You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

हाथरस हादसे की वजह से विवादों में घिरे बाबा ने जारी की चिट्ठी

उन्होंने पत्र में लिखा, "मारे गए लोगों के परिवार के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं और घायल लोगों के जल्द ठीक होने के लिए प्रभु से प्रार्थना करता हूं."

सारांश

  • झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने दिया इस्तीफ़ा, हेमंत सोरेन ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
  • पीएम नरेंद्र मोदी में राज्यसभा में भाषण देते हुए कहा- मणिपुर में शांति बहाली की हर कोशिश जारी है.
  • उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है.
  • सीएम योगी पहुंचे हाथरस, भगदड़ में घायल हुए लोगों से की मुलाक़ात
  • कज़ाख़स्तान में एससीओ की 24वीं बैठक शुरू. व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग हो रहे शामिल लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी नहीं गए.
  • पीएम नरेंद्र मोदी मॉस्को जाने वाले हैं और क्रेमलिन का कहना है कि उनकी यात्रा की तारीखों का आने वाले दिनों में एलान होगा लेकिन यात्रा की तैयारियां आखिरी चरण में हैं.

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल

  1. हाथरस हादसे की वजह से विवादों में घिरे बाबा ने जारी की चिट्ठी

    उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में आयोजित एक सत्संग में मची भगदड़ से अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है.

    सत्संग के बाबा नारायण साकार हरि ने हादसे को लेकर एक पत्र जारी किया है.

    उन्होंने पत्र में लिखा, "मारे गए लोगों के परिवार के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं और घायल लोगों के जल्द ठीक होने के लिए प्रभु से प्रार्थना करता हूं."

    उन्होंने लिखा, "मैंने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है. मेरे जाने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने भगदड़ मचाई, जिसके संबंध में कार्रवाई के लिए एपी सिंह को अधिकृत किया गया है."

    वकील एपी सिंह ने कहा, "जिस तरह से असामाजिक तत्वों ने सोची समझी साज़िश के तहत, नारायण साकार हरि के मंच से जाने के बाद एक साज़िश के तहत भगदड़ मचाई, उसकी जांच हो. हम सरकार का धन्यावाद कर रहे हैं कि वो अच्छी तरह से जांच कर रहे हैं."

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "इस पूरी घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे कार्रवाई की जाएगी. प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा. इसकी तह में जाना आवश्यक है, ताकि पता लगाया जा सके कि इसका ज़िम्मेदार कौन है."

    बाबा पर एफ़आईआर नहीं होने के सवाल पर सीएम ने कहा कि एफआईआर हुई है और इसका दायरा बढ़ाया जाएगा.

  2. चीन ने अपने जलक्षेत्र से एक ताइवानी नौका को ज़ब्त किया

    चीन ने अपने जलक्षेत्र से एक ताइवानी नाव को जब्त किया है.

    चीन ने बताया कि उसने मंगलवार रात को अपने जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में एक ताइवानी नाव को ज़ब्त किया है.

    नाव में चालक दल के 5 लोग भी सवार थे. ताइवान ने चीन से नाव और उसमें सवार लोगों को छोड़ने के लिए कहा है. नाव पर दो ताइवानी और तीन इंडोनेशियाई नागरिक सवार थे.

    नाव दक्षिण-पूर्व में स्थित वेइतोऊ बंदरगाह पर पकड़ी गई है.

    ताइवान के अधिकारियों ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है कि नाव को उसके तट से करीब 5 किमी दूर चीन जल क्षेत्र के अंदर ज़ब्त किया गया है. चीन ने मई से अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन इस दौरान भी मछुआरे मछली पकड़ रहे थे.

    चीनी कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता लियू देजुन ने कहा, "मछली पकड़ने वाली नाव ने मछली पकड़ने पर रोक के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया और निषिद्ध क्षेत्र के भीतर अवैध रूप से घुसपैठ की."

    पकड़ी गई नाव के मालिक ने स्थानीय मीडिया को बताया, "उस समय समुद्र में मछली पकड़ने वाली 40 से 50 नावें थीं. मुझे नहीं पता कि उन्होंने मेरी नाव को क्यों निशाना बनाया. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. अगर आप बहुत करीब आ जाते थे तो वे आपका पीछा करके छोड़ देते थे."

  3. झारखंड: मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद क्या बोले चंपाई सोरेन

    चंपाई सोरेन ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

    इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हमारे गठबंधन की बात है. पिछले दिनों हमलोगों ने इसी तरह का विचार कर नेतृत्व परिवर्तन का निर्णय लिया था."

