मणिपुरः 'महिला समूह ने मुझे अग़वा किया और पुरुषों को सौंप दिया', 18 साल की कुकी युवती के आरोप - प्रेस रिव्यू

मणिपुर के इंफाल ईस्ट में एक 18 साल की लड़की के अपहरण और गैंगरेप की 15 मई को हुई घटना अब सामने आई है.

‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ 21 जुलाई को कुकी समुदाय की लड़की की शिकायत के बाद ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की गई है.

इस एफ़आईआर के मुताबिक़ पीड़िता का कहना है कि उसे मैतेई महिलाओं के एक समूह ने, जिसकी उसने पहचान मीरा पैबिस (महिला मशालधारी), जिन्हें ‘मदर्स ऑफ़ मणिपुर’ भी कहा जाता है, ने पकड़ा और हथियारबंद पुरुषों के समूह को सौंप दिया.

बलात्कार पीड़ित लड़की को गंभीर हालत में पड़ोसी प्रांत नगालैंड के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था. ये लड़की शुक्रवार को कांगपोकपी पुलिस थाने पहुंची जिसकी बाद अपहरण, हत्या का प्रयास, गैंगरेप और एसटी एक्ट के तहत ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की गई.

अख़बार के मुताबिक़, इस मामले को अब इंफाल ईस्ट पुलिस ज़िले में स्थानांतरित कर दिया गया है.

मणिपुर में 3 मई को मैतेई और कुकी समूहों के बीच नस्लीय हिंसा शुरू हुई थी. उसके बाद से बलात्कार के कई मामले सामने आए हैं.

बुधवार को दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराये जाने का वीडियो सामने आने के बाद इस मामले में पीड़िता सामने आई है और एफ़आईआर दर्ज कराई है.

एफ़आईआर के मुताबिक़, 15 मई को शाम क़रीब पांच बजे चार लोगों ने बैंगनी रंग की एक कार में अग़वा किया और पीटा.

पीड़िता की आपबीती

युवती ने अपनी शिकायत में लिखा है, “उसके बाद उन्होंने मीरा पैबिस और कई स्थानीय लोगों को बुलाया, जिन्होंने बारी-बारी से मुझे मुक्के मारे. फिर मैंने सुना एक महिला कह रही थी कि अरामबाई तेंगोल को बुलाओ. इसके काली शर्ट पहने चार लोग आए, उनके पीठ पर कुछ लोगो बना था, सभी के पास हथियार थे.”

पीड़िता का कहना है कि दो पुरुष तीस वर्ष के लगभग उम्र के थे जबकि दो 50 के आसपास के थे.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़, पीड़िता ने अपनी एफ़आईआर में कहा है कि महिलाओं ने पुरुषों से स्पष्ट रूप से कहा था कि इसे मार दो. इसके बाद चारों लोग पीड़िता को एक अन्य कार में लेकर वहां से चले गए.

एफ़आईआर में पीड़िता ने कहा है, “वो लगातार मुझे मार रहे थे, बंदूकों की बट से मारा. फिर वो एक जगह लेकर गए जो पहाड़ी की चोटी पर थी, यहां उन्होंने मुझे मारने की योजना बनाई.”

पीड़िता के मुताबिक़ चार में से तीन लोगों ने एक और जगह ले जाकर बारी-बारी से बलात्कार किया.

पीड़िता ने लिखा है, “इस समय तक मेरे कानों, चेहरे और सिर से ख़ून बह रहा था और मेरे कपड़े खून में भीग गए थे.”

पीड़िता ने अपनी एफ़आईआर में बताया है कि बलात्कार करने वाले तीन लोगों और ना करने वाले अन्य व्यक्ति के बीच बहस हुई कि इस लड़की को मारना है या नहीं. इसी दौरान उनमें से एक ने कार मोड़ी जिससे टकराकर पीड़िता पहाड़ी पर लुढ़क गई और नीचे सड़क पर आ गिरी जहां एक ऑटो ड्राइवर ने उसे लिफ्ट दी और थाने पहुंचाया.

पीड़िता का कहना है कि थाने में सभी पुलिसकर्मी मैतेई थे, जिसके बाद उसने ऑटो ड्राइवर से ही घर छोड़ने की गुहार लगाई.

पीड़िता ने कहा है कि 16 मई को उसने इंफाल छोड़ दिया और फिर वो सेपोरमीना गांव पहुंची.

पीड़िता ने बताया है, “मुझे कांगपोकपी ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत ख़राब होने पर कोहिमा के अस्पताल भेज दिया गया.”

मिज़ोरम छोड़ रहे मैतेई, मणिपुर सरकार विमान भेजने को तैयार

दो कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र करके परेड किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद बढ़ रहे आक्रोश के बीच मिज़ोरम में रह रहे मैतेई समुदाय के लोग डरे हुए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ शनिवार से मैतेई लोगों ने मिज़ोरम छोड़ना शुरू कर दिया है.

इसी बीच मणिपुर सरकार ने कहा है कि वह प्रभावित लोगों को चार्टर्ड फ़्लाइट के ज़रिये मणिपुर लाने के लिए तैयार है.

