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मॉस्को हमलाः 133 लोगों की मौत से शोक में डूबा रूस, अब तक क्या-क्या हुआ
- Author, एमिली एटकिंसन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
मॉस्को में शुक्रवार को हुए चरमपंथी हमले में कम से कम 133 लोगों की मौत के बाद रविवार को रूस में शोक दिवस मनाया जा रहा है.
ध्वज आधा फहराया जा रहा है, कई कार्यक्रम रद्द हो गए हैं और रूस के टीवी चैनलों ने अपने कार्यक्रमों का शेड्यूल बदल दिया है.
बंदूकधारियों ने क्रॉकस सिटी हॉल पर उस समय हमला किया था जब वहां एक कॉन्सर्ट होने जा रहा था. अंधाधुंध गोलीबारी के बाद हमलावरों ने हॉल को आग लगा दी थी.
इस हमले में कम से कम 140 लोग घायल भी हुए हैं.
चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. शनिवार को इस्लामिक स्टेट से जुड़े मीडिया समूह अमाक़ ने चारों हमलावरों की तस्वीरें जारी की थीं.
रूस ने अभी तक इस्लामिक स्टेट के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
इस्लामिक स्टेट समूह ने बाद में हमले के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीभत्स वीडियो भी जारी किए. बीबीसी
वेरीफ़ाई ने ऐसे ही एक वीडियो की पुष्टि की है जिसमें हमलावर कई लोगों पर गोलियां चलाता दिखाई दे रहा है. बीबीसी ने इस वीडियो को प्रसारित नहीं किया है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया है कि हमले में शामिल सभी चारों हमलावरों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
शनिवार को टीवी पर प्रसारित एक संदेश में पुतिन ने इस नरसंहार को ‘बर्बर आतंकवादी हमला’ बताते हुए आलोचना की है. ये रूस में बीते दो दशकों का सबसे बड़ा हमला है.
रूस की सुरक्षा सेवाओं ने बताया था कि हमलावरों ने यूक्रेन की तरफ़ भागने की कोशिश की थी. राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संदेश में इस दावे को दोहराया है.
वहीं, यूक्रेन का कहना है कि हमले में उसके शामिल होने के दावे बेतुके हैं.
यूक्रेन के मिलिट्री इंटेलिजेंस निदेशालय के प्रवक्ता आंद्री युसोफ़ ने बीबीसी से कहा, “ये कहना कि हमलावर यूक्रेन की तरफ़ जा रहे थे, का मतलब ये है कि वो या तो बेवकूफ़ थे या आत्महत्या करने जा रहे थे.”
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पुतिन पर इस हमले के लिए यूक्रेन को ज़िम्मेदार ठहराने का बहाना खोजने के आरोप लगाये हैं.
एक बयान में ज़ेलेंस्की ने कहा, “ये निकम्मे पुतिन, रूस के नागरिकों की रक्षा करने के बजाय, उन्हें संबोधित करने के बजाय, पूरे एक दिन ख़ामोश रहे- ये सोचते रहे कि इसके लिए यूक्रेन को कैसे ज़िम्मेदार ठहराया जाए.”
बीबीसी वेरीफ़ाई ने उन दो कथित हमलावरों के बारे में जानकारियों का मिलान किया है जो इस्लामिक स्टेट के जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में दिख रहे हैं.
रूस समर्थित कई टेलीग्राम चैनलों पर जारी की गई संदिग्धों की तस्वीरें इस्लामिक स्टेट के वीडियो में दिख रहे हमलावरों से मेल खाती हैं.
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का कहना है कि उसने इस महीने की शुरुआत में रूस को बताया था कि इस्लामिक स्टेट ‘बड़े स्तर के आयोजन’, जिनमें कॉन्सर्ट भी शामिल हैं, पर हमला कर सकता है.
उस समय रूस ने इस जानकारी को प्रोपेंडा और रूस के चुनावों में दख़ल का प्रयास बताकर ख़ारिज कर दिया था.
शनिवार को व्हाइट हाउस ने कहा था वह इस जघन्य हमले की निंदा करता है. अमेरिका ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट ‘एक साझा आतंकवादी दुश्मन है जिसे हर जगह हराया जाना चाहिए.’
मॉस्को के उपनगर में स्थित क्रॉकस सिटी हॉल पर हमले की ख़बरे स्थानीय समयानुसार शुक्रवार रात 8 बजे आना शुरू हो गईं थीं.
जिस समय हमला हुआ, हॉल में क़रीब 6200 लोग रूस के चर्चित पॉब बैंड पिकनिक का कॉन्सर्ट देखने के लिए जुटे थे.
ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में कई हमलावर कॉनकोर्स में घूमते हुए दिख रहे हैं. यहां ये लोगों पर गोलियां चलाते हैं, अपने हथियारों को फिर से लोड करते हैं और फिर हॉल में दाख़िल हो जाते हैं.
हमले के वक़्त लोग बदहवासी में चिल्लाते हुए और भागते हुए दिखाई देते हैं. कई लोग जान बचाने के लिए छुपने की कोशिश करते हुए भी दिख रहे हैं.
बंदूकधारियों से बचने की कोशिश कर रहे कुछ लोग छत की तरफ़ भागे जबकि बहुत से लोग बेसमेंट में दाख़िल हो गए.
कॉन्सर्ट देखने गईं चश्मदीद अनासतासिया रोडिनोवा ने घटना को याद करते हुए बताया, “वो बस चल रहे थे और चुपचाप सभी को गोली मार रहे थे. आवाज़ें गूंज रहीं थीं और हम समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हो रहा है.”
एक बालकनी से इस हमले को देखने वाले चश्मदीद विताली ने बताया “उन्होंने कुछ पेट्रोल बम फेंके, सब कुछ जलने लगा.”
हॉल के बाहर उठते धुएं ने आसमान को ढंक लिया. बाद में हॉल की छत और बाहरी हिस्सा आग में घिरा नज़र आया. रूस की समाचार सेवा तास के मुताबिक़ इमारत के लगभग एक तिहाई हिस्से को आग लगा दी गई थी.
कई अन्य लोगों ने बताया कि हमले के दौरान धमाके भी हुए, जिनकी आवाज़ से ऊपरी दो मालों के कांच टूट गए.
हमलावरों से निपटने के लिए रूस के विशेष सैन्य बलों की कई यूनिटों को मौके पर भेजा गया.
हेलीकॉप्टरों से आग बुझाने की कोशिश की गई. स्वास्थ्य टीमों और दर्जनों एंबुलेंसों को मौके पर भेजा गया.
रूस की जांच समिति का कहना है कि हमलावरों ने कॉन्सर्ट हॉल के हिस्सों को आग लगाने के लिए ज्वलनशील तरल पदार्थ का इस्तेमाल किया. अधिकतर लोगों की मौत गोली लगने और धुएं की वजह से उठी ज़हरीली गैसों के सेवन से हुई.
शनिवार को कॉन्सर्ट हॉल के बाहर एक अस्थायी मेमोरियल बनाया गया जहां मॉस्को के लोगों ने मोमबत्तियां लगाई और फूल चढ़ाए. बड़ी संख्या में लोग घायल हुए लोगों के लिए रक्तदान करने के लिए लाइनों में लगे नज़र आए.
मॉस्को और रूस के कई अन्य शहरों में इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्डों पर अकेले जल रही एक मोमबत्ती की तस्वीर डिस्प्ले की गई. इसके साथ लिखा था- ‘हम शोक में हैं.’
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