फ़ुटबॉल के बाद गोल्फ़ में निवेश: सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का इरादा क्या है?
मिर्ज़ा एबी बेग
बीबीसी उर्दू डॉट कॉम, नई दिल्ली

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छह जून को गोल्फ़ के तीन सबसे बड़े टूर्नामेंट के विलय की ख़बर ने खेलों की दुनिया में हलचल मचा दी है.
इसके तहत पीजीए और डीपी वर्ल्ड टूर ने एलआईवी गोल्फ़ के साथ विलय की घोषणा की है जिस पर पेशेवर गोल्फ़र्स ने दुख और ग़ुस्सा जताया है क्योंकि एलआईवी गोल्फ़ सऊदी अरब से समर्थन प्राप्त संगठन है और इससे खेल की वर्तमान व्यवस्था को कथित तौर पर ख़तरा है.
इससे पहले दुनिया के सबसे प्रसिद्ध फ़ुटबॉलरों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी के सऊदी अरब की क्लब टीम में शामिल होने की ख़बरों पर चर्चा ख़त्म भी नहीं हुई थी कि फ़्रांस के स्ट्राइकर और रियल मेड्रिड की शान करीम बेनज़ेमा के अल इत्तिहद फ़ुटबॉल क्लब में हाल ही में शामिल होने की ख़बर की पुष्टि हुई है.
ऐसे में सवाल यह किया जा रहा है कि क्या सऊदी अरब दुनिया के खेल का नया केंद्र बन रहा है? लेकिन आलोचक इसे 'सऊदी स्पोर्ट्स वॉश' कह रहे हैं.
ब्रिस्टल स्पोर्ट के डीन रीपापोर्ट ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव को बताया कि खेल के प्रतिद्वंद्वी गुटों के साथ समझौते की घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने कई खिलाड़ियों से बात की.
उन्होंने कहा कि उनकी शुरुआती प्रतिक्रिया सदमे वाली थी जो बाद में दुख और ग़ुस्से में बदल गया.
वो कहते हैं, "बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने बहुत सारे पैसे को ठुकरा दिया था और अब वह हैरान हैं कि यह कैसा सौदा हो गया है?'
टेलीग्राफ़ समाचार पत्र के गोल्फ़ प्रतिनिधि जिमी कोरीगन ने कहा कि यह समझौता अविश्वसनीय हद तक गोपनीय रखा गया है.
उन्होंने कहा कि यह बड़ी गड़बड़ है और इसे ऐसे पेश कर रहे हैं जैसे उन्होंने विभिन्न गिरोहों में शांति स्थापित कर दी है. "लेकिन उन्हें अब भी बहुत लंबा सफ़र तय करना है."
कोरीगन ने कहा, "खेल को बढ़ावा देने और स्पोर्ट वॉश के बारे में भूल जाएं, यह सब पैसे और ताक़त का खेल बनकर रह गया है."
स्पोर्ट वॉश क्या है?

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स्पोर्ट वॉश एक ऐसी शब्दावली है जिसे किसी व्यक्ति, समूह, कॉर्पोरेशन या सरकार की ओर से खेल के ज़रिए अपनी बुराई पर पर्दा डालने की कोशिश के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
इसे प्रोपेगैंडा के एक रूप के तौर पर भी देखा जाता है और इसके तहत खेलों के मुक़ाबलों की मेज़बानी, खेलों की टीमों की ख़रीदारी या उन्हें स्पॉन्सर करने या किसी खेल में हिस्सा लेने के ज़रिए स्पोर्ट वॉश किया जाता है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके बारे में यह समझा जाता है कि मानवाधिकार के ख़राब रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार के मामलों से ध्यान हटाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.
बीबीसी स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार एमनेस्टी ने कहा है कि गोल्फ़ के टूर्नामेंट कराने वालों का विलय इस बात का एक और सबूत है कि सऊदी अरब अपने मानवाधिकार के रिकॉर्ड से दुनिया का ध्यान हटाना चाहता है.
सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त एलआईवी गोल्फ़ के साथ आश्चर्यजनक समझौते के बारे में खिलाड़ियों से राय नहीं ली गई और उन्हें मंगलवार को ही मीडिया के ज़रिए इस विलय का पता चला.
एलआईवी का समर्थन करने वाले सऊदी अरब पब्लिक इन्वेस्टमेंट फ़ंड (पीआईएफ़) के गवर्नर यासिर अल रुमैयान नए संगठन के अध्यक्ष होंगे. मंगलवार को मोनाहन ने उनका इंटरव्यू किया था.
बीबीसी के गोल्फ़ संवाददाता इयान कार्टर ने कहा कि पिछले साल तक जे मोनाहन एलआईवी या सऊदी अरब के शब्द कहने के लिए भी तैयार नहीं थे… लेकिन अब वह एक सोफ़े पर एक साथ बैठे हैं. उन्होंने पूछा, "क्या एलआईवी ने आज गोल्फ़ की दुनिया को ख़रीद लिया है?"
एलआईवी गोल्फ़ क्या है?

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एलआईवी गोल्फ़ एक स्टार्टअप संगठन है जिसका चेहरा दो बार के बड़े विजेता और पूर्व विश्व नंबर एक ग्रेग नॉर्मन हैं.
67 वर्ष के ऑस्ट्रेलियाई चैंपियन ग्रेग नॉर्मन एलआईवी गोल्फ़ इन्वेस्टमेंट के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव हैं.
सन 2021 के अंत में यह घोषणा की गई थी कि अगले दशक के दौरान वार्षिक 10 नए एशियन टूर इवेंट्स के लिए 200 मिलियन डॉलर से अधिक दिया जाएगा.
एलआईवी गोल्फ़ का बड़ा शेयर होल्डर सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फ़ंड (पीआईएफ़) है और इसने पिछले साल न्यूकासल यूनाइटेड के टेकओवर में मदद की थी.
पिछले साल मार्च में एलआईवी गोल्फ़ ने ढाई सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर के आठ इवेंट की इंविटेशन सिरीज़ की घोषणा की थी और फिर मई में नॉर्मन ने बीबीसी स्पोर्ट को बताया कि उसने सिरीज़ को सन 2024 तक 14 इवेंट लीग में बदलने के लिए पीआईएफ़ से और दो अरब डॉलर की फ़ंडिंग हासिल की है.
सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान की घोषणा

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सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार युवराज (क्रॉउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान ने मंगलवार को सऊदी स्पोर्ट्स क्लबों के पूंजी निवेश और निजीकरण की योजनाओं की घोषणा की है.
यह घोषणा उनके विज़न 2030 के हिस्से के तौर पर सामने आई है और इसका मक़सद राष्ट्रीय टीमों, क्षेत्रीय खेलों के क्लबों और हर स्तर पर खिलाड़ियों को उत्साह बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश को बढ़ावा देना है.
इस योजना के वर्तमान दौर में स्कीमों की मंज़ूरी और क्लब की मिल्कियत को बदलने के साथ-साथ कई स्पोर्ट्स क्लब का निजीकरण शामिल है.
इस प्रोग्राम को खेलों के क्षेत्र में पूंजी निवेश के अवसर और उचित माहौल पैदा करने, खेलों के क्लबों में पेशेवर महारथ के स्तर को ऊंचा करने और प्रबंधकीय और वित्तीय व्यवस्था के लिए बनाया गया है जबकि इसका मक़सद दर्शकों को बेहतरीन सेवा देने और श्रोताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना है.
क्लबों के स्वामित्व में बदलाव और उनके निजीकरण का मक़सद सन 2030 तक सऊदी अरब में विभिन्न खेलों के स्तर को बेहतर करना, क्षेत्रीय और विश्व स्तर पर खिलाड़ियों की एक बेहतर पीढ़ी बनाना है.
सऊदी अरब का स्वतंत्र निवेश फ़ंड देश के चार बड़े फ़ुटबॉल क्लबों का कंट्रोल संभालेगा जिसमें अल नस्र भी शामिल है. अल नस्र के लिए क्रिस्टियानो रोनाल्डो खेलते हैं. सऊदी सरकार ने कई सरकारी स्पोर्ट्स क्लबों के निजीकरण की योजना बनाई है.
इस बीच समाचार एजेंसी ने तीन दिन पहले यह ख़बर दी कि सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (पीआईएफ़) के पास देश के प्रसिद्ध फ़ुबॉल क्लब अल इत्तिहाद, अल अहली, अल नस्र और अल हिलाल का 75% हिस्सा होगा.

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खेल मंत्रालय ने शनिवार को ट्विटर पर सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए की एक रिपोर्ट के बाद कहा कि सऊदी अरब चौथी तिमाही से कई स्पोर्ट्स क्लबों का निजीकरण करने जा रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि खेल सऊदी सरकार के विज़न 2030 के आर्थिक विकास की योजना के स्तंभों में से एक है जिसका मक़सद नए उद्योगों का निर्माण और नौकरियां पैदा करना है और इन सबका केंद्र पीआईएफ़ है.
इससे पहले सन् 2019 में फ़ोर्ब्स की वेबसाइट पर एक स्टोरी छपी थी कि किस तरह सऊदी अरब ने देश की उत्तरी पश्चिमी सीमा पर तबूक राज्य में 500 बिलियन डॉलर की मेगा सिटी नियौम पर काम शुरू कर दिया है, जिसके केंद्र में स्पोर्ट्स होगा.
इस समाचार के अनुसार हालांकि नियौम शहर को बसाने पर होने वाली फ़ंडिंग के पैमाने ने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया है लेकिन इसके केंद्र में स्वास्थ्य और खेल है और इसके लिए उन्होंने जेसन बारबरो को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया है.
बारबरो का रग्बी वर्ल्ड कप, मैनचेस्टर में कॉमनवेल्थ गेम्स और लंदन 2012 ओलंपिक्स समेत विभिन्न प्रकार के खेल आयोजनों में काम करने का अनुभव है जो कि सऊदी अरब के इस प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा.
इस खबर में कहा गया है कि सऊदी अरब का मक़सद ओलंपिक गेम्स और विश्व चैंपियनशिप के लिए एक व्यावहारिक वैश्विक स्तर पर अपना एक स्थान बनाना है.
इससे पहले सन् 2019 में फ़ॉर्मूला ई सीज़न की शुरुआत रियाद में होने वाली रेस से हुआ था. दिसंबर में हैवीवेट बॉक्सर एंथोनी जोशुआ और एंडी रूइज़ के बीच मुक़ाबला सऊदी अरब में हुआ था. फ़ॉर्मूला वन (एफ़ 1) का मुकाबला सऊदी अरब में हो चुका है जो विवाद में रहा था.
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