    उन्होंने कहा, "जब हम लोगों ने नेतृत्व परिवर्तन किया, तब मुझे मुख्यमंत्री पद का दायित्व मिला था. इसके बाद राजनीतिक घटनाक्रम हुआ और हेमंत बाबू वापस आ गए. हमलोगों ने फिर से हेमंत बाबू को गठबंधन का नेता चुना है. और मैंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है."

    चंपाई सोरेन ने कहा, "गठबंधन ने जो निर्णय लिया, हमलोगों ने उसी के अनुसार काम किया है."

    वहीं इस दौरान हेमंत सोरेन ने कहा, "माननीय मुख्यमंत्री ने सभी बातें कह दी है. अभी बहुत अफरा तफरी है, बाकी बातें हमलोग विस्तृत रूप से बता देंगे. जो भी प्रक्रिया है उसे हमलोगों ने पूरा कर लिया है."

    शपथ के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी बातें चरणबद्ध तरीके से बता दी जाएगी.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, झारखंड: चंपाई सोरेन ने दिया इस्तीफ़ा, हेमंत सोरेन ने नई सरकार बनाने का पेश किया दावा

    झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    रांची में मौजूद में बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रवि प्रकाश ने बताया कि बुधवार की शाम सीएम चंपाई सोरेन राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे. उनके साथ हेमंत सोरेन भी मौजूद हैं.

    हेमंत सोरेन ने विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा. साथ ही सरकार बनाने का दावा पेश किया है.

    इससे पहले चंपाई सोरेन के अवास पर इंडिया गठबंधन के विधायक दल की हुई थी.

  5. ब्रिटेन से LIVE: आम चुनाव के लिए मतदान से पहले ब्रिटेन में कैसा है माहौल

    आम चुनाव के लिए मतदान से पहले ब्रिटेन में कैसा है माहौल, बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और उनके साथ हैं देवाशीष कुमार. ब्रिटेन से LIVE देखने के लिए यहां क्लिक करें.

  6. इंदौर के एक आश्रम में पांच बच्चों की मौत, शुरैह नियाजी, भोपाल से बीबीसी हिंदी के लिये

    मध्य प्रदेश के इंदौर में मानसिक रूप से बीमार बच्चों के लिये चल रहे है एक आश्रम में पिछले कुछ दिनों में पांच बच्चों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई है.

    44 बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें से 6 बच्चों को आईसीयू में रखा गया है. मौत की सही वजह न तो प्रशासन बता रहा है और न ही आश्रम संचालक.

    प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.

    शहर के पंचकुइया में आश्रम युगपुरुष धाम है. यहां मंगलवार को सुबह बताया गया कि दो बच्चों की मौत हो गई है.

    इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने का सिलसिला शुरू हुआ. लेकिन शाम तक पांच बच्चे दुनिया को अलविदा कह चुके थे.

    इस वक़्त आश्रम के 29 बच्चों का इलाज चाचा नेहरू अस्पताल में चल रहा है.

    इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता बच्चों की जान बचाने की है.

    उन्होंने बताया, "आश्रम में बच्चों के खाने पीने को देखा जा रहा है. लेकिन मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होने की वजह से उनकी बीमारी को समझने में दिक्क़त आ रही है."

    उन्होंने बताया कि आश्रम में जो घटना घटी है उसकी हर पहलू पर जांच की जा रही है ताकि पता चले कि आख़िर बच्चों के साथ क्या हुआ था.

    सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश नारायण बड़कुल को हटा दिया गया है. इन्हें जांच के लिये भेजा गया था लेकिन उनका एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वो ठहाके लगाते हुए देखे गए.

    उसके बाद उनकी जगह प्रभारी डिप्टी कलेक्टर डॉ. निधि वर्मा को तैनात किया गया है.

    जानकारी के मुताबिक़ जिन बच्चों की मौत हुई है उनमें से दो बच्चों को मिर्गी के दौरे आते थे. मरने वालों की उम्र 5 साल से 15 साल बताई जा रही है.

    अभी प्रशासन का मानना है कि उनकी मौत की वजह फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इसलिये बच्चों को अब आश्रम में खाने और पीने पर रोक लगा दी गई है और उन्हें बाहर से खाना भेजा जा रहा है.

    वही माना जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जब तक नहीं आयेगी तब बता पाना मुश्किल है की आख़िर मौत की वजह क्या है.

