हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से 22 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में 22 लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा 13 लोग मंडी जिले में मारे गए गए हैं.
राज्य में मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 743 सड़कें बंद हो गई हैं. शिमला-चंडीगढ़ हाईवे शोगी के नजदीक बंद हो गई है.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बाढ़ की वजह से पिछले 24 घंटों में 22 लोगों की मौत हुई है. नौ लोग घायल हुुए हैं और छह लापता हैं. मंडी के डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिले में 13 लोगों की मौत हो गई और पांच लापता हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मृतकों के परिवार को सरकार की तरफ से मुआवजा देने का एलान किया गया है. उन्होंने कहा कि उनकी पूरी मदद की जाएगी.
पिछले 24 घंटों के दौरान मंडी, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, हमीरपुर समेत तमाम ज़िले प्रभावित हुए हैं. राज्य में बचाव और राहत कार्य के लिए शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मीटिंग हुई, जिसमें पिछले 24 घंटे में हुए नुकसान का जायजा लिया गया. रेवेन्यू विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 232 करोड़ रुपये जारी किए हैं ताकि राहत और बचाव का काम हो सके.
बाढ़ से पंजाब-हिमाचल बॉर्डर पर कांगड़ा ज़िले की चक्की नदी पर बना रेलवे पुल ढह गया. 800 मीटर का यह नैरो गेज रेलवे रूट ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था .यह रेलवे ट्रैक कई स्थानीय इलाकों को जोड़ता है.
बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 22 लोगों की मौत हुई है. मंडी के काशन गांव में भूस्खलन से आठ लोगों की मौत हो गई. भूस्खलन की वजह से इनका घर मिट्टी में दब गया.
ज़िला प्रशासन के मुताबिक अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मंडी ज़िले में कई रास्ते बंद हो गए हैं. हमीरपुर में बच्चों समेत 22 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे. इनमें से 19 लोग सुरक्षित निकाल लिए गए.