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अब्राहम लिंकन से लेकर ट्रंप तक, अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर हुए हमलों का इतिहास
रविवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक रैली के दौरान गोलियां चलाई गईं.
इस दौरान एक गोली ट्रंप के दाहिने कान को छूते हुए निकल गई.
हमले में एक शख़्स की मौत और दो लोग घायल हो गए.
डोनाल्ड ट्रंप पर हुआ हमला सुरक्षा में एक भारी चूक माना जा रहा है और अमेरिकी एजेंसियां फिलहाल जांच में जुटी हैं.
एफ़बीआई ने गोलीबारी के लिए 20 साल के थॉमस मैथ्यू क्रुक्स को ज़िम्मेदार ठहराया है. अधिकारियों का कहना है कि हमला करने वाले थॉमस क्रुक्स को मौक़े पर ही मार दिया गया था.
अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी राजनेता पर जानलेवा हमला हुआ हो.
इससे पहले भी अमेरिका के कई अन्य राष्ट्रपतियों पर इस तरह के हमले हो चुके हैं.
इनमें से कुछ की मौत हो गई और कुछ ज़िंदा बच गए.
जिन राष्ट्रपतियों ने हमले में गंवाई जान
जॉन एफ़ कैनेडी (1963)
जॉन एफ़ कैनेडी अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति थे. 25 नवंबर, 1963 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. डलास यात्रा के दौरान वे एक खुली कार में जा रहे थे तभी उन्हें गोली मार दी गई थी.
गोली लगने के वक्त उनके साथ कार में मौजूद ख़ुफ़िया सेवा के कर्मचारी क्लिंट हिल ने बताया था कि कैनेडी की नीतियों को लेकर काफी विरोध था.
लेकिन सुरक्षा एजेंसियों से ऐसा कोई इनपुट नहीं मिला था कि राष्ट्रपति की जान को ख़तरा है. कैनेडी की हत्या के आरोप में ली हार्वी ओसवाल्ड नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था. ली हार्वी ओसवाल्ड एक पूर्व नौसैनिक और स्व-घोषित मार्क्सवादी थे. उन्होंने 1959 में सोवियत संघ की यात्रा की और 1962 तक वहां रहे थे.
वे मिंस्क में एक रेडियो और टीवी फैक्ट्री में काम करते थे और इसी शहर में अपनी पत्नी से उनकी मुलाकात हुई.
वॉरेन कमीशन को पता चला था कि कैनेडी की हत्या से दो दिन पहले हार्वी क्यूबा और रूस के दूतावासों में गए थे.
सिंतबर 1964 में प्रकाशित वॉरेन कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया कि ली हार्वी ओसवाल्ड ने ही टेक्सस स्कूल बुक डिपॉजिट्री बिल्डिंग से गोली मारी थी.
दो दिन बाद ओसवाल्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
कुछ लोगों का कहना है कि वहां पर दूसरा शूटर हो सकता है और अन्य कहते हैं कि यह संभावना है कि कैनेडी को पीछे से नहीं सामने से गोली मारी गई हो.
ओसवाल्ड के गालों पर किए गए पैराफिन टेस्ट में ये बात सामने आई थी कि उन्होंने बंदूक नहीं चलाई थी. हालांकि, इस टेस्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए गए थे.
अब्राहम लिंकन (1865)
अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति थे. लिंकन की 15 अप्रैल, 1865 को वॉशिंगटन डीसी के फोर्ड थिएटर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
अब्राहम लिंकन ने अपनी चुनावी अभियानों में दास प्रथा के प्रति अपने विरोध को खुल कर व्यक्त किया था.
अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में कई लोगों को डर था कि लिंकन चुनाव जीतने के बाद दास प्रथा को खत्म कर देंगे.
शायद यही वजह थी कि अमेरिका के दक्षिण में स्थित सात राज्यों ने अपना एक अलग फेडरेशन बना लिया. इस फेडरेशन में बाद में चार और राज्य शामिल हो गए. इन सभी राज्यों को सामूहिक रूप से कॉन्फेडरेसी कहा जाने लगा.
साल 1861 में अमेरिका में गृह युद्ध शुरू हो गया जो चार साल तक चला. युद्ध में 6 लाख अमेरिकी मारे गए. 9 अप्रैल, 1865 को कॉन्फेडरेसी के कॉन्फेडरेट जनरल रॉबर्ट ई ली के आत्मसमर्पण के बाद युद्ध समाप्त हो गया था.
उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी राज्यों के बीच छिड़े सिविल वॉर के रुकने के हफ़्ते भर बाद अब्राहम लिंकन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनके हत्यारे जॉन विल्क्स बूथ, कॉन्फेडेरसी के एक मजबूत समर्थक थे.
विलियम मैकिनले (1901)
विलियम मैकिनले अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति थे. उनकी हत्या किए जाने से पहले वह 4 मार्च, 1897 से 14 सितंबर, 1901 तक अमेरिका के राष्ट्रपति पद पर थे.