    इस मामले में आश्रम की लापरवाही भी मानी जा रही है. जब पहले बच्चे की मौत 30 जून को हुई तो उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं दी.

    आश्रम को संचालित करने वाली डॉ. अनीता शर्मा ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है. उन्होंने यह भी कहा कि, "फूड पॉइजनिंग नहीं हो सकती है क्योंकि पूरे स्टाफ ने भी वही खाना खाया तो जो बच्चों ने खाया था."

    आश्रम में डॉक्टरों की टीम लगाई गई है जो हर बच्चे की जांच कर रही है. दिव्यांगता की वजह से बहुत से बच्चे बता नहीं पाते हैं कि उन्हें क्या तकलीफ़ है.

    मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को बच्चों के हाल चाल जानने के लिए अस्पताल भेजा है.

    दोनों ही मंत्रियों ने बच्चों से मुलाकात की, अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन किया. अस्पताल से निकलकर कैलाश विजयवर्गीय ने संस्था का बचाव किया.

    उन्होंने बताया, "ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चों को डायरिया था, इस वजह से यह हालात बनी है. इस तरह के बच्चों की यह एक मात्र संस्था है और इसे संभालने वाले लोग काफी कमिटेड हैं. इन बच्चों को संभालना आसान नहीं होता है. हमारी कोशिश होगी कि इस संस्था को अपग्रेड किया जाए और खाने की क्वॉलिटी को भी सुधारा जाए."

    जब उनसे इस मामले में संस्था की लापरवाही पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी पहली प्राथमिकता बच्चों को स्वस्थ करने की है.

    उन्होंने कहा कि, "आगे बच्चे ठीक हो जाए तो सीएसआर फंड से उन्हें अच्छी व्यवस्था करवाई जाएगी. अभी पूरे समय डॉक्टरों की मौजूदगी आश्रम में है ताकि बच्चों के बीमार होने की स्थिति में उन्हें फौरन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सके."

    वहीं, एक बात यह भी सामने आयी है कि आश्रम में 200 बच्चों के रहने की व्यवस्था है लेकिन वहां पर 206 बच्चे रह रहे हैं. ज्यादातर बच्चे प्रदेश भर से लाए गए हैं. इन बच्चों को लावारिस हालात में मिलने पर यहां पर लाया गया था. कुछ ही बच्चे हैं जिनके अभिभावकों की जानकारी आश्रम को है.

    इस आश्रम की शुरुआत 2006 में युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में हुई थी और तभी से यह चल रहा है. उसके बाद प्रदेश के दूसरे स्थानों से बच्चे आने की वजह से यहां पर बच्चों का आंकड़ा अब दो सौ के पार हो गया है.

  7. दक्षिण अफ़्रीका की नई गठबंधन सरकार के मंत्रियों ने ली शपथ

    दक्षिण अफ़्रीका की नई गठबंधन सरकार को केपटाउन में आयोजित एक समारोह में शपथ दिलाई गई.

    मई के चुनावों में सत्ताधारी पार्टी "अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस" (एएनसी) को बहुमत नहीं मिली थी.

    इसके बाद हफ्तों तक चली राजनीतिक बातचीत के बाद गठबंधन की सरकार बनाने पर सहमति बनी.

    राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के कैबिनेट में 32 मंत्री और 40 से अधिक डिप्टी शामिल किए गए हैं.

    गठबंधन के सबसे बड़े दल डेमोक्रेटिक एलायंस (डीए) को छह मंत्रालय दिए गए हैं.

    डेमोक्रेटिक एलायंस पार्टी, अधिक अपराध दर, सुस्त अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संकट से निपटने में विफल रहने के लिए एएनसी की लंबे समय से आलोचना करती रही है.

    चुनाव में राष्ट्रपति रामफोसा की पार्टी अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस अकेले शासन करने के लिए ज़रूरी 50 प्रतिशत वोटों से चूक गई थी.

    मई में हुए चुनावों में उनके निराशाजनक प्रदर्शन के बाद रामफोसा केवल डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) और दो छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करने की वजह से पार्टी नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बचे हुए हैं.

  8. राज्यसभा की कार्यवाही से पूरे विपक्ष ने किया वॉकआउट

    बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों ने सामूहिक तौर पर वॉकआउट कर दिया.

    विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सदन में ग़लत तथ्य रख रहे थे, लेकिन विपक्ष को सच्चाई सामने रखने का अवसर नहीं दिया गया.

    कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "यह सदन की मान्य परंपरा है. सदन में विपक्ष के नेता ने पुस्तकों और आँकड़ों के सहारे सही तथ्य सामने लाने के लिए बार बार प्रयास किया. प्रधानमंत्री ग़लत तथ्य रखते रहे लेकिन विपक्ष के नेता को अवसर नहीं मिला और सच्चाई सामने नहीं आने दी गई."

    "इसके बाद विपक्ष के नेता खड़गे के नेतृत्व में पूरे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जहाँ केवल झूठ बोला जा रहा था."

    दरअसल, बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में भाषण दे रहे थे. इसी भाषण को लेकर विपक्ष ने मोदी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने भाषण में कई ग़लत तथ्य रखे.

    मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर आंबेडकर के साथ भेदभाव का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस पार्टी शुरुआत से आरक्षण विरोधी रही है. बाबा साहब आंबेडकर को चुनावों में हरवा कर जश्न मनाया था.

    सदन से बाहर आने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि "बाबा साहब आंबेडकर ने संविधान के प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर कहा था कि इससे उन्हें बहुत हैरानी हुई थी. क्योंकि समिति में उनसे बेहतर और सक्षम लोग मौजूद थे."

    खड़गे ने आरोप लगाया कि वो अपनी बात रखने के लिए बार बार हाथ उठा रहे थे. उन्होंने ख़ुद प्रधानमंत्री से अपील की लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौक़ा नहीं दिया गया.

    खड़गे ने कहा, "आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइज़र में क्या-क्या लिखा गया वो सारी बातों को सामने रखना चाहते थे और प्रधानमंत्री के भाषण के हर झूठ को नोट किया था, लेकिन विपक्ष को एक मिनट का समय नहीं दिया गया."

  9. हाथरस हादसा: बाबा पर एफ़आईआर नहीं होने पर क्या बोले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में आयोजित एक सत्संग में मची भगदड़ से अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है.

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार दोपहर को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि इसकी जवाबदेही तय होगी और किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा.

    सीएम योगी ने बताया कि "मरने वालों में उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोग भी शामिल हैं."

    उन्होंने कहा कि "मैं जिन घायल लोगों से मिला, उन्होंने बताया कि हादसा कार्यक्रम के बाद हुआ. सज्जन (नारायण साकार हरि) के मंच से उतरने के बाद उन्हें छूने के लिए उनके पीछे भीड़ गई. इस दौरान लोग एक दूसरे पर चढ़ते गए. सेवादार भी श्रद्धालुओं को धक्का देते रहे. जिसकी वजह से ये घटना हुई."

    उन्होंने कहा कि "पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की गई. लेकिन जब प्रशासन घायल लोगों को अस्पताल ले जाने लगा तो ज़्यादातर सेवादार वहां से भाग गए."

    "इस पूरे घटनाक्रम के लिए हमने एडीजी आगरा के अंतर्गत एक एसआईटी गठित की है. जिसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी है. बहुत सारे ऐसे पहलू हैं जिनपर जांच होनी चाहिए."

    "हमारी पहली प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य के बाद आयोजकों को पूछताछ के लिए बुलाना और घटना के बारे में उनसे पूछताछ करना है. और फिर घटना की लापरवाही और ज़िम्मेदारों की जवाबदेही भी तय करना है. इसके लिए पहले ही एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी है."

    "इस प्रकार की घटना सिर्फ हादसा ही नहीं है. अगर हादसा भी है तो उसके पीछे कौन ज़िम्मेदार है, इसका भी पता लगाया जाएगा."

    "इन सबको देखते हुए सरकार ने तय किया है कि हम इसकी ज्यूडिशियल इनक्वायरी भी कराएंगे. और ज्यूडिशियल इनक्वायरी हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के अध्यक्षता में होगी जिसमें प्रशासन और पुलिस के रिटायर्ड अधिकारियों को भी रखा जाएगा. जो भी इसके लिए दोषी होगा उन्हें सजा होगी."

    उन्होंने कहा, "इस पूरी घटना में ज़िम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे कार्रवाई की जाएगी. प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा."

    "इसके तह में जाना आवश्यक है, ताकि इसका पता लगाया जा सके इसके पीछे कौन ज़िम्मेदार है."

    बाबा पर एफ़आईआर नहीं होने के सवाल पर सीएम ने कहा कि एफआईआर हुई है और इसका दायरा बढ़ाया जाएगा.

  10. मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में क्या कहा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में अपने भाषण में कहा है कि केंद्र सरकार मणिपुर में स्थिति को लगातार सामान्य करने की कोशिश में लगी हुई है.

