विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' पर पीएम मोदी का तंज़, कांग्रेस का पलटवार

विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के नाम को लेकर प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी के तंज पर कांग्रेस समेत कई दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पीएम मोदी ने मंगलवार को बीजेपी सांसदों की बैठक में कांग्रेस समेत 26 विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' को निशाना बनाया.

संसद मानसून सत्र में पहली बार बीजेपी सांसदों की बैठक के बाद बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा,‘’पीएम ने कहा कि इंडियन नेशनल दल कांग्रेस एक अंग्रेज ने बनाई थी. ईस्ट इंडिया कंपनी भी अंग्रेजों ने बनाई थी. आजकल लोग इंडियन मुजाहिदीन भी नाम रखते हैं. इंडियन पीपुल्स फ्रंट भी रखते हैं.’’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को दिशाहीन करार दिया और कहा कि ऐसे लोग देश के नाम का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह नहीं कर सकते.

कांग्रेस समेत 26 विपक्षी दलों ने बेंगलुरू की बैठक में अपने गठबंधन का नाम 'इंडिया' (Indian National Developmental Inclusive Alliance) रखा था.

संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तनातनी के बीच मंगलवार को पहली बार अपनी पार्टियों के सांसदों के साथ बैठक की.

इसी बैठक में पीएम ने विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया पर टिप्पणी की थी.

रविशंकर प्रसाद ने पीएम की इस टिप्पणी की जानकारी देते हुए कहा "पीएम मोदी ने एक नई आशा जगाई है. दुनिया जानती है. विपक्ष भी ये समझता है लेकिन बार-बार विरोध करना. वो मान चुके हैं कि उन्हें सत्ता में नहीं आना है.’’

प्रधानमंत्री खुद दिशाहीन हो गए हैं : खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा, "हम मणिपुर के बारे में बात कर रहे हैं, जो जल रहा है लेकिन प्रधान मंत्री ईस्ट इंडिया (कंपनी) के बारे में बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भारत का मतलब ईस्ट इंडिया (कंपनी) है."

बाद में उन्होंने ट्वीट किया, '' आपको North East पर Act EAST Policy नहीं दिख रही, पर आपको EAST India Company दिख रही है . इस INDIA ने ही अंग्रेज़ों की East India Company को हराया था. इस INDIA ने ही Indian Mujahideen को भी हराया था.''

''आप मणिपुर में हो रही बर्बरता व भयावह हिंसा पर संसद में कब बयान देंगे ? मणिपुर के लोगों के घावों में मरहम लगाकर, वहां शान्ति कब बहाल करेंगे ? विपक्ष देश को दिशा दे रहा है. प्रधानमंत्री खुद ही दिशाहीन हो गए हैं.''

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी के 'इंडिया' पर दिए बयान "पीएम मोदी आप हमें चाहे जो बुलाएं, हम इंडिया हैं."

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "हम मणिपुर के जख़्म भरने में मदद करेंगे. हम मणिपुर की औरतों और बच्चों के आंसू पोछेंगे. हम मणिपुर के लोगों में प्यार और शांति को वापस लाएंगे. भारत के विचार को हम मणिपुर में फिर से बनाएंगे.''

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि ये साफ है कि प्रधानमंत्री "26 पार्टियों वाले भारत से बहुत परेशान हैं.''

उन्होंने कहा, '' पीएम एम का ये बयान न केवल लगभग मृत:प्राय राजग को नया जीवन देने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि आज सुबह अपने टिप्पणी के माध्यम से इसे एक नया नाम दे दिया है - राष्ट्रीय मानहानि गठबंधन.

''जब भी मोदी घिरते हैं वो यही रणनीति अपनाते हैं - इनकार करना, ध्यान भटकाना, तोड़ना-मरोड़ना. भटकाना और बदनाम करना.''

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है.

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "मिस्टर गांधी, यही बुनियादी पूर्वाग्रह दरअसल 'इंडिया' की समस्या है. भारत में हमारी निष्ठा प्रत्येक नागरिक के लिए है-चाहे वो मणिपुर हो, राजस्थान हो, पश्चिम बंगाल हो या असम.'' भारत जीतेगा, भारत को जीतना ही है."