मैकिनले के कार्यकाल में 100 दिनों के युद्ध में अमेरिका ने क्यूबा में स्पेन को हराया था. फिलिपींस के मनीला और प्यूटो रिको पर कब्जा कर लिया था.
सितंबर, 1901 में प्रदर्शनी के दौरान जब वह पंक्ति में खड़े थे तब उनको गोली मार दी गई थी. उन्हें दो बार गोली मारी गई थी और आठ दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई थी.
राष्ट्रपति मैकिनले की हत्या के लिए मिशीगन के रहने वाले लियोन कोजोलगोज नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया गया था.
गिरफ़्तार होने के बाद कोजोलगोज ने कहा था कि "मैंने राष्ट्रपति मैकिनले को मार दिया क्योंकि मैंने अपना कर्तव्य पूरा किया है. मेरा ऐसा नहीं मानना है कि एक व्यक्ति के पास इतना ज्यादा काम हो और अगले के पास कुछ न हो."
जेम्स ए गारफिल्ड (1881)
जेम्स ए गारफिल्ड अमेरिका के 20वें राष्ट्रपति थे. उनका जन्म 1831 में ओहायो में हुआ था.
2 जुलाई 1881 को वॉशिंगटन के रेल रोड स्टेशन के बाहर एक व्यक्ति द्वारा उनको गोली मार दी गई थी. गंभीर रूप से घायल गारफिल्ड कई दिनों तक व्हाइट हाउस में थे.
टेलीफोन के खोजकर्ता एलेक्जेंडर ग्राहम बेल अपनी एक मशीन की मदद से गोली को खोजने का असफल प्रयास करते रहे.
सितंबर 6 को उन्हें न्यू जर्सी के पास एक जगह पर ले जाया गया. कुछ दिनों तक उनकी हालत में सुधार दिखा लेकिन 19 सितंबर 1881 को उनके घावों व ख़ून के आंतरिक स्राव से उनकी मौत हो गई.
राष्ट्रपति गारफिल्ड को गोली मारने व्यक्ति की पहचान चार्ल्स जे गाइटो के रूप में हुई थी.
अमेरिका के वे राष्ट्रपति जो जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे
रोनाल्ड रीगन (1981)
रोनाल्ड रीगन अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति थे. सोवियत यूनियन के पतन और शीत युद्ध की समाप्ति में इन्हें एक प्रमुख व्यक्ति माना जाता है.
रीगन का जन्म 6 फरवरी 1911 को इलिनोइस के टैपिंको शहर में हुआ था. रीगन हॉलीवुड के अभिनेता भी थे और इन्होंने 50 फिल्मों में काम किया था.
1942-45 के दौरान उन्होंने सेना में भी काम किया.
30 मार्च 1981 को उनके राष्ट्रपति बनने के 69 दिन बाद उन पर जानलेवा हमला किया गया था.
वॉशिंगटन के हिल्टन होटल के बाहर उन्हें गोली मार दी गई थी लेकिन उनकी जान बच गई थी. हमले में तीन अन्य लोग घायल हो गए थे.
गोली मारने वाले व्यक्ति की पहचान जॉन हिंकले जूनियर के रूप में हुई थी.
थियोडोर रूज़वेल्ट (1912)
थियोडोर रूज़वेल्ट अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थे. इनका जन्म 27 अक्टूबर 1858 में न्यूयॉर्क में हुआ था. ये एक रिपब्लिकन नेता थे.
1898 में रूज़वेल्ट को न्यूयॉर्क का गर्वनर बनाया गया था और 1900 में ये अमेरिका के उप-राष्ट्रपति बने थे.
1901 में राष्ट्रपति मैकिनले की हत्या के बाद इन्हें अमेरिका का राष्ट्रपति बनाया गया था. रूस-जापान युद्ध को खत्म करवाने के लिए इन्हें 1906 में नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था.
14 अक्टूबर, 1912 को अमेरिका के शहर मिलवाकी में चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें एक कट्टरपंथी द्वारा सीने में गोली मार दी गई थी.
रूज़वेल्ट हमले के कुछ दिनों बाद बाद ठीक हो गए थे. रूज़वेल्ट पर हमला करने वाले व्यक्ति की पहचान विलियम एफ श्रैंक के रूप में हुई थी.
डोनाल्ड ट्रंप (2024)
14 जुलाई, 2024 को पेन्सिलवेनिया के बटलर कस्बे में एक रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोलियां चलाई गईं.
इस जानलेवा हमले में एक गोली ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई. हमले के बाद ट्रंप के चेहरे पर खून के निशान भी दिखाई दिए.
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला करने वाले युवक को मौके पर ही सुरक्षा एजेंसियों ने मार दिया था.
हमलावर की पहचान बीस वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में हुई थी. युवक स्थानीय नर्सिंग होम के किचन में काम करता था.
सुरक्षा एजेंसियों ने डीएनए और फेशियल रिक्गन्जेशन तकनीक की मदद से हमलावर की पहचान की है.
युवक ने हमला करने के लिए राइफल का प्रयोग किया था. राइफल उसके पिता की है जो 6 महीने पहले खरीदी गई थी.
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