    पीएम मोदी ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट में पाँच साल में जो काम किया है अगर पुरानी सरकार होती तो इस काम में एक पीढ़ी और गुज़र जाती.

    मोदी ने कहा है, "नॉर्थ ईस्ट में स्थायी शांति के लिए निरंतर प्रयास किए हैं, उसकी चर्चा कम हुई है लेकिन बहुत स्थायी परिणाम आए हैं. हमने राज्यों को साथ बैठाकर सीमा विवाद को ख़त्म करने की कोशिश की है."

    मोदी ने कहा है कि "मणिपुर के विषय में मैंने पिछले सदन में विस्तार से बात की है. आज मैं अपनी बात को दोहराना चाहता हूँ कि मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है. वहाँ जो कुछ भी घटनाएं घटी हैं, 11 हज़ार से ज़्यादा एफआईआर की गई है, 500 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं."

    मोदी ने दावा किया कि मणिपुर में लगातार हिंसा की घटनाएं कम हो रही हैं यानी शांति की आशा रखना संभव हो रहा है.

    उनका कहना है कि आज मणिपुर में आम दिनों कि तरह स्कूल चल रहे हैं दफ़्तर खुले हुए हैं.

    पीएम मोदी के मुताबिक़, केंद्र और राज्य सरकार सभी से बात करके शांति बहाली की कोशिश कर रही है. बीती सरकारों में ऐसा नहीं हुआ है.

    उन्होंने बताया कि गृह मंत्री वहाँ कई दिनों तक रहे, गृह राज्य मंत्री वहाँ रहे और सरकार के अधिकारी लगातार वहाँ जाते हैं और समस्या के समाधान के लिए हर प्रयास को बल दिया जा रहा है.

    मोदी ने बाताया है कि मणिपुर में अभी बाढ़ का संकट भी चल रहा है. आज ही एनडीआरएफ की दो टीम वहां पहुँची हैं.

    उन्होंने अपील की है कि सभी को राजनीति से ऊपर उठकर वहां की स्थिति को सामान्य करने की कोशिश करनी चाहिए.

    मोदी ने चेतावनी दी है कि जो लोग आग भी घी डालने का काम कर रहे हैं, एक दिन वहाँ के लोग ही उन्हें ठुकरा कर देंगे.

    अपने भाषण की शुरुआत में मोदी ने कहा कि दस साल की सेवा की वजह से ही देश की जनता ने उन्हें तीसरी बार शासन का मौक़ा दिया है.

    मोदी ने दावा किया है कि देश की जनता ने जी भरकर समर्थन दिया है. देश की जनता ने आशीर्वाद दिया है.

    मोदी का कहना था, "संसदीय परंपरा में दशकों बाद किसी सरकार को तीसरी बार मौक़ा मिला है. इस चुनाव में देशवासियों की विवेक बुद्धि पर गर्व होता है, देश की जनता ने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी है और भ्रम की राजनीति को ठुकराया है और भरोसे की राजनीति पर मुहर लगाई है."

    मोदी ने कहा है कि देश के सार्वजनिक जीवन में कई ऐसे लोग हैं जिनके परिवार का राजनीति से कोई सरोकार नहीं रहा है लेकिन महत्वपूर्ण पदों पर पहुँचकर देश की सेवा कर रहे हैं और इसका कारण बाबा साहब आंबेडकर का संविधान है.

  11. बाइडन ने बताया क्यों राष्ट्रपति पद की डिबेट में वो अच्छा नहीं कर पाए

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले हफ़्ते हुई राष्ट्रपति उम्मीदवार की डिबेट में अपनी कमज़ोर परफॉर्मेंस के लिए लंबी और थकाऊ हवाई यात्रा को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    बाइडन ने कहा कि डिबेट से पहले 'दुनिया भर में सफ़र करना ठीक फ़ैसला नहीं था.'

    उनका कहना था, “मैंने अपने स्टाफ की बात नहीं मानी और डिबेट के दौरान मंच पर लगभग सो गया.”

    81 साल के बाइडन 21 जून को एक यात्रा से लौटे थे और 27 जून को वो डिबेट में शामिल हुए थे.

    बाइडन का यह बयान ऐसे समय आया है जब नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के पहले डेमेक्रैट पार्टी के भीतर ही बाइडन की सेहत के कारण उनकी उम्मीदवारी को लेकर पैदा हुए असमंजस पैदा हो गया था.