मिज़ोमर का मीज़ो समुदाय मणिपुर के कुकी लोगों के साथ गहरा नस्लीय संबंध रखता है और पड़ोसी प्रांत मणिपुर के घटनाक्रम पर नज़र बनाये हुए हैं.

3 मई को शुरू हुई हिंसा के बाद से क़रीब साढ़े बारह हज़ार कुकी लोगों ने मिज़ोरम में शरण ली है.

ताज़ा तनाव शुक्रवार को भूमिगत मिज़ो राष्ट्रवादियों की तरफ़ से मैतेई लोगों के लिए जारी चेतावनी के बाद से पैदा हुआ है.

पीस अकॉर्ड एमएनएफ़ रिटर्नीज़ एसोसिएशन (पामरा) पूर्व मीज़ो राष्ट्रवादी फ्रंट मिलिशया समूहों का संगठन है.

पामरा ने एक बयान में कहा है कि कुकी ज़ो नस्लीय समूहों के ख़िलाफ़ हिंसा से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और अब मैतेई लोगों के लिए मिज़ोरम में रहना सुरक्षितन हीं होगा.

मिज़ोरम की राजधानी ऐज़वॉल में क़रीब दो हज़ार मैतेई लोग रहते हैं. इनमें सरकारी कर्मचारी, छात्र और श्रमिक शामिल हैं. इनमें से बहुत से असम की बराक घाटी के मूल निवासी हैं.

इस चेतावनी के बाद मिज़ोरम पुलिस ने मैतेई लोगों की सुरक्षा में पुलिस बल भी तैनात किए हैं.

हालांकि, शनिवार दोपहर तक कई मैतेई लोग मिज़ोरम छोड़कर जाने लगे थे.

चीन पर नज़र, भारत ने वियतनाम को सौंपी मिसाइल कोर्वेट

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत ने शनिवार को मिसाइल से लैस युद्धक जहाज़ आईएनएस कृपाण को वियतनाम को सौंप दिया है.

इस दौरान भारत के नौसेना प्रमुख आर हरी कुमार ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के विचारों के संमिलन पर ज़ोर दिया.

वियतनाम के काम रान में समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “भारत के हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण में वियतनाम एक अहम सहयोगी है. भारत के इंडो-पैसिफिक विज़न का मक़सद क्षेत्र में संबंध मज़बूत करना और गठबंधन विकसित करना है ताकि क्षेत्र को सुरक्षित और स्थिर रखा जा सके.”

चीन का नाम लिये बिना एडमिरल कुमार ने कहा, "हाल ही में '2030 की ओर भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी पर संयुक्त दृष्टि वक्तव्य' पर हस्ताक्षर करने से मौजूदा सुरक्षा सहयोग के दायरे और पैमाने में काफी वृद्धि होगी और यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी 'एकल' देश भारत-प्रशांत में अपने हितों की पूर्ति के लिए नियमों में एकतरफा बदलाव या गलत व्याख्या नहीं कर सकता है.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जून में वियतनाम के रक्षा मंत्री के साथ मुलाक़ात के दौरान 1450 टन वज़नी खुकरी क्लास की मिसाइल कार्वेट आईएनएस कृपाण को वियतनाम को तोहफ़े में देने की घोषणा की थी.

चीन पिछले कई सालों से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और वियतनाम के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन में अपने युद्धक जहाज़ और सर्वे जहाज़ भेज रहा है, जिससे इस पहले से विवादित क्षेत्र में और तनाव बढ़ रहा है.

90 मीटर लंबी मिसाइल कार्वेट आईएनएस खुकरी पर 12 अधिकारी और 100 नाविक तैनात रहते हैं. भारतीय नौसेना में 32 साल देने के बाद ये रिटायर हो गई थी और अब इसे सभी हथियारों के साथ वियतनाम को सौंप दिया गया है.

बेंगलुरु: टमाटर से लदी गाड़ी हुई चोरी

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बेंगलुरु में एक बोलेरो जीप को चुरा लिया गया. इसमें क़रीब दो लाख रुपये क़ीमत के टमाटर भरे हुए थे.

पुलिस के मुताबिक़ किसान चित्रदुर्ग ज़िले से कोलार बाज़ार के लिए टमाटर लेकर आया था.

पुलिस के मुताबिक़ यात्रा के दौरान बोलेरो एक अन्य कार से भिड़ गई थी जिसके बाद कार यात्रियों ने ड्राइवर और किसान के साथ बहस की और दस हज़ार रुपये की मांग की. कार सवार लोग किसान और ड्राइवर को ज़बरदस्ती एक अलग स्थान पर ले गये. यहां से जब किसान लौटा तो टमाटर से भरी हुई बोलेरो ग़ायब थी.

चोरी की गई गाड़ी में टमाटर से भरी हुई 210 क्रेट थीं जिनकी क़ीमत लगभग दो लाख रुपये थी.

पुलिस सीसीटीवी की मदद से चोरों को पकड़ने की कोशिश कर रही है.

भारत में इन दिनों टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं और देश के अलग-अलग शहरों में टमाटर अलग-अलग क़ीमतों पर बिक रहा है. अधिकतर शहरों में टमाटर की क़ीमत सौ रुपये प्रति किलो के क़रीब है.

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