बल्लेबाज़ पानी पीने के लिए चला और रनआउट हो गया

क्रिकेट मैचों में अक्सर अजीबोगरीब घटनाएं होती रहती हैं, खासकर रन-आउट के दौरान.

ऐसी ही एक घटना बंगाल और सर्विसेज़ के बीच चल रहे रणजी ट्रॉफ़ी मैच में हुई, जिसमें बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके़ से आउट हो गए.

ख़ास बात यह है कि अभिमन्यु ने 81 रन बनाए थे और अपने 28वें प्रथम श्रेणी शतक के क़रीब थे, जब वह एक अजीब तरीके़ से रन आउट हो गए.

अभिमन्यु ईश्वरन रन आउट कैसे हुए?

जब ईश्वरन 81 रन पर थे, तब उन्होंने 41वें ओवर की आख़िरी गेंद का सामना किया. गेंद सीधे गेंदबाज़ आदित्य कुमार के पास गई.

इसी बीच, अभिमन्यु ने यह सोचकर क्रीज़ छोड़ दी कि गेंद डेड हो चुकी है और वह पानी पीने चले गए.

अभिमन्यु क्रीज़ से बाहर आए और पवेलियन की ओर पानी पीने के लिए चलने लगे. उनका इरादा रन बनाने का नहीं था. लेकिन गेंद गेंदबाज़ आदित्य की उंगली से लगकर सीधे स्टंप्स में जा लगी और बेल्स गिर गईं.

इस दौरान अभिमन्यु ईश्वरन क्रीज़ से बाहर थे, इसलिए अंपायरों ने अपील की. ​​मैदान पर मौजूद अंपायरों ने तीसरे अंपायर से राय ली और अंत में अभिमन्यु को आउट घोषित कर दिया गया.

अभिमन्यु ईश्वरन को इस तरह रन आउट होने से निश्चित रूप से निराशा हुई, लेकिन उन्होंने किसी भी विवाद में पड़ने से परहेज़ किया.

बाद में, अभिमन्यु ने अपनी ग़लती स्वीकार की और इस बात को ख़ारिज कर दिया कि विपक्षी टीम को उन्हें वापस बुलाना चाहिए था.

'यह मेरी ग़लती थी'

ईएसपीएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अभिमन्यु ने कहा, "मेरी पारी बहुत अच्छी चल रही थी. लेकिन मुझसे हुई ग़लती पर मुझे हैरानी भी हुई. कुछ लोगों को लग सकता है कि विरोधी टीम को खेल भावना दिखाते हुए मुझे वापस बुलाना चाहिए था, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह पूरी तरह से मेरी ग़लती थी. मुझे लगा कि गेंदबाज़ ने गेंद पकड़ ली है और मैं अपने आप आगे बढ़ गया."

क्रिकेट में ऐसा बहुत कम ही होता है जब कोई बल्लेबाज़ पानी पीने के लिए क्रीज़ छोड़कर पवेलियन की ओर जाता है और रन आउट हो जाता है.

22 जनवरी को बंगाल और सर्विसेज़ के बीच शुरू हुए रणजी मैच में, बंगाल ने पहली पारी में 519 रन बनाए जबकि सर्विसेज़ 186 रन पर ऑलआउट हो गई.

घरेलू क्रिकेट में इस तरह की रन-आउट की घटना दुर्लभ ही देखने को मिलती है, जिसमें कोई खिलाड़ी यह मानते हुए क्रीज़ से बाहर चला जाता है कि गेंद डेड हो गई है और बेल्स नॉन-स्ट्राइकर छोर पर गिर जाती हैं.

इस मामले में, बल्लेबाज़ का रन बनाने का कोई इरादा नहीं था. लेकिन गेंद के गतिहीन होने से पहले ही, वह क्रीज़ से बाहर की ओर चलने लगा और इसी दौरान गेंदबाज़ ने गेंद को हल्के से छू लिया, जिससे गेंद सीधे स्टंप्स से टकरा गई.

इस मैच में बंगाल ने सर्विसेज़ के ख़िलाफ़ पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. ईश्वरन और सुदीप चटर्जी ने पहली पारी में 151 रनों की साझेदारी की. सुदीप चटर्जी ने दोहरा शतक बनाकर टीम को मज़बूती प्रदान की.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)