    यही नहीं अमेरिकी राज्य टेक्सस के डेमोक्रैट नेता रेप लॉयड डागेट ऐसे पहले सांसद हैं जिन्होंने बाइडन को उम्मीदवारी छोड़ देने के लिए कहा.

    रेप लॉयड ने एक बयान में कहा था, “मुझे उम्मीद है कि बाइडन उम्मीदवारी को छोड़ने का मुश्किल फ़ैसला लेंगे.”

    बीते गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से पहले होने वाली पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट में बाइडन काफ़ी कमज़ोर नज़र आ रहे थे और वह ठीक से और स्पष्ट तरीक़े से अपनी बात नहीं रख पा रहे थे.

    इसके बाद से ही ये चर्चा शुरू हो गई कि क्या बाइडन को डेमोक्रैट उम्मीदवार होना चाहिए या नहीं.

    मंगलवार शाम को वर्जिनिया में फंड जुटाने वाले एक निजी कार्यक्रम में बाइडन ने अपनी यात्रा को लेकर कहा कि "यह कोई बहाना नहीं है लेकिन मैं स्पष्ट कर दूँ कि मेरे कमज़ोर प्रदर्शन के पीछे मेरी यात्रा ही ज़िम्मेदार थी."

    एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़ उन्होंने अपने प्रदर्शन के लिए माफ़ी भी मांगी.

    बाइडन ने पिछले महीने दो हफ़्ते के अंदर यूरोप की दो बार यात्रा की थी.

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने कहा था कि डिबेट के दिन बाइडन को ज़ुकाम था.

  12. हाथरस भगदड़ केस में एफ़आईआर दर्ज लेकिन ‘भोले बाबा’ का नाम नहीं

    उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुधवार को हाथरस में हुई भगदड़ के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है. ये केस सत्संग के आयोजकों के खिलाफ़ दर्ज किया गया है.

    सत्संग जिस नारायण साकार उर्फ़ भोले बाबा का था, उनका नाम एफ़आईआर में नहीं है

    एफ़आईआर में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों को नामज़द किया गया.

    एफ़आईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा105 (ग़ैर इरादतन हत्या), 110 (ग़ैर इरादतन हत्या की कोशिश), 126 (2) (ग़लत तरीके से रोकना), 223 (लोक सेवक द्वारा दिए गए आदेश की अवज्ञा), 238 (साक्ष्य मिटाना) के तहत दर्ज की गई है.

    मंगलवार को सत्संग में हुई भगदड़ में अब तक 121 लोगों की मौत हो गई है और कई लापता हैं.

    बुधवार को योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे और घायलों से ज़िला अस्पताल में मुलाकात की.

    सत्संग के लिए आयोजनकर्ताओं ने अनुमति मांगते हुए प्रशासन को बताया था कि क़रीब 80 हज़ार लोग सत्संग में हिस्सा लेंगे,लेकिन यहां पहुंचने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा थी.

    एफ़आईआर में कहा गया है कि आयोजकों की ओर ये कोई मदद और व्यवस्था नहीं की गई.

  13. सीएम योगी पहुंचे हाथरस, भगदड़ में घायल हुए लोगों से की मुलाक़ात

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंच गए हैं. मंगलवार को यहां एक सत्संग में हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं.

    सीएम योगी ने हाथरस के सरकारी अस्पताल भर्ती घायलों से मुलाक़ात की.

    उन्होंने हाथरस पुलिस के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की.

    ये भगदड़ नारायण साकार उर्फ़ भोले बाबा के सत्संग में हुई, जिसे अलीगढ़ से एटा को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 34 पर सिकन्द्राराऊ क़स्बे से क़रीब चार किलोमीटर दूर फुलराई गांव में आयोजित किया गया था.

    सत्संग के लिए आयोजनकर्ताओं ने अनुमति मांगते हुए प्रशासन को बताया था कि क़रीब 80 हज़ार लोग सत्संग में हिस्सा लेंगे,लेकिन यहां पहुंचने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा थी.

    चश्मदीदों और भक्तों के मुताबिक़,सत्संग समाप्त होने के बाद यहां आए श्रद्धालुओं में बाबा के चरणों की धूल इकट्ठा करने की होड़ मच गई और यही भगदड़ का कारण रही.

  14. ओली और नेपाली कांग्रेस ने मिलाया हाथ, ख़तरे में प्रचंड की कुर्सी

    नेपाल के दो राजनीतिक दल नेपाली कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल, जो एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हुआ करते थे, उन्होंने आपस में गठबंधन बना लिया है.

