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चक्रवाती तूफ़ान दाना ने ओडिशा में दी दस्तक, पश्चिम बंगाल में भी हाई अलर्ट - जानें 10 बातें
चक्रवाती तूफान ‘दाना' ओडिशा के तटीय क्षेत्र से टकरा चुका है, जिसके बाद शुक्रवार सुबह तक इसका असर रहा और प्रभावित इलाकों में तेज हवाओं के साथ ज़ोरदार बारिश हुई.
आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तूफान पिछले छह घंटों में पंद्रह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा और फिर केंद्रपाड़ा जिले के भीतरकर्णिका और भद्रक जिले के धामरा के बीच पहुंचा. इस दौरान हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे थी.
ओडिशा में लगभग आधी जनसंख्या पर दाना का असर देखने को मिल सकता है. ओडिशा में 14 जिलों के दस लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है.
इसकी वजह से पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में भी तेज हवाएं चल रही हैं. दाना के असर की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो रही है तेज हवा चल रही है.
1. तेज़ हवाएं और बारिश
इसकी वजह से पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में भी तेज हवाएं चल रही हैं.
दाना के असर की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्की इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो रही है. तेज हवा चल रही है.
ओडिशा के भद्रक, केंद्रपाड़ा और बालासोर में अचानक हवा की रफ़्तार काफी बढ़ गई है. अब यहां 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से हवा चल रही है.
2. ओडिशा में सुरक्षा के इंतजाम
दाना के भीषण रूप लेने की आशंका को देखते हुए दोनों ही राज्यों में सरकारी मशीनरी हाई अलर्ट पर है.
ओडिशा मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और बाढ़ से पैदा हो सकने वाले संभावित प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं.
3. ओडिशा में छह लाख लोग निकाले गए
ओडिशा सरकार ने दाना प्रभावित इलाकों से निकाले गए लोगों को रखने के लिए 7200 साइक्लोन सेंटर बनाए हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आसन्न तूफान से निपटने के लिए ओडिशा सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है.
माझी ने बताया कि चक्रवात के मद्देनजर राज्य ने कुल 5.84 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और शुक्रवार सुबह तक यह संख्या छह लाख से अधिक हो सकती है.
माझी ने बताया कि 5.84 लाख लोगों को तटवर्ती जिलों के निचले इलाके के हाई रिस्क जोन से निकाला जा चुका है.
4. रुकी हुई हवाई यात्राएं अब शुरू
दाना तूफान आने की आशंका की वजह से कोलकाता और भुवनेश्वर के हवाई अड्डों पर रोक दी गई उड़ानें अब शुरू हो चुकी हैं.
कोलकाता के नेता सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पर सेवाएं बाधित हो गई थीं. तूफ़ान की लैंडफॉल प्रक्रिया के दौरान शहर में बारिश और तेज़ हवाएं चल रही हैं. इस वजह से इन्हें रोका गया था. लेकिन सुबह आठ बजे से यहां से उड़ानें शुरू हो चुकी हैें.
भुवनेश्वर का बीजू पटनायक एयरपोर्ट उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया था. लेकिन अब यहां भी शुक्रवार सुबह आठ बजे से उड़ानें शुरू हो गई हैं.
भुवनेश्वर के आंबेडकर बस अड्डे पर पर यातायात रोक दिया गया है.
भारतीय रेल ने इस क्षेत्र में चलने वाली करीब 150 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है. दोनों राज्यों के बड़े स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी जा सकती है.
5. पश्चिम बंगाल हाई अलर्ट पर
पश्चिम बंगाल भी हाई अलर्ट पर है. राज्य के कई तटीय ज़िलों से हज़ारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दाना के संभावित असर वाले जिलों में हालात पर निगरानी की जिम्मेदारी सचिव स्तर के अधिकारियों को सौंपी है. इलाके में कई कंट्रोल रूम खोले गए हैं.
6. राहत शिविरों में लोग
पश्चिम बंगाल में करीब एक हज़ार राहत शिविर खोले गए हैं.
इलाके के स्कूलों और सरकारी भवनों में भी लोगों के रहने-खाने का इंतजाम किया गया है.