‘इंडिया’ ने प्रधानमंत्री जी को 'नरभसा' दिया है : शिवानंद तिवारी

पार्टी के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने ट्विटर पर कहा कि "विपक्ष को कोसते-कोसते प्रधानमंत्री मोदी 'इंडिया' को ही भला बुरा कहने लग गये?"

पीएम मोदी के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "एक बात साफ़ है - अपनी घटिया ट्रोल आर्मी को निर्देश आप ही देते हैं. विपक्ष दिशाभ्रमित नहीं है - आप नैतिक दिवालियेपन के शिकार हैं."

उन्होंने कहा कि "ज़ुबानी जमा खर्च बंद कीजिए. हिम्मत जुटाइये और मणिपुर पर बोलिये."

आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा,'' ‘इंडिया’ ने प्रधानमंत्री जी को नरभसा दिया है. कैसे संभालें, कैसे मुक़ाबला करें ! उनके समझ की बत्ती यहां गुल हो गई है. इसलिए ‘इंडिया’ में कभी उनको ईस्ट इंडिया कंपनी तो कभी इंडियन मुजाहिद्दीन दिखाई दे रहा है.’’

उन्होंने कहा, ‘’ मोदी जी की दिमाग़ी हालत साबित कर रहा है कि इंडिया की मोदी जी पर पहली जीत तो हो गई. हर विषय पर प्रवचनी अंदाज़ में ज्ञान बघारने वाले मोदी जी के ज्ञान की बत्ती को इंडिया ने बुझने के कगार पर पहुंचा दिया है.’’

प्रधानमंत्री संसद में आकर जवाब दें भागे नहीं : तृणमूल कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर कहा, ‘’ ये बड़ी ही शर्मनाक बात है कि मजबूत विपक्ष के डर को छुपाने की कोशिश में उन्होंने इंडिया की तुलना एक चरमपंथी संगठन से कर दी

I.N.D.I.A मणिपुर पर जवाबदेही और उनसे जवाब की मांग करता है. प्रधानमंत्री को संसद में आकर जवाब देना चाहिए न कि इससे भागना चाहिए.

शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ''ये बड़े दुख की बात है कि प्रधानमंत्री हमारे देश इंडिया की तुलना चरमपंथी संगठन से कर रहे हैं.''

समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद जया बच्चन से जब पीएम मोदी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगी. वो इस देश के प्रधानमंत्री हैं, उनकी कुर्सी की इज़्ज़त करती हूं."

मणिपुर के मुद्दे पर जया बच्चन ने कहा, "मैं ये कहती हूं कि 2014 से पीएम मोदी और उनकी पार्टी की ओर से जो बयान दिए गए हैं, उनकी तुलना की जानी चाहिए आपको जवाब मिल जाएगा. आपके हर सवाल का जवाब मिल जाएगा."

जया बच्चन ने कहा, "मणिपुर के ऊपर भी पहले जो कहा था और जो आज कह रहे हैं. देख लीजिए. मैं कुर्सी की इज़्ज़त करती हूं, मैं उनके ख़िलाफ़ कुछ नहीं बोलूंगी."

मणिपुर को लेकर सरकार और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप

दरअसल मणिपुर में पिछले लगभग ढाई महीने से चल रही हिंसा पर विपक्षी दल प्रधानमंत्री से लगातार सदन में आकर बयान देने की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.

प्रधानमंत्री से सदन में जवाब देने की मांग को लेकर हुए हंगामे के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को निलंबित किया जा चुका है.

मणिपुर पर पीएम से संसद में बयान देने की मांग पर बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कहा था कि विपक्ष ही मणिपुर हिंसा पर चर्चा नहीं करना चाहता क्योंकि उन्हें राजस्थान और पश्चिम बंगाल में महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर बात करनी होगी.

मणिपुर में पिछले लगभग ढाई महीने से अधिक समय से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष के बीच दो महिलाओं के वीडियो वायरल हुए थे.

पिछले हफ्ते जारी इन वीडियो में इन महिलाओं को निर्वस्त्र परेड करवाते दिखाया गया था. वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दल प्रधानमंत्री से संसद में आकर मणिपुर पर बयान देने की मांग कर रहे हैं.

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