कोलकाता बलात्कार मामलाः अब तक क्या बातें मालूम हैं

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक अस्पताल में डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है.

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का ग़ुस्सा थम नहीं रहा है.

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

चिकित्सा शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "सोशल मीडिया पर होती बदनामी और जिसे वो अपनी बेटी मानते थे, उस डॉक्टर की मौत के कारण उन्होंने ये फैसला लिया. उन्हें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोके जाने की उम्मीद है."

उधर दूसरी ओर देश भर के सरकारी अस्पतालों में इस घटना को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है.

अभी तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्त घटना के बाद अपने घर गया था और कपड़े धोकर सो गया था.

गिरफ़्तार अभियुक्त सीधे तौर पर अस्पताल से नहीं जुड़ा है लेकिन अस्पताल में आता जाता रहा है. अभियुक्त कोलकाता पुलिस के साथ काम करने वाला एक वॉलंटियर है और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस का सहयोग करता है.

रविवार को कोलकाता पुलिस ने बताया है कि घटना के बाद अभियुक्त अपने घर चला गया था और वहां जाकर सो गया था. बाद में सबूत मिटाने के लिए उसने अपने कपड़ों को धो दिया था.

सेमिनार हॉल में महिला डॉक्टर की लाश

मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही महिला डॉक्टर की शुक्रवार सुबह सेमिनार हॉल में लाश मिली थी. डॉक्टर खाना खाने के बाद सेमिनार हॉल में ही सो गई थीं.

पुलिस के मुताबिक़, बलात्कार और हत्या की ये घटना रात तीन से सुबह छह बजे के बीच हुई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है कि घटनास्थल से ऐसे सबूत भी मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि पहले महिला डॉक्टर की हत्या की गई और फिर बलात्कार किया गया.

रविवार को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल पिछले तीन दिनों में दूसरी बार मेडिकल कॉलेज पहुंचे और यहां प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से मुलाक़ात की.

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से मुलाक़ात के बाद पुलिस कमिश्नर ने बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को सौंप दी गई है और इलाक़े में तैनात एक असिस्टेंट पुलिस अधिकारी को लापरवाही के लिए हटा दिया गया है.

वहीं, अस्पताल प्रशासन ने भी दो सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के लिए पद से हटा दिया है. ये दोनों ठेके पर अस्पताल में नौकरी कर रहे थे.

इस घटना को शुरुआत में पुलिस ने हत्या का मामला माना था लेकिन परिजनों के ज़ोर देने पर बलात्कार की धाराएं भी जोड़ी गईं.

पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, “मेरी बेटी कभी नहीं लौटेगी, लेकिन कम से कम जांच सही से हो.”

कैसे पकड़ा गया अभियुक्त

पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था और जांच शुरू होने के छह घंटे के भीतर ही अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

पुलिस को सीसीटीवी वीडियो के अलावा घटनास्थल से कुछ ऐसे सबूत मिले थे जो सीधे अभियुक्त तक ले गए.

पुलिस घटनास्थल से जुटाए सबूतों की मदद से अभियुक्त तक पहुंची. पुलिस को सेमिनार हॉल से एक टूटा हुआ ब्लूटूथ इयरफोन मिला था. ये अभियुक्त के फ़ोन से कनेक्ट हो गया.

इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में भी अभियुक्त अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग में सुबह क़रीब चार बजे दाख़िल होता हुआ दिखा. इस वक़्त अभियुक्त ने इयरफ़ोन पहन रखा था लेकिन जब क़रीब 40 मिनट बाद वो अस्पताल से निकला, इयरफ़ोन उसके कान में नहीं थे.

अभियुक्त कोलकाता पुलिस के साथ सिविक वॉलंटियर के रूप में काम करता रहा. उनकी तैनाती कई बार अस्पताल के बाहर बनी पुलिस चौकी पर रही है.

पुलिस के मुताबिक़, इसी वजह से अस्पताल में अभियुक्त का बेरोकटोक आना जाना था.

अभियुक्त 2019 में सिविक वॉलंटियर बने थे और उन्हें कोलकाता पुलिस के साथ अटैच किया गया था. अस्पताल के नज़दीक तैनाती होने की वजह से अस्पताल में अभियुक्त की पहचान थी.

पुलिस ने मीडिया को जानकारी दी है कि अभियुक्त पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन से भी जुड़ा था और इस वजह से अस्पताल में उसकी आसान पहुंच थी. वह अस्पताल में भर्ती होने वाले पुलिस कर्मचारियों के परिजनों की देखभाल भी करता था.

पुलिस का कहना है कि अभियुक्त को सख़्त से सख़्त सज़ा दिलाने का प्रयास किया जाएगा. पुलिस ने घटनास्थल से कई सबूत जुटाए हैं.

हालांकि, अभियुक्त की गिरफ़्तारी के बाद भी डॉक्टरों का ग़ुस्सा थम नहीं रहा है. शुक्रवार से ही अस्पताल परिसर में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं.

अस्पताल परिसर के भीतर डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़ा किया है.

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में बयान दिया है कि भले ही वो स्वयं मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ हों लेकिन इस मामले में अभियुक्त को मौत की सज़ा दिए जाने का समर्थन करेंगी.

उन्होंने ये भी कहा है कि यदि इस घटना की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराये जाने की ज़रूरत होगी तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं हैं.

गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात, कोलकाता के आरजी कार मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में सो रहीं एक युवा महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से ही अस्पताल के डॉक्टर और मेडिकल छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

डॉक्टरों का विरोध

आरजी कार मेडिकल कॉलेज पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है.

26 एकड़ में फैले इस अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए 1200 बिस्तर हैं जबकि ओपीडी में औसतन 2500 मरीज़ रोजाना आते हैं. इसके अलावा इमरजेंसी विभाग में भी एक हज़ार से अधिक मरीज़ रोज पहुंचते हैं.

इस बड़े अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद से देशभर के अस्पतालों में डॉक्टर सकते में हैं.

फ़ेडेरेशन ऑफ़ रेज़िडेंट डॉक्टर्स ने सोमवार को देशभर में ग़ैर ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने का एलान किया है.

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने भी सोमवार से अनिश्चित हड़ताल की घोषणा की है.

कई अस्पतालों की तरफ़ से जारी बयानों में सोमवार से ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड ड्यूटी बंद हो जाने की जानकारी दी गई है.

प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा और पीड़िता को इंसाफ़ दिलाने की मांग कर रहे हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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