पश्चिम बंगाल सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 22 कंपनियों को तैनात किया है.
इसके अलावा बड़ी तादाद में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है.
7. स्कूल-कॉलेज बंद
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दाना प्रभावित इलाकों में 26 अक्टूबर तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.
दाना की वजह से ओडिशा सिविल सर्विसेज परीक्षा 2023-24 की तारीख बढ़ा दी गई है. पहले ये परीक्षा 27 अक्टूबर को होनी थी. लेकिन अब परीक्षा की नई तारीख घोषित होगी.
पश्चिम बंगाल में उत्तर और दक्षिण परगना, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा, हुगली, हावड़ा में कक्षाएं बंद कर दी गई हैं.
8. एनडीआरएफ़, पुलिस और प्रशासन के इंतज़ाम
दोनों राज्यों में राहत और बचाव कार्यों के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं.
राहत शिविरों में भोजन की व्यवस्था की गई है. आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ़पी तैनात किया गया है.
एनडीआरएफ़ के जवान स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर लोगों को तूफ़ान के ख़तरे से आगाह कर रहे हैं.
बंगाल के सुंदरबन इलाके में एनडीआरएफ़ ने छोटी नावें चलाने से लोगों को मना किया है. इस क्षेत्र में स्थित सारे घाट बंद कर दिए गए हैं.
9. ओडिशा के भद्रक जिले में फिलहाल सबसे ज्यादा असर
फिलहाल ओडिशा के भद्रक जिले में दाना का असर ज्यादा दिख रहा है. यहां तेज हवाओं की वजह से कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं और सड़कें बंद हो गई हैं.
भद्रक के धामरा में तूफान में गिरे पेड़ों को हटा कर रास्ते साफ किए जा रहे हैं. एनडीआरएफकर्मी कई जगह रास्ता साफ करते देखे गए.
भद्रक के एडीएम शांतनु महांति ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, '' जिन इलाकों में ज्यादा ख़तरा है वहां से लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है. वो लोग साइक्लोन सेंटर में रखे गए हैं. बिजली और दूसरी जरूरी सेवाओं को बहाल करने की कोशिश हो रही है. फायर सर्विस, ओडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम अपने काम में लगी है. भद्रक में रेड अलर्ट जारी किया गया है.''
10. झारखंड में भी हाई अलर्ट
दाना की आशंका को देखते हुए झारखंड के भी कुछ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.
झारखंड के कोल्हान इलाकों- पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
रांची में मौसम विभाग के केंद्र के मुताबिक़ दाना की वजह से इस इलाके में तेज हवाएं चल सकती हैं और बारिश हो सकती है.
जमशेदपुर और चाईबासा में एनडीआरएफ की छह टीमें तैनात की गई हैं. वहीं राजधानी रांची में भी दो टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है
दाना की वजह से रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला और रामगढ़ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
कैसे रखा गया तूफान का नाम
चक्रवात दाना पिछले दो महीनों में भारतीय तट पर आने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान है. इससे पहले अगस्त के अंत में चक्रवात 'असना' ने प्रायद्वीप को प्रभावित किया था.
इस तूफान का नाम क़तर ने चुना है. यह नाम चक्रवातों के लिए बनाए गए मानकों के अनुसार रखा गया है.
वर्ष 2000 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन/एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग के तहत नामांकरण की शुरुआत की गई थी.
इस समूह में बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं, जिसका बाद में विस्तार करते हुए 2018 में इसमें पांच और देशों ईरान, क़तर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन को जोड़ा गया. डब्ल्यूएमओ नामों की एक पहले से तय सूची का इस्तेमाल करता है. उनको हर छह साल में बदला जाता है.
'दाना' शब्द को अरबी भाषा से लिया गया है. इसका अर्थ 'उदारता' है. चक्रवातों का नाम क्षेत्रीय शब्दों या नामों के आधार पर करने से तूफान-प्रभावित देशों के बीच जागरूकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में सहायता मिलती है. साथ ही इससे संचार और चेतावनी प्रणाली भी मजबूत बनती है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित