैं कि वो सदन की नियम-क़ायदों और मर्यादा का पालन करें.
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि अगर वो चाहते हैं कि वो अजित डोभाल, अडानी और अंबानी का नाम न लें तो वो नहीं लेंगे.
राहुल गांधी ने बजट पर क्या कहा
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में डर का माहौल है और यह डर हमारे देश की हर चीज़ में फैल गया है.
राहुल गांधी ने कहा, "मिडिल क्लास इस बजट से पहले मोदी सरकार का समर्थन करता था. कोविड में मोदी जी के कहने पर उन्होंने सबसे ज़्यादा थाली बजाई. लेकिन बजट में उन्हें कुछ नहीं मिला. मिडिल क्लास अब आपको छोड़ने जा रही है और इंडिया गठबंधन को फ़ायदा होने जा रहा है."
"आपको मौक़ा मिलते ही आप चक्रव्यूह बना देते हो. हम चक्रव्यूह तोड़ने का काम करते हैं. देश के ग़रीब सपना ना देख पाएं. सिर्फ़ अंबानी और अदानी दो लोग भारत की अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करते हैं. इनके पास पोर्ट हैं, एयरपोर्ट हैं. इनका भारत के धन पर एकछत्र कब्ज़ा है."
राहुल गांधी ने बजट से पहले होने वाली हलवा सेरेमनी का फ़ोटो सदन में दिखाया. इस पर भी विवाद हुआ. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि वो पोस्टर सदन में नहीं लाने देंगे, इसकी अनुमति नहीं है.
विपक्ष के नेता ने कहा कि बजट का हलवा बंट रहा है और इस फ़ोटो में एक भी ओबीसी, आदिवासी, दलित अफ़सर नहीं दिख रहा है, देश का हलवा बंट रहा है और इसमें 73 फ़ीसदी आबादी है ही नहीं.
राहुल गांधी ने कहा, "देश में 73 फीसदी दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग हैं. ये देश की ताकत हैं. लेकिन सच्चाई है देश में इनको कहीं भी जगह नहीं मिलती है. इनको बिज़नेस में जगह नहीं मिलती है."
"20 लोगों ने भारत का बजट तैयार किया है. लेकिन उन 20 लोगों में सिर्फ एक अल्पसंख्यक है और एक ओबीसी है. पूरा देश जातिगत जनगणना चाहता है. दलित चाहते हैं, ओबीसी चाहते हैं, गरीब चाहते हैं. सब कुछ दो तीन फीसदी लोगों में बंट जाता है और बाकी लोग देखते रह जाते हैं."
राहुल गांधी ने कहा, "देश के लोगों को अभिमन्यु समझा जा रहा है. लेकिन वो अर्जुन हैं और वो आपके चक्रव्यूह को तोड़ देंगे. हिंसा, नफरत हिंदुस्तान का नेचर नहीं है."
"हम चक्रव्यूह तोड़ने का काम करते हैं. मनरेगा और संविधान की रक्षा की है और हम ये चक्रव्यूह तोड़ने का काम करते हैं. इससे देश में खुशी आती है. आप चक्रव्यूह बनाने का काम करते हैं.आप खुद को हिंदू कहते हो, लेकिन हिंदू धर्म को समझते नहीं हैं."
हिंदू धर्म का ज़िक्र और राजनाथ सिंह का जवाब
राहुल गांधी ने कहा कि शिव की बारात में कोई भी आ सकता है, नाच सकता है. गुरु नानक जी की बात करें तो सेवा में किसी को नहीं रोका जा सकता है. इस्लाम में मस्जिद में कोई भी आ सकता है लेकिन इनके (केंद्र सरकार) चक्रव्यूह में कोई भी आ सकता है.
राहुल गांधी के इस बयान के बाद बीजेपी ने एक बार फिर धर्म के अपमान का आरोप उन पर लगाया. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वो किसी का अपमान नहीं कर सकते हैं.
सदन में राहुल गांधी ने घोषणा की कि वो जातिगत जनगणना इसी सदन में पास करके दिखाएंगे. उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से ये चक्रव्यूह का सिस्टम टूट जाएगा.
राहुल गांधी के भाषण के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने बजट को लेकर भ्रांतियां पैदा की हैं. सेना से जुड़े अग्निवीरों को लेकर गुमराह किया जा रहा है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि वो अग्निवीरों को लेकर सदन में बयान देने को तैयार हैं.
राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद राहुल गांधी फिर खड़े हुए और उन्होंने कहा कि उन्होंने दिवंगत अग्निवीरों को सहायता राशि देने का मुद्दा उठाया तो फिर उन्हें ये राशि दी गई.
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि अग्निवीरों को इंश्योरेंस का पैसा दिया गया था न कि मुआवज़ा दिया गया था.
बीजेपी के प्रवक्ता नलिन कोहली ने राहुल गांधी के भाषण पर एक टीवी चैनल को कहा है कि वो दोहरे मापदंड की राजनीति करते हैं.
उन्होंने कहा, “ये बिल्कुल ग़लत हैं. और मैं ये स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ- मैं अंबानी जी या अदानी जी के प्रवक्ता के रूप में नहीं हूं. लेकिन ये दोनों उद्योगपति पांच साल पहले पैदा नहीं हुए हैं. लाखों लोगों को ये लोग नौकरियां देते हैं, करोड़ों रुपयों का कारोबार करते हैं जिससे भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ती है. और केवल यही दो नहीं हैं और भी उद्योगपति हैं.”
“राहुल गांधी जी दोहरे मापदंड की राजनीति तब होती है जब अडानी जी जाते हैं राजस्थान में कांग्रेस की सरकार में तो रेड कार्पेट बाहर आता है. और यहाँ पर बैठकर बड़े बड़े बयान दिए जाते हैं. आप उनका बहिष्कार क्यों नहीं करते. शादियां होती हैं तो आपके नेता वहां क्यों दिखते हैं. ये दोहरे मापदंड हैं.”
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