    इसका मतलब यह है कि नेपाल के मौजूदा प्रधानमंत्री प्रचंड की कुर्सी ख़तरे में पड़ गई है. इससे पहले प्रचंड का साथ नेपाली कांग्रेस का मिला था लेकिन प्रचंड ने ओली से हाथ मिला लिया था और नेपाली कांग्रेस अलग हो गई थी.

    अब नेपाली कांग्रेस और केपी शर्मा ओली साथ आ गए हैं और प्रचंड की सरकार अल्पमत में आ गई है.

    हालांकि प्रचंड ने प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया है.

    प्रधानमंत्री प्रचंड ने पद पर बने रहने और सदन में विश्वास मत हासिल करने की बात की है. प्रचंड के इस रुख़ से नई सरकार के गठन की प्रक्रिया में देरी हो सकती है.

    नए गठबंधन का शुरुआती नेतृत्व समझौते के अनुसार, यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली करेंगे फिर कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा सरकार का नेतृत्व करेंगे.

    नए नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल के गठबंधन को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि ये नई सरकार और अधिक मनमानी कर सकती है.

    जानकारों की राय है कि इस गठबंधन को दोनों दलों ने अपने फ़ायदे के लिए बनाया है, साथ ही ये भी संदेह जताया है कि संभवतः दोनों पार्टियां आपस में हुए सत्ता के हस्तांतरण के समझौते का भी पालन नहीं करेंगी.

    दोनों पार्टियों का कहना था कि ये फ़ैसला देश मेंं राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए किया गया है. हालांकि राजनीतिक विश्लेषक इसे राजनीति में 'अत्यंत अवसरवादिता' का नाम दे रहे हैं.

    प्रतिनिधि सभा में नेपाली कांग्रेस के 88 सांसद हैं जबकि सीपीएन-यूएमएल के 79 सांसद है और किसी एक दल को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं है.

    दोनों दलों के नेताओं की राय है कि वो अन्य दलों को भी शामिल करके देश में सर्वसम्मति की सरकार बनाने की कोशिश में हैं और आने वाले समय में चुनाव प्रणाली में सुधार को लेकर संवैधानिक संशोधन जारी रखेंगे.

  15. तस्वीरें: हाथरस में हादसे के बाद का मंज़र, रोते बिलखते लोग और लापता की तलाश

    उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में एक सत्संग कार्यक्रम में हुई भगदड़ में अब तक 122 लोगों की मौत हो गई है.

    मरने वालों में ज़्यादातर महिलाएँ और बच्चे हैं.

    सत्संग के लिए आयोजनकर्ताओं ने अनुमति मांगते हुए प्रशासन को बताया था कि क़रीब 80 हज़ार लोग सत्संग में हिस्सा लेंगे, लेकिन यहां पहुंचने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा थी.

    चश्मदीदों और भक्तों के मुताबिक़, सत्संग समाप्त होने के बाद यहां आए श्रद्धालुओं में बाबा के चरणों की धूल इकट्ठा करने की होड़ मच गई और यही भगदड़ का कारण रही.

    सत्संग में आए लोगों के परिजन अपनों को अस्पताल और घटनास्थल पर खोज रहे हैं. वो ज़िंदा हैं या नहीं इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं.

    चश्मदीदों के मुताबिक़, जो इस भगदड़ में गिरा वो उठ नहीं सका. दिन में हुई बारिश की वजह से भी मिट्टी गीली थी और फिसलन थी, इससे भी हालात और मुश्किल हो गए.

    आयोजन स्थल अलीगढ़ से एटा को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 34 पर सिकन्द्राराऊ क़स्बे से क़रीब चार किलोमीटर दूर फुलराई गांव में हैं. हादसे के बाद घटनास्थल बच्चों और महिलाओं के चप्पल पड़े हुए हैं.

  16. हाथरस भगदड़ हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 121 हुई

    उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले के सिकन्द्राराऊ क़स्बे के पास सत्संग कार्यक्रम में हुई भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 121 हो गई है. कई लोग अब भी लापता हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रशासन के हवाले से 121 मृतकों की लिस्ट जारी की है.

    मरने वालों में बड़ी तादाद में महिलाएँ हैं, जो नारायण साकार के सत्संग में आई थीं. आयोजन स्थल अलीगढ़ से एटा को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 34 पर सिकन्द्राराऊ क़स्बे से क़रीब चार किलोमीटर दूर फुलराई गांव में था.

    चश्मदीदों और भक्तों के मुताबिक़, सत्संग समाप्त होने के बाद यहां आए श्रद्धालुओं में बाबा के चरणों की धूल इकट्ठा करने की होड़ मच गई और यही भगदड़ का कारण रही.

    नारायण साकार उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व कर्मचारी रहे हैं और उनका नाम सूरज पाल हैं, उन्होंने 18 सालों तक स्थानीय खुफिया इकाई के साथ काम किया और 1990 में,जब वे एटा में तैनात थे तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा बन कर काम करना शुरू किया.

  17. हाथरस हादसाः नारायण साकार के चरणों की धूल को लेकर मची भगदड़, क्या कह रहे हैं श्रद्धालु- ग्राउंड रिपोर्ट

  18. हाथरस भगदड़: एक बुज़ुर्ग महिला की आपबीती

    उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले के सिकन्द्राराऊ क़स्बे के नज़दीक सत्संग कार्यक्रम में हुई भगदड़ में अब तक 116 लोगों की मौत हो गई है. कई लोग अब भी लापता हैं.

    सत्संग में आए लोगों के परिजन अपनों को अस्पताल और घटनास्थल पर खोज रहे हैं. वो ज़िंदा हैं या नहीं इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं.

    ऐसी ही एक महिला हैं, उर्मिला देवी जो अपनी बहू को एटा के अस्पताल में खोज रही हैं. उन्होंने बताया कि वह पांडाल के कई चक्कर लगा चुकी हैं लेकिन उनकी बहू कहां है, कोई पता नहीं चल पा रहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से हादसे के बारे में बात करते हुए वह कहती हैं, “बाबा तो चले गए लेकिन उनके पीछे भगदड़ मच गई, जो बिछड़ गए वो मिले नहीं. हमने जा कर अपनी बहू को खोजा, दो-तीन बार पांडाल गए कोई पता नहीं मिला. पता नहीं कितने लोग मरे है. मेरी बहू 16 साल की है, लेकिन कोई पता नहीं. पांडाल में बार-बार जा कर देखा है, रात भर वहीं रहे लेकिन कोई पता नहीं चला.”

    “अस्पताल में आए क्योंकि कहा गया एक लड़की है लेकिन वो भी हमारी बहू नहीं है. एक ही रास्ता है, आने जाने के लिये, इतनी भीड़ बढ़ गई. लोगों ने ही जल्दबाज़ी में धक्का दिया, जो गिर गया वो उठ नहीं पाया. मेरे ऊपर इल्जाम है, हम ही लेकर आए थे अपनी बहू को, घर पर सब नाराज बैठे हैं इसीलिए कोई आया नहीं यहां. हम डर और शर्म के कारण घर नहीं जा पा रहे हैं. पता नहीं कहां खोजें.”

  19. पीएम मोदी मॉस्को दौरे से पहले रूस ने कहा- हर मुद्दे पर होगी बात

    रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जब मॉस्को में मुलाकात होगी तो दोनो के बीच कोई भी मुद्दा ‘बातचीत के दायरे से बाहर’ नहीं होगा.

    पेस्कोव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की मॉस्को यात्रा की तारीख़ की घोषणा जल्द ही होगी. उन्होंने कहा कि यात्रा की तैयारियां आख़िरी चरण में हैं.

    रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने पेस्कोव के हवाले से बताया कि पुतिन और मोदी अपनी बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा,व्यापार जैसे एजेंडे पर बात करेंगे.

    एक सवाल का जवाब देते हुए पेस्कोव ने कहा, “हम (रूस और भारत) संयुक्त रूप से काम करने को लेकर चर्चा करेंगे. क्षेत्रीय मामले, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा हमेशा एजेंडे में सबसे ऊपर रहते हैं. इसके अलावा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग भी हमारी बातचीत का फोकस होगा. ”

    प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को "बहुत महत्वपूर्ण" बताते हुए पेस्कोव ने कहा कि रूस और भारत में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की "पारस्परिक राजनीतिक इच्छाशक्ति" है.

    पेस्कोव ने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंधों काफ़ी विश्वासपूर्ण हैं और उस देखते हुए हम उम्मीद कर सकते हैं कि एजेंडे में शामिल सभी मुद्दों पर विचारों साझा किए जाएंगे और ऐसे ही कई और मुद्दों पर बात होगी."

    मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो आठ जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी मॉस्को जा सकते हैं हालांकि उनके दौरे की तारीखों का कोई आधिकारिक एलान नहीं किया गया है.

  20. नमस्कार,

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है.

    2 जुलाई की बड़ी खबरों को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.