यूक्रेन युद्ध के 500 दिन: ज़ेलेंस्की की तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन से मुलाक़ात, किसने क्या कहा?

ज़ेलेंस्की

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यूक्रेन-रूस युद्ध को 500 दिन पूरे हो गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भरोसा जताया है कि रूस के ख़िलाफ़ उनके देश की जवाबी कार्रवाई कामयाब होगी.

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनका देश अपनी तमाम ज़मीन वापस हासिल करेगा. उन्होंने अपने तुर्की दौरे का ब्योरा भी दिया है.

जेलेंस्की ने शनिवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से इस्तांबुल में मुलाक़ात की.

रूस की अखंडता का समर्थन करते रहे तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने यूक्रेन के लिहाज से एक अहम बयान दिया है. अर्दोआन ने कहा है कि 'यूक्रेन नेटो का सदस्य बनने के काबिल है.'

जेलेंस्की ने चुनौतीपूर्ण समय में समर्थन करने के लिए तुर्की को धन्यवाद दिया.

जंग के पांच सौ दिन पूरे होने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने स्नैक आईलैंड से वीडियो पोस्ट किया है और इसके खास मायने माने जा रहे हैं. यह द्वीप रूस के ख़िलाफ़ यूक्रेनी सेना के प्रतिरोध का प्रतीक बन कर उभरा है.

रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत में ही स्नैक आईलैंड की सुरक्षा में तैनात यूक्रेनी सेना ने रूस के एक बेड़े से समर्पण करने के दिए गए आदेश को मानने से इनकार कर दिया था.

हालांकि इस द्वीप पर रूसी सैनिकों का कब्जा हो गया था लेकिन बाद में यूक्रेन की सेना ने यह आईलैंड उनसे छीन लिया था.

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जेलेंस्की का तुर्की दौरा

जेलेंस्की के तुर्की के दौरे के दौरान दोनों राष्ट्र प्रमुखों के बीच औद्योगिक और प्रौद्योगिकी से जुड़े कई समझौते भी हुए हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की नेटो में यूक्रेन को शामिल करने और अपने सहयोगियों से और अधिक हथियार पाने के लिए उन पर दबाव बनाने के लिए कई देशों के दौरे पर हैं.

जेलेंस्की ने तुर्की में कहा है कि हम वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं और यह ज़रूरी है कि तुर्की इस सम्मेलन के नेतृत्व करने वालों में रहे.

उन्होंने रूस के नियंत्रण से अपने कमांडरों को छोड़े जाने में तुर्की की भूमिका की सराहना की.

वहीं अर्दोआन ने यूक्रेन के पुनर्निर्माण में मदद देने का भरोसा दिया है.

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वीडियो में जेलेंस्की ने क्या कहा?

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जंग के 500 दिन पूरे होने पर जारी वीडियो में जेलेंस्की ने कहा है कि ये द्वीप यूक्रेन का 'विजय स्थल' है. उनके अनुसार, ''ये वो इलाका है, जिसे फिर कभी जीता नहीं जा सकेगा''

टेलीग्राम पर ये वीडियो कब पोस्ट किया गया है इसका पता नहीं चल पाया है. लेकिन इस वीडियो में जेलेंस्की ये कहते दिख रहे हैं कि यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी कब्जे से अपनी एक-एक इंच जमीन वापस लेगा.

इसके बाद जेलेंस्की ने बताया कि वो तुर्की गए थे, जहां से उन पांच कमांडरों को वापस लेकर लौटे थे.

रूसी सैनिकों ने इन कमांडरों को पिछले साल मारियोपोल के स्टील प्लांट में घुसे सैनिकों को बंधक बनाने के दौरान गिरफ़्तार किया था.

लेकिन बाद में युद्धबंदियों की अदला-बदली के तहत ये कमांडर छोड़ दिए गए थे और तब से वे तुर्की में रह रहे थे.

इन कमांडरों को किन हालात के तहत यूक्रेन लाया गया है, ये तो पता नहीं चल पाया है क्योंकि उनकी रिहाई के लिए जो सौदा हुआ था, उसकी शर्तों के मुताबिक़ उन्हें तुर्की में ही रहना था.

रूस ने इन कमांडरों की घर वापसी पर कहा है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रूसी न्यूज़ एजेंसी आरआईए से कहा है कि रूस को इन कमांडरों को छोड़े जाने के बारे में नहीं बताया गया है.

उन्होंने कहा, ''किसी ने हमें इस बात की जानकारी नहीं दी. समझौते के मुताबिक़, इन कमांडरों को युद्ध समाप्त होने तक तुर्की में ही रहना था.''

उन्होंने कहा कि नेटो की अगले सप्ताह मीटिंग है. उससे पहले तुर्की पर दबाव डाल कर उन्हें छोड़ा गया है.

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कैसे हुई थी कमांडरों की गिरफ़्तारी

रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के कुछ ही घंटों के दौरान ब्लैक सी में रूस के मोस्कवा बेड़े ने वहां मौजूद यूक्रेनी सेनाओं को सरेंडर करने को कहा था.

उस वक्त रूसी सेना के एक अधिकारी ने उन्हें समर्पण करने का आदेश देते हुए कहा था कि खून-खराबे से बचने के लिए वे तुरंत अपने हथियार डाल दें, नहीं तो उन्हें बम से उड़ा दिया जाएगा.

लेकिन यूक्रेनी सैनिकों ने उनकी बात मानने से इनकार करते हुए कहा था- 'भाड़ में जाओ'.

यूक्रेनी सैनिकों रूसी सैनिकों से भी ज्यादा सख्ते लहजे में यह जवाब दिया था. इसका वीडियो भी काफी वायरल हुआ था.

हालांकि रूसी सैनिकों ने स्नैक आईलैंड पर कब्ज़ा कर लिया था. बाद में यूक्रेनी सैनिकों को छोड़ा गया था, लेकिन बदले में रूसी सैनिकों को भी छोड़ना पड़ा था.

पिछले साल जून में यूक्रेनी सेना ने इस स्नैक आईलैंड पर दोबारा कब्जा कर लिया था.

यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार निगरानी टीम के उप प्रमुख नोएल काल्होन ने इस मौक़े पर कहा है कि इस युद्ध का 500वां दिन एक और भयानक मील का पत्थर है, जो यूक्रेन के नागरिकों पर बुरा असर डाल रहा है."

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक वहाँ लगभग 500 बच्चों सहित 9,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं. हालांकि उसने यह भी कहा है कि असल संख्या बहुत अधिक हो सकती है.

जेलेंस्की ने अपना यह बयान अगले सप्ताह लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में होने वाले नेटो के शिखर सम्मेलन से पहले दिया है. उम्मीद है कि इस सम्मेलन के एजेंडे में यूक्रेन युद्ध शीर्ष पर रहेगा.

जेलेंस्की उस सम्मेलन के पहले यूरोपीय देशों के नेताओं से मिलने के बाद अपनी राय रखी है.

टैंक

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उन्होंने इस ख़बर का भी स्वागत किया है कि अमेरिका अब यूक्रेन को क्लस्टर बम देगा. इस बम से नागरिकों के हताहत होने के ख़राब रिकॉर्ड के कारण दुनिया के 120 से अधिक देशों में प्रतिबंध लगा हुआ है.

यूक्रेन और रूस दोनों ही पूरे युद्ध के दौरान क्लस्टर हथियारों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका के निर्णय पर विवाद हो गया है.

जेलेंस्की ने ट्वीट करके बताया है कि अमेरिका का ताज़ा हथियार सौदा 'सही समय पर और बहुत जरूरी' है. उन्होंने ट्वीट में कहा कि यह आपूर्ति 'हमारी भूमि पर से कब्जा हटाने के लिए नए हथियार देगा.'

यूक्रेन ने रूस के कब्जे से अपना इलाका वापस लेने के लिए अपना जवाबी अभियान पिछले महीने शुरू किया था. ज़ेलेंस्की ने हालांकि कहा है कि इस दिशा में प्रगति धीमी रही है.

उसका प्रयास है कि देश के पूर्वी दोनेत्स्क और दक्षिण पूर्वी ज़ापोरीज़िया क्षेत्रों पर केंद्रित है, जबकि बखमूत शहर में भी धीमी प्रगति हुई है.

इस बीच रूस ने यूक्रेन में मिसाइल और ड्रोन से हमलों का अपना अभियान जारी रखा है, जिसमें शनिवार को पूर्वी दोनेत्स्क में कम से कम आठ लोग मारे